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लेखक: space4knews

काठमाडौं के-कौन से बस्तियों में डोजर चलाया जाएगा?

समाचार सारांश

समीक्षित तथ्यांक सहित।

  • सरकार ने काठमांडू की २४ बस्तियों में डोजर चलाने का निर्णय लिया है।
  • डोजर चलाने वाले स्थानों में खाडीपाखा, नारायणटोल, रानीबारी, बालुवाटार, धुम्बाराही सहित कई क्षेत्र शामिल हैं।
  • जिला प्रशासन कार्यालय ने वैशाख १७ की शाम तक बस्ती खाली करने का निर्देश दिया है और वैशाख १८ की सुबह ७ बजे से बस्ती हटाना शुरू किया जाएगा।

१६ वैशाख, काठमांडू । सरकार ने काठमांडू की २४ बस्तियों में डोजर चलाने का निर्णय लिया है। काठमांडू महानगरपालिका के वडा नंबर ३ के अंतर्गत खाडीपाखा, नारायणटोल और रानीबारी तथा वडा नंबर ४ के बालुवाटार और धुम्बाराही बस्तियां हटाई जा रही हैं।

साथ ही, काठमांडू महानगरपालिका के वडा नंबर १० के देवीनगर, शान्तिविनायक और शंखमुल, वडा नंबर ११ के वंशीघाट, वडा नंबर १४ के जागरणमार्ग और बल्खु, वडा नंबर १५ के स्वयम्भु, वडा नंबर १६ के बुद्धज्योति और जागृति मार्ग, वडा नंबर २६ के संगम टोल, वडा नंबर २९ के अनामनगर और वडा नंबर ३२ के जड़ीबूटी मिलनचोक में भी डोजर चलाने का निर्णय जिला प्रशासन कार्यालय काठमांडू के एक अधिकारी ने दिया है।

उसी अधिकारी के अनुसार, कागेश्वरी मनोहरास्थित गोठाटार बुद्धचोक और मनोहरा टोल, बुढानीलकण्ठ के पाथिभरा और कपन की बस्तियों को भी हटाया जाना है। डोजर चलाने वाले कुछ स्थानों पर कल से सूचनाएं और माइकिंग भी शुरू कर दी गई है।

काठमांडू के नदी किनारों पर बनाए गए सभी अनाधिकृत बस्तियों को जिला प्रशासन कार्यालय ने वैशाख १७ की शाम तक खाली करने का आदेश दिया है। इसके बाद, वैशाख १८ की सुबह ७ बजे से वे बस्तियां हटाना शुरू कर दी जाएँगी, प्रशासनिक सूचना में कहा गया है।

सरकार ने पहले ही थापाथली, गैरीगाउँ (शान्तिनगर) और मनोहरा की बस्तियों में डोजर चला दिया है।

नेपालले ओमानसँग घरेलु मैदानमा लज्जास्पद हार भोग्यो

नेपालले आईसीसी विश्वकप क्रिकेट लिग–२ अन्तर्गत ओमानसँग १०२ रनले पराजित भएको छ। ओमानले ५० ओभरमा ८ विकेट गुमाएर ३०५ रन बनाएको थियो, जसमा जतिन्दर सिंहले १३० रन बनाए। नेपालका उपकप्तान दीपेन्द्रसिंह ऐरीले ६० रन बनाए पनि यो जितका लागि पर्याप्त हुन सकेन। १६ वैशाख, काठमाडौं।

आईसीसी विश्वकप क्रिकेट लिग–२ अन्तर्गतको खेलमा नेपाल ओमानसँग लज्जास्पद हार बेहोरेको छ। ओमानले दिएको ३०६ रनको लक्ष्य पछ्याएको नेपाल ३६ ओभर ५ बलमा ७ विकेट गुमाएर १५५ रन बनाउँदा वर्षा भएपछि खेल रोकिएको थियो। वर्षा नरोकिएपछि डीएल पद्धति अनुसार नेपाल १०२ रनले पराजित भयो। नेपालका लागि उपकप्तान दीपेन्द्रसिंह ऐरीले ६० रन जोडे, उनले ६२ बलमा ७ चौका र एक छक्का प्रहार गरे।

ओपनर कुशल भुर्तेल एक रनमा आउट भए, आसिफ शेखले १९, भीम सार्कीले २८, कप्तान रोहित पौडेल १०, बसिर अहमद १ र आरिफ शेख १४ रनमा आउट भए। गुल्सन झा १४ र सोमपाल कामी २ रनमा अविजित रहे। बलिङमा ओमानका नदीम खानले सर्वाधिक ३ विकेट लिए। शकील अहमदले २ र वासिम अली र इम्रान मोहम्मदले एक-एक विकेट लिए।

त्रिवि क्रिकेट मैदानमा टस जितेर ब्याटिङ रोजेको ओमानले निर्धारित ५० ओभरमा ८ विकेट गुमाएर ३०५ रन बनाएको थियो। ओमानका कप्तान जतिन्दर सिंहले शतक प्रहार गरे। उनले ९६ बलमा १३० रन बनाए, जसमा १५ चौका र ५ छक्का समावेश छन्। आशिष ओडेराले २३, नदीम खान १, हम्माद मिर्जा ३०, विनायक शुक्ला २३, जितेन रामानन्दी ४३, शकील अहमद ० र आर्यन विश्ट ३५ रनमा आउट भए। सिद्धार्थ बुकापटनम १ र वासिम अली १२ रनमा अविजित रहे। बलिङमा नेपालका लागि सोमपाल कामीले ४, सन्दीप लामिछाने र दीपेन्द्रसिंह ऐरीले समान रूपमा दुई विकेट लिए। सिरिजअन्तर्गत नेपालले आफ्नो तेस्रो खेल शुक्रबार युएईसँग खेल्नेछ।

दबाबमा राष्ट्रपति – Online Khabar

राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल पर दबाव, सरकार द्वारा अध्यादेश सिफारिश से उत्पन्न स्थिति

सरकार द्वारा संसद की अवहेलना करते हुए ५ अध्यादेशों की सिफारिश के बाद राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल संवैधानिक परिषद संबंधी अध्यादेश को लेकर दबाव में आ गए हैं। राष्ट्रपति पौडेल ने पहले संवैधानिक परिषद विधेयक को वापस भेजा था, जिसमें बहुमत निर्णय के प्रावधान संवैधानिक मान्यता के विरुद्ध थे। संवैधानिक परिषद संबंधी अध्यादेश में ३ सदस्यों द्वारा निर्णय लेने की व्यवस्था की गई है, जिसे राष्ट्रपति संवैधानिक एवं कानूनी परामर्श के बाद अनुमोदित या रोका जा सकेगा। १६ वैशाख, काठमाडौं।

सरकार द्वारा संसद को नजरअंदाज करते हुए एक साथ ५ अध्यादेशों की सिफारिश करने के बाद राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल पर दबाव बढ़ा है। एक ओर विपक्षी दल संसद की अवहेलना कर अध्यादेश लाए जाने पर राष्ट्रपति का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, संसद ने पहले ही संवैधानिक परिषद संबंधी विधेयक पारित कर राष्ट्रपति को भेजा था, जिसे राष्ट्रपति पौडेल ने वापस कर दिया था, और अब उसी विधेयक को अध्यादेश के रूप में जारी करने की बाध्यता का सामना करना पड़ रहा है।

सिफारिश किए गए अध्यादेशों का अध्ययन राष्ट्रपति कर रहे हैं। अध्यादेश के विषय में राष्ट्रपति कार्यालय और सरकार ने आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी है। लेकिन सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति सबसे अधिक संवैधानिक परिषद संबंधी अध्यादेश को लेकर दबाव महसूस कर रहे हैं। राष्ट्रपति कार्यालय के एक स्रोत ने कहा, “जिस विषय पर राष्ट्रपति ने पहले सवाल उठाकर विधेयक वापस किया था, सरकार ने वही विषय अध्यादेश लेकर आकर राष्ट्रपति को नैतिक संकट में डाल दिया है।”

अर्थमन्त्री डा. स्वर्णिम वाग्ले ने आर्थिक स्थितिपत्र में समस्याओं की सही पहचान में कमी दिखाई

अर्थमंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले ने १४ वैशाख को नेपाल का आर्थिक स्थितिपत्र प्रकाशित करते हुए अर्थव्यवस्था के विभिन्न आंकड़ों को ७५ बिंदुओं में प्रस्तुत किया है। पूर्व प्रधानमंत्री डा. बाबुराम भट्टराई ने इस स्थितिपत्र की सकारात्मक समीक्षा की है, लेकिन उन्होंने समस्याओं की सही पहचान और भविष्य के मार्गदर्शन में कमजोरी होने की बात कही है। विभिन्न विशेषज्ञों ने भी कहा है कि इस स्थितिपत्र में आंकड़े स्पष्ट हैं, फिर भी आर्थिक आत्मविश्वास की कमी और कार्यान्वयन योजनाओं के अभाव को समाहित नहीं किया गया है।

अर्थ मंत्रालय प्रतिवर्ष बजट से पहले जारी किए जाने वाले ‘आर्थिक सर्वेक्षण’ के कार्यकारी सारांश में नेपाली अर्थव्यवस्था की विशेषताओं को दर्शाने वाले आंकड़े समान रूप से देखे जा सकते हैं। अर्थमंत्री डा. स्वर्णिम वाग्ले द्वारा १४ वैशाख, सोमवार को जारी किए गए आर्थिक स्थितिपत्र में भी इन्हीं आंकड़ों को ७५ बिंदुओं में समेकित किया गया है। इनमें से ७३ बिंदुओं में अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों के आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं और उनकी तुलना आर्थिक वर्ष २०७२/७३ की स्थिति से की गई है।

पूर्व प्रधानमंत्री डा. बाबुराम भट्टराई ने अर्थमंत्री वाग्ले द्वारा जारी आर्थिक स्थितिपत्र को अपेक्षाकृत सकारात्मक बताया है। उन्होंने कहा, ‘नेपाल की अर्थव्यवस्था का समग्र आकार, विकास की गति, वितरण की स्थिति, और पर्यावरणीय संतुलन जैसे प्रमुख सूचकांक दशकों से विश्व के अन्य देशों की तुलना में लगभग सबसे नीचे होने का कड़वा सत्य इस स्थितिपत्र ने स्वीकार किया है।’ लेकिन उन्होंने आर्थिक समस्याओं की सही पहचान और भविष्य के दिशा-निर्देशन में कमी की भी ओर इशारा किया है।

आर्थिक आत्मविश्वास की कमी पर मौन रहने वाले अर्थमंत्री डा. वाग्ले ने प्रस्तुत किए गए स्थितिपत्र में अर्थव्यवस्था के सकारात्मक और नकारात्मक आंकड़ों को संतुलित ढंग से रखा है। हालांकि, वर्तमान में अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी चुनौती ‘आत्मविश्वास’ की कमी को बहुत सीमित रूप में उल्लेख किया गया है। विशेष रूप से कोविड महामारी के बाद नेपाल की अर्थव्यवस्था पुनरुत्थान के मार्ग पर पिछली बार से अधिक उन्नति नहीं कर पाई है। आंतरिक मांग और निवेश दोनों कमजोर हैं और निजी क्षेत्र ऋणग्रस्त हो चुका है।

निजामती कर्मचारी विवरण अब ऑनलाइन उपलब्ध

निजामती कर्मचारी अब अपने विवरण ऑनलाइन देख और अपडेट कर सकेंगे। राष्ट्रिय किताब खाना ने बुधवार से अपनी सभी सेवाएं ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से शुरू कर दी हैं। संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मंत्री प्रतिभा रावल ने इसका अनुगमन करते हुए तकनीकी रूप से सक्षम और अधिक प्रभावकारी सेवा प्रदान करने का निर्देश दिया है।

१६ वैशाख, काठमांडू – निजामती कर्मचारी अब अपने विवरण ऑनलाइन देखने और अपडेट करने में सक्षम हो गए हैं। बुधवार से संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय किताब खाना (निजामती) ने अपनी सभी सेवाओं को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर संचालित करना शुरू कर दिया है। इस प्रणाली के पूर्ण कार्यान्वयन के साथ ही सेवा प्राप्त करने वाले कर्मचारी और संबंधित व्यक्ति विभाग में शारीरिक रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता से मुक्त होंगे, राष्ट्रीय किताब खाने ने बताया।

सभी सेवाएं जैसे सिट रोल पंजीकरण, व्यक्तिगत विवरण अपडेट आदि ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे ही आसानी से उपलब्ध होंगी। आज से पूरी तरह डिजिटल सेवा प्रारंभ हुई इस संस्था का संघीय मामिला तथा सामान्य प्रशासन मंत्री प्रतिभा रावल ने भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री रावल ने तकनीकी रूप से सक्षम, तेज और बिना शिकायत वाली सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

हेल्प नेपाल ने लगातार पांचवीं जीत दर्ज की

समाचार सारांश: रेडबुल दसवां पीएम कप एनभीए पुरुष भलिबॉल लीग में हेल्प नेपाल स्पोर्ट्स क्लब ने लगातार पांचवीं जीत हासिल की है। महिला भलिबॉल लीग के फाइनल में न्यू डायमंड यूथ स्पोर्ट्स क्लब और नेपाल पुलिस क्लब के बीच मुकाबला होगा। पुरुष और महिला दोनों वर्गों में शीर्ष दो टीमें फाइनल खेलेंगी और विजेता दोनों को समान रूप से 10 लाख रूपये पुरस्कार दिया जाएगा।

१६ वैशाख, काठमाडौं। रेडबुल दसवां पीएम कप एनभीए महिला तथा पुरुष भलिबॉल लीग २०८३ के अंतर्गत पुरुष वर्ग में हेल्प नेपाल स्पोर्ट्स क्लब ने लगातार पाँचवीं जीत दर्ज की है। त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला में हुए मैच में हेल्प नेपाल ने रुकुम पश्चिम भलिबॉल क्लब को सीधे सेटों में पराजित किया। हालांकि विदेशी खिलाड़ी भी शामिल होने के कारण फाइनल में पहुंचने के दावेदार दोनों टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा और भी तीव्र बनी हुई है।

घरेलू भलिबॉल में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए हेल्प नेपाल ने अपने अनुभव का पूर्ण सदुपयोग किया जबकि रुकुम पश्चिम में अनुभव की कमी देखी गई। तीन सेट में हेल्प नेपाल ने लगातार जीत हासिल की, प्रत्येक सेट बेहद प्रतिस्पर्धात्मक रहा। हेल्प नेपाल ने रुकुम पश्चिम को २५-२३, २५-२२, २५-२३ अंकों से हराया। शुरुआती चार मैच जीत चुकी रुकुम पश्चिम की अपराजित यात्रा यहां समाप्त हो गई। लगातार पाँच मैच जीतने वाली हेल्प नेपाल ने १५ अंक जोड़े। दूसरी अपराजित टीम नेपाल पुलिस क्लब ने भी लगातार पाँच मैच जीतकर १५ अंक बटोरे। पहली हार झेलने वाली रुकुम पश्चिम पांच मैचों से १२ अंक लेकर तीसरे स्थान पर है।

पुरुष वर्ग के अन्य मैचों में विभागीय टीम त्रिभुवन आर्मी क्लब और नेपाल एपीएफ क्लब ने भी जीत दर्ज की। आर्मी ने कोशी प्रदेश को २५-१५, २५-१८, २५-१७ अंकों से हराया। यह आर्मी की पांच में चौथी जीत है। आर्मी के ११ अंक हैं और वे चौथे स्थान पर हैं। एपीएफ ने बुढानिलकण्ठ भलिबॉल क्लब को २५-२३, २५-२२, २५-२१ से हराया। यह एपीएफ की पहली जीत है। लगातार चार मैच हारने के बाद एपीएफ ने इस जीत के साथ ३ अंक हासिल किए।

महिला वर्ग में नेपाल पुलिस क्लब ने बुधवार को नेपाल एपीएफ क्लब को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। अब फाइनल में न्यू डायमंड यूथ स्पोर्ट्स क्लब और नेपाल पुलिस क्लब आमने-सामने होंगे। दोनों टीमें महिला वर्ग के लिग चरण का अंतिम मैच भी गुरुवार को खेलेंगी। यह मैच दोनों के लिए फाइनल से पूर्व अभ्यास समान होगा। न्यू डायमंड और पुलिस के बीच यह मैच गुरुवार शाम ५ बजे शुरू होगा।

चेतावनी देते हुए कहा गया है कि गुरुवार को पुरुष वर्ग में चार मैच होने हैं। कोशी प्रदेश और बुढानिलकण्ठ भलिबॉल क्लब के बीच मैच सुबह ९ बजे होगा। एपीएफ और खिल्जी युवा क्लब के बीच मैच सुबह ११ बजे शुरू होगा। फाइनल में पहुंचने के लिए दो महत्वपूर्ण मैच दोपहर में होंगे: त्रिभुवन आर्मी क्लब और रुकुम पश्चिम भलिबॉल क्लब का मैच दोपहर १ बजे तथा हेल्प नेपाल और नेपाल पुलिस क्लब का मैच दोपहर ३ बजे होगा।

नेपाल भलिबॉल संघ के आयोजन में हो रहे इस लिग में पुरुष वर्ग में ८ और महिला वर्ग में ६ टीमें भाग ले रही हैं। ९ दिनों तक चलने वाले इस लिग में पुरुष और महिला दोनों वर्ग मिलाकर कुल ४५ मैच खेले जाएंगे। सिंगल राउंड रॉबिन लिग के बाद महिला और पुरुष दोनों में शीर्ष दो टीम फाइनल मुकाबला खेलेगी। विजेता टीमों को पुरुष और महिला दोनों में समान रूप से १० लाख पुरस्कार दिया जाएगा।

एनसेलले जित्यो कर्पोरेट टी-१० लिग – Online Khabar

एनसेल ने कर्पोरेट टी-१० लीग का खिताब जीता

टेक्सपायर कर्पोरेट टी-१० लीग क्रिकेट का खिताब एनसेल ने सुबिसु को डीएल पद्धति के अनुसार ३८ रन से हराकर अपने नाम किया है। एनसेल ने निर्धारित १० ओवरों में २ विकेट खोकर १३१ रन बनाए। अनिल भंडारी ने ३३ गेंदों में ७४ रन की शानदार पारी खेली। एनसेल के अनिल भंडारी को प्लेयर ऑफ द मैच और सुरज तिमिल्सिना को उत्कृष्ट खिलाड़ी का पुरस्कार दिया गया। १६ वैशाख, काठमाडौं।

काठमाडौं के तल्लो मुलपानी मैदान में बुधवार को सम्पन्न फाइनल मैच में एनसेल ने सुबिसु को ३८ रन से हराते हुए खिताब पर कब्ज़ा किया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए एनसेल ने १३१ रन का मजबूत स्कोर बनाया। एनसेल के लिए अनिल भंडारी ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए ३३ गेंदों में ७४ रन बनाए जबकि समाज पौडेल ने २० गेंदों में ४८ रन जोड़कर टीम को ऊँचे स्कोर पर पहुँचाया।

१३२ रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सुबिसु का آغاز अच्छा नहीं रहा। टीम नियमित अंतराल पर विकेट खोती रही और ८ ओवरों में ६ विकेट पर केवल ६३ रन ही बना सकी। विवेक कुमार यादव ने १७ और दमन चन्द ने २३ रन बनाए, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ी मदद नहीं कर सके। गेंदबाजी में, एनसेल के निराजन परियार ने २ ओवर में १७ रन देकर १ विकेट लिया। हिमाल चन्द ने २ ओवर में १७ रन खर्च कर १ विकेट प्राप्त किया, जबकि विवेक कुमार यादव ने २ ओवर में २४ रन दिए। सचिन्द्र ठाकुर ने १ ओवर में १८ रन दिए। एनसेल के अनिल भंडारी को प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया। आईसीएफसी फाइनेंस के कप्तान सुरज तिमिल्सिना को प्रतियोगिता का उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित किया गया।

‘केंद्र सरकार ने संविधान की भावना का उल्लंघन करते हुए सरकारी विद्यालयों को कमजोर करने का प्रयास किया’

समाचार सारांश

  • संघीय सरकार ने वैशाख १५ से भर्तियों और २१ से पढ़ाई शुरू करने का निर्णय लिया जबकि आँबुखैरेनी गाउँपालिका ने वैशाख २ से ही स्कूल शुरू कर दिए।
  • आँबुखैरेनी गाउँपालिका ने स्थानीय स्तर को संविधान द्वारा दिए गए अधिकार का उपयोग कर स्कूल संचालन किया और संघीय सरकार के निर्णय को अस्थायी व दीर्घकालीन नकारात्मक असर डालने वाला बताया।
  • गाउँपालिका ने स्कूल मर्ज किए, बस सेवा चलाई, छात्रावास बनाए और सामुदायिक स्कूल सुधार कर ९० प्रतिशत स्कूलों को निशुल्क बनाया।

१६ वैशाख, पोखरा। संघीय सरकार ने वैशाख १५ से भर्तियाँ शुरू करने और २१ से पढ़ाई संचालन करने का निर्णय लेते हुए स्थानीय तहों को निर्देश जारी किया। तनहुँ के आँबुखैरेनी गाउँपालिका ने सबसे पहले केंद्र सरकार के इस निर्णय की अवज्ञा करते हुए वैशाख २ से ही भर्तियाँ और स्कूल संचालित करने का सूचना अपने अधीन स्कूलों को जारी किया।

आँबुखैरेनी गाउँपालिका के सूचना और निर्देश के अनुसार सभी स्कूल २ से ही खुल गए। बाद में आँबुखैरेनी जैसी अन्य पालिकाओं ने भी केंद्र सरकार के आदेश के विपरीत भर्तियाँ शुरू कर स्कूल चलाए।

संविधान ने आधारभूत और माध्यमिक शिक्षा के प्रबंधन की जिम्मेदारी स्थानीय तह को दी है। संघ ने अपने अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप किया है, ऐसा बताते हुए स्थानीय तहों ने अपने निर्णय के अनुसार स्कूल खोले हैं।

केन्द्र सरकार द्वारा स्थानीय तह के अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन करने का प्रयास किया जा रहा है, बताते हैं आँबुखैरेनी गाउँपालिका अध्यक्ष शुक्र चुमान। केंद्र सरकार के इस निर्णय को संविधान की भावना का उल्लंघन बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार सामुदायिक स्कूलों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

स्थानीय तहों में विविध और क्रिएटिव कार्य कर रहे चुमान ने कहा कि वे सामुदायिक शिक्षा सुधार के काम चरणबद्ध तरीके से कर रहे हैं। स्कूल मर्जिंग से लेकर बस सेवा, छात्रावास निर्माण तक और शैक्षिक संरचना सुधारने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि संघीय सरकार के अस्थायी फैसले लंबे समय में नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

सरकार के शैक्षिक फैसलों और रविवार को अवकाश देने के निर्णय का स्थानीय स्तर पर क्या प्रभाव पड़ता है, इस पर भी अध्यक्ष चुमान से बातचीत की गई।

संघीय सरकार ने वैशाख २१ से स्कूल खोलने का निर्णय लिया था। आप ने आँबुखैरेनी गाउँपालिका में वैशाख २ से स्कूल जल्दी खोलने का निर्णय क्यों लिया?

इस विषय पर मुख्य तीन बिंदु थे। पहला, संविधान ने कक्षा १२ तक के स्कूल प्रबंधन का पूरा अधिकार स्थानीय तह को दिया है। संघीय सरकार को अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए था। दूसरा, वैशाख २१ से पढ़ाई शुरू करने से पिछले वर्ष के शिक्षण सत्र की शुरुआत का ध्यान रखना जरूरी था। पिछले साल अध्यापकों की मांग पर हो रहे आंदोलन से सार्वजनिक विद्यालयों के प्रति असर पड़ा है। तीसरा, सभी स्थानीय तह ने वर्षभर के कालेन्डर के अनुसार पढ़ाई के दिन तय कर रखे थे। पढ़ाई स्थगित करने से पाठ्यक्रम प्रभावित होगा, जिससे शिक्षक और छात्र दोनों को नुकसान होगा। इसलिए उन्होंने अपने संवैधानिक अधिकार का उपयोग करते हुए पढ़ाई शुरू की।

कक्षा १२ तक के शिक्षण प्रबंधन का प्रभार स्थानीय तह का है। संघीय सरकार के इस निर्णय को स्थानीय तह कैसे देख रही हैं?

नगरपालिका संघ और गाउँपालिका महासंघ ने मिलकर एकरूपता से काम किया है। संविधान उल्लंघन को लेकर चिंता है, खासकर जब देश का कार्यकारी प्रमुख एक स्थानीय तह के प्रमुख हों। लेकिन, सभी स्थानीय तह एकजुट होकर यह मुद्दा उठा रहे हैं, जो खुशी की बात है।

सरकारी और निजी, दोनों प्रकार के शिक्षा प्रणाली के बीच केंद्र सरकार के निर्णय का क्या असर होता?

सरकारी स्कूलों को कम से कम १८० दिन चलाना होता है और १०४५ क्रेडिट घंटे पूरे करने होते हैं। आँबुखैरेनी के अधिकांश स्कूल पहाड़ी क्षेत्र में हैं जहाँ मौसम की वजह से पढ़ाई पर असर पड़ता है। पढ़ाई की शुरुआत न होने से छात्रों का सामुदायिक स्कूलों पर विश्वास कम होता है। निजी स्कूलों की प्रतिस्पर्धा से सरकारी स्कूल कमजोर पड़ सकते थे, इसलिए स्कूल मर्जिंग, बस सेवा आदि की पहल की गई है जिससे सेवा का विस्तार हो।

संघीय सरकार से अनुरोध है कि रविवार को छुट्टी देने और कालेन्डर बदलने के फैसले दीर्घकालीन असर डाल सकते हैं। यह निर्णय अस्थायी हैं और इन्हें पुनः विचार किया जाना चाहिए।

रविवार को छुट्टी देने के फैसले पर स्थानीय तह में बहस हुई। इसके सकारात्मक और नकारात्मक पक्ष क्या हैं?

हम शिक्षकों समेत शिक्षा समिति की बैठक कर रहे हैं। रविवार की छुट्टी से क्रेडिट घंटे पूरे करने में दिक्कत होगी, इसे कैसे कम किया जाए इस पर चर्चा हो रही है। सरकारी कार्यालय बंद होने से वैसे ज्यादा असर नहीं होगा लेकिन सभी विद्यालयों का रविवार को बंद किया जाना उचित नहीं लगता।

पिछली बार निजी स्कूलों के साथ बैठक करके फीस और कालेन्डर को व्यवस्थित किया गया था, अब निजी स्कूल अलग- अलग नामों से फीस वसूल रहे हैं, इस पर आपकी क्या राय है?

हमने दो सकारात्मक बातों में कड़ाई से काम किया है : कम से कम १० प्रतिशत छात्रवृत्ति देना और बार-बार छात्रों को नामांकन करने पर शुल्क नहीं लेना। हालांकि वर्तमान में शिक्षा कानून कुछ अस्पष्ट है और नए निर्देशिका नहीं आई, जिससे स्थानीय तह के लिए शुल्क संबंधी नियम लागू करना जटिल हो गया है।

स्थानीय तह को कक्षा १२ तक शिक्षा प्रबंधन का अधिकार है। स्थानीय पाठ्यक्रम निर्माण और स्कूल प्रबंधन के लिए आपने क्या किया है?

सामुदायिक विद्यालय सुधार एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। हमने भौतिक संरचना में बड़े सुधार किए हैं। पुराने कच्चे भवनों और खराब पूर्वाधार वाले स्कूल अब सही रूप लेने लगे हैं।

विद्यालयों की दरबंदी भी हमने स्वयं व्यवस्थित की है क्योंकि संघीय दरबंदी सभी शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा नहीं करती। कम विद्यार्थियों वाले पहाड़ी क्षेत्रों में भी हम पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था करते हैं।

सामुदायिक स्कूलों में फीस लेने की जरूरत होती है, हालांकि २४ में से २२ स्कूलों को १०वीं कक्षा तक निशुल्क बनाया गया है, एक स्कूल ५वीं तक निशुल्क है। लगभग ९० प्रतिशत स्कूल निशुल्क हैं। निजी स्कूलों की फीस और शुल्क व्यवस्था पर भी निगरानी रखी जाती है। स्थानीय पाठ्यक्रम निर्माण कर पुस्तकों का प्रकाशन करना भी योजना में है।

पृथ्वीराजमार्ग ने आँबुखैरेनी बाजार को तोड़ दिया है, अधिकांश क्षेत्र ग्रामीण है। कुछ समुदायिक स्कूलों में छात्र कम हैं और इलाके अभी पूर्ण नहीं हैं। ऐसी स्थिति में आपने मर्जिंग और गुणवत्ता सुधार के लिए क्या किया?

हमने स्कूल मर्जिंग और भौतिक दूरी कम करने के लिए साझा बस सेवा चलाई है। एक वार्ड में एक स्कूल बस सेवा से स्थानीय लोगों को भी सुविधा मिलती है। इस वर्ष और अधिक बस सेवा योजनाबद्ध की गई है।

पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुविधाएँ पूरी न होने के कारण बारह महीने बस सेवा संभव नहीं है, ऐसे जगहों पर छात्रावास सहित स्कूल निर्माण किए जा रहे हैं ताकि विद्यार्थी आकर्षित हों। सुबह ८ बजे स्कूल आने वाले बच्चों के लिए दोपहर का भोजन और आश्रय भी प्रदान किया जाता है ताकि पढ़ाई में बाधा न हो।

नेपाल पत्रकार महासंघ ने कमल प्रसाईं पर हमले करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की सख्त मांग की

१६ वैशाख, काठमाडौं। नेपाल पत्रकार महासंघ ने ऑनलाइनखबर के पत्रकार कमल प्रसाईं पर हमले करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की सख्त मांग की है। महासंघ के महासचिव रामप्रसाद दाहाल ने जारी की गई विज्ञप्ति में कहा है, ‘महासंघ इस आपराधिक कृत्य में संलग्न सभी व्यक्तियों की तत्काल पहचान कर उन्हें कानूनी दायरे में लाने के लिए संबंधित संस्थाओं से कड़े कदम उठाने का आग्रह करता है।’

१२ वैशाख को काठमाडौं उपत्यका के मनोहरास्थित सुकुमवासी बस्ती में रिपोर्टिंग के दौरान कमल प्रसाईं पर जानलेवा हमला किया गया था। हमले में घायल हुए प्रसाईं का नाक का ऑपरेशन हुआ है। साथ ही, हमलावरों ने प्रसाईं का कैमरे का मेमोरी कार्ड भी छीन लिया था।

दूसरे चरण के मतदान में ९१.७६ प्रतिशत भागीदारी

१६ वैशाख, काठमांडू। भारत के पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान में ९१.७६ प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। आज १४२ सीटों के लिए मतदान सम्पन्न हुआ। भारतीय निर्वाचन आयोग के अनुसार, इन १४२ सीटों के कुल ३ करोड़ २१ लाख मतदाता थे। इनमें से १ करोड़ ६४ लाख पुरुष, १ करोड़ ५७ लाख महिला और ७९२ तृतीयलिंगी मतदाता शामिल हैं। इससे पहले पहले चरण का मतदान २३ अप्रैल को सम्पन्न हुआ था।

महिलाओं की तरफ पुलिस क्लब ने लगातार चार मैच जीतकर फाइनल में प्रवेश किया

नेपाल पुलिस क्लब ने नेपाल एपीएफ क्लब को ३-१ से हराते हुए रेडबुल दशैं पीएम कप एनवीए महिला वॉलीबॉल लीग २०८३ के फाइनल में जगह बनाई है। पुलिस क्लब ने चार मैचों से १२ अंक इकठ्ठा किए हैं जबकि न्यू डायमंड ने भी चार मैच जीतकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है।

१६ वैशाख, काठमाडौं। बुधवार को दशरथ रंगशाला कवरडहल में हुए विभागीय डर्बी मुकाबले में नेपाल पुलिस क्लब ने नेपाल एपीएफ क्लब के खिलाफ ३-१ के स्कोर से जीत दर्ज कर फाइनल की राह पकड़ ली। पुलिस ने एपीएफ को २१-२५, २५-१९, २९-२७, २५-२१ से पराजित किया।

पुलिस ने चार मैचों में १२ अंक जुटाए हैं, जबकि न्यू डायमंड ने भी चार मैच जीतकर फाइनल की दौड़ में जगह पक्की कर ली है। ये दोनों टीमें गुरुवार को लीग चरण का अंतिम मुकाबला खेलेंगी, और शनिवार को दोनों फाइनल के लिए आमने-सामने होंगी। महिलाओं की तरफ एक अन्य मुकाबले में त्रिभुवन आर्मी क्लब को ३-१ से हराकर एवरेस्ट वॉलीबॉल क्लब ने तीसरी जीत हासिल कर तीसरा स्थान अपने नाम किया है।

वैदेशिक रोजगारीमा श्रीलंका पुगेका ५ नेपालीको बिचल्ली

श्रीलंका में फंसे 5 नेपाली मजदूर चार महीनों से अलपत्र, वापस लाने की मांग

रौतहट के पाँच नेपाली मजदूर चार महीनों से श्रीलंका के वारिगोड़ा में फंसे हुए हैं और उन्हें बचाकर नेपाल वापस लाने की मांग कर रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि उन्हें महीने के ३०० अमेरिकी डॉलर वेतन और भोजन की सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जंगल के बीच बंधक जैसा रखा गया है और सुरक्षा उपकरण भी नहीं दिए गए हैं। वैदेशिक रोजगार विभाग ने पीस नेपाल ओवरसिज का आईडी ब्लॉक कर दिया है और शिकायत मिलने पर कार्रवाई करने की तैयारी में है, विभाग के प्रवक्ता शिवाकोटी ने जानकारी दी। १६ वैशाख, काठमांडू।

वैदेशिक रोजगार के आकर्षक काम और वेतन के प्रलोभन में श्रीलंका गए पांच नेपाली युवा मजदूर फंसे हुए हैं। रौतहट के ये युवक चार महीनों से श्रीलंका के नॉर्थवेस्टर्न प्रांत के कुलियापिटिया के ‘वारिगोड़ा’ इलाके में फंसे हैं। वे वहां के मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ‘कंसार्क’ में सामान्य मजदूर के रूप में काम कर रहे थे। समझौते में महीने के ३०० अमेरिकी डॉलर वेतन, रोजाना ८ घंटे, सप्ताह में ६ दिन काम करने का उल्लेख था, लेकिन वे वेतन और सुविधाएं प्राप्त नहीं कर पाए हैं।

वे बचाकर नेपाल भेजने की मांग कर रहे हैं, लेकिन दूतावास और मैनपावर कंपनी ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया है, ऐसा उनका कहना है। उन्होंने काठमांडू से संपर्क कर अपनी रक्षा कर स्वदेश वापस आने की अपील की है। उन्होंने पीस नेपाल मैनपावर के माध्यम से १ लाख ८५ हजार नेपाली रुपए जमा कर १२ जनवरी २०२६ को श्रीलंका जाकर काम शुरू किया था। रौतहट के एमडी असरफ अली, मोहम्मद इकरामुल, मोहम्मद अख्तर, मोहम्मद आसिफ और विश्वनाथ साह कानु वे मजदूरों में शामिल हैं।

एक पीड़ित मजदूर के अनुसार उन्हें ‘कोको पिट’ (नारियल के पिट की पैकिंग) और मशीन ऑपरेटिंग के लिए भेजा गया था, लेकिन वे जंगल के बीच एक असुरक्षित जगह में रखे गए हैं। “हमारी कंपनी वैसी नहीं है जैसी बताई गई थी, हम एक कमरे में बंद हैं और तीन महीने से बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है,” उन्होंने कहा, “खाना लेने नहीं भेजा जाता, बिस्कुट लाने भी नहीं देते, हमें बंधक बनाए रखा गया है।” समझौते के अनुसार उन्हें महीने के ३०० डॉलर वेतन मिलना था, लेकिन अब तक आधा ही वेतन मिला है।

यह मजदूर जो घर से ऋण लेकर गए थे, अब बैंक और साहूकारों को कर्ज चुकाने के लिए तनाव में हैं। “हमने कर्ज लेकर गए थे, अब किस्त भी चुका नहीं पा रहे हैं,” एक पीड़ित ने बताया। गांव के एजेंट और मैनपावर संचालकों की मिलीभगत से उन्हें १०-१५ दिन में अच्छे कंपनी में स्थानांतरित करने का आश्वासन मिला था, लेकिन चार महीने हो गए हैं। नेपाल में दिखाए गए वीडियो में अच्छा काम दिखाया गया, लेकिन वहां पहुंचकर उन्हें धूल भरे असुरक्षित स्थान पर सुरक्षा उपकरण के बिना काम करना पड़ रहा है।

“नेपाल में मैनपावर ने अच्छी छवि दिखा कर भेजा, लेकिन यहां हमारी सुरक्षा नहीं है, ड्रेस औऱ चश्मा तक नहीं दिया गया,” उनका कहना है। १२ जनवरी को श्रीलंका पहुंचे, १७ दिन काम करने के बाद भी वेतन का आधा हिस्सा ही मिला है। फरवरी महीने का वेतन भी आधा ही मिला। कंपनी के मैनेजर ने हाजिरी में अनियमितता की और उनके अनुसार असल काम से कम हाजिरी दिखाई गई है।

बचाव के लिए मजदूरों के परिवार अब काठमांडू आकर वैदेशिक रोजगार विभाग में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं। वे मैनपावर पर दबाव डालकर परिवार सहित सुरक्षित उद्धार की मांग कर रहे हैं। वैदेशिक रोजगार विभाग ने पीस नेपाल ओवरसिज का आईडी ब्लॉक कर दिया है और शिकायत आने पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। विभाग के प्रवक्ता चन्द्रबहादुर शिवाकोटी ने बताया कि अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है, लेकिन आने पर भी मैनपावर ब्लॉक किए जाने से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। “अभी तक शिकायत नहीं आई है, आने पर भी हम मैनपावर को ब्लॉक कर उचित कार्रवाई कर नेपाल निकालेंगे,” शिवाकोटी ने कहा।

पीस नेपाल ओवरसिज के मैनेजर सुरेश शाही का कहना है कि वेतन नियमित रूप से दिया जा रहा है और मजदूरों ने समस्या बनाई है। “वेतन न देने की बात गलत है, कुछ छोटे विवाद हैं। खाना और रहने की अच्छी व्यवस्था है, लेकिन मजदूर छोटी-छोटी बातों पर शिकायत करते हैं,” उन्होंने कहा। श्रीलंका स्थित नेपाली दूतावास ने भी इस मामले में रुचि लेते हुए कंपनी प्रतिनिधि को बुलाकर समस्या समाधान का प्रयास शुरू कर दिया है।

वन प्राविधिकों ने मंत्री और सचिव से प्रशासन सुधार की मांग की

१६ बैशाख, बुटवल। वन प्रशासन को सुशासनपूर्ण, प्रभावकारी और परिणाममुखी बनाने के लिए प्रदेश सरकार अनिच्छुक दिख रही है, इस पर वन प्राविधिकों ने असंतोष व्यक्त किया है। नेपाल वन प्राविधिक संघ लुम्बिनी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वन तथा वातावरण मंत्री देवकरण कलवार के साथ प्रदेश के १२ जिलों के वन प्राविधिकों ने नीतिगत देरी और सरकार की उदासीनता के प्रति खुलकर विरोध जताया।

संघ के अध्यक्ष केशव खड्काले कार्यक्रम में कहा कि वन क्षेत्र सुधार के लिए आवश्यक कई नीतिगत और कानूनी विषय प्रदेश सरकार के पास ही अटके हुए हैं। उन्होंने कहा कि काठ–दाउरा लिलाम बिक्री में ई–टेंडर प्रावधान सहित की गई कार्यविधि पर रोक लगी है, खड़ा वृक्ष लिलाम संबंधी कानून आगे नहीं बढ़ाया गया है और निजी वन में पाए जाने वाले साल प्रजाति की कटाई जैसे मुद्दों पर सरकार गंभीर नहीं है। ‘वन प्रशासन सुधार एवं सुशासन के लिए प्राविधिक क्षेत्र में सक्रिय हैं, लेकिन सरकार की ओर से अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई दे रही,’ अध्यक्ष खड्काले कहा।

बर्दिया के वन कार्यालय प्रमुख विजय सुबेदी ने वन प्रबंधन को और प्रभावकारी बनाने के लिए ऑनलाइन टेंडर, खड़ा वृक्ष लिलाम और प्रबंधन सुधार से जुड़े नीतिगत निर्णयों में देरी के कारण कार्यक्षमता प्रभावित होने की बात कही। वन महानिदेशक ईश्वरी पौडेल ने वन प्रशासन सुधार के प्रयास जारी हैं और इसके लिए आवश्यक कानूनी व्यवस्थाएं समय पर पूरी होनी चाहिए, इस बात पर ज़ोर दिया।

वन सचिव प्रमोद भट्टराई ने स्वीकार किया कि कुछ विषय अंतर मंत्रालय समन्वय में अटके रहते हैं और उनके गंभीरता को समझने में कमी के चलते निर्णय प्रक्रिया प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे विषयों को शीघ्र निष्कर्ष तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे। वन मंत्री देवकरण कलवार ने कहा कि मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत कानूनों का रुक जाना असामान्य है और वन क्षेत्र सुधार को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ाया जाएगा।

मनाङ में यार्सागुम्बा संग्रहण प्रक्रिया शुरू

१६ वैशाख, मनाङ। मनाङ में औषधीय जड़ी-बूटी यार्सागुम्बा का संग्रहण प्रक्रिया शुरू हो गई है। बुधवार से यार्सागुम्बा संग्रहण प्रारंभ किया गया है। संरक्षण क्षेत्र प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं नासों–८ के वार्ड अध्यक्ष याद घले ने जानकारी दी कि यहां के कई खार्कों में यार्सागुम्बा पाया जाता है, फिर भी संग्रहण नासों गाउँपालिका–८ ताचैस्थित नाम्ग्या लेक से शुरू किया गया है। ‘यार्सा मिलने वाले नजदीकी खार्क से संग्रहण शुरू हुआ है। संग्रहकर्त्ताओं ने बताया है कि पहले की तुलना में उत्पादन में गिरावट आई है,’ उन्होंने कहा, ‘यह समस्या के रूप में विकसित हो रही है।’

संरक्षण क्षेत्र प्रबंधन नियमावली २०५३ और संरक्षण प्रबंधन निर्देशिका २०५६ के अनुसार हिमालयी क्षेत्र में स्थित राष्ट्रीय निकुञ्ज, आरक्षण, संरक्षण क्षेत्र और मध्यवर्ती क्षेत्रों में यार्सागुम्बा प्रबंधन (संग्रहण और ओसार-पोसार) निर्देशिका २०८० तथा अन्य संबंधित कानूनों का पालन कर अन्नपूर्णा संरक्षण क्षेत्र आयोजन इलाका संरक्षण कार्यालय से यार्सागुम्बा तथा अन्य जड़ी-बूटियों के संग्रहण के लिये अनुमति प्राप्त करने के बाद ही संरक्षण प्रबंधन समिति द्वारा संग्रहकर्त्ताओं को उनके कार्यक्षेत्र के भीतर संग्रहण पुर्जी प्रदान की जाती है।

जिले की सभी स्थानीय तह के अंतर्गत आने वाले संरक्षण क्षेत्र के वनक्षेत्रों में यार्सागुम्बा संग्रहण की अनुमति दी जाती है, जबकि जिला बाहरी नेपाली नागरिकों के संग्रहण की अनुमति अन्नपूर्ण संरक्षण क्षेत्र आयोजन (एक्याप) इलाका संरक्षण कार्यालय मनाङ की देख-रेख में संरक्षण प्रबंधन समिति ही देती है। कार्यालय की अनुमति मिलने के बाद ही संग्रहकर्त्ता खार्क में जाने का अधिकार रखते हैं। मनाङ के साथ-साथ लमजुङ, गोरखा और धादिङ के लोग यार्सागुम्बा संग्रहण के लिए मनाङ के लेक आते हैं।

नार्पाभूमि के खार्क में केवल जिले के नागरिकों को यार्सागुम्बा संग्रहण की अनुमति दी जाती है, बाहरी जिले के नागरिकों को अनुमति का प्रावधान नहीं है। ‘‘भौगोलिक रूप से विकट होने के कारण सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए नार्पाभूमि के खार्क में यार्सागुम्बा संग्रहण की अनुमति नहीं दी गई है,’’ उन्होंने कहा, ‘‘अन्य स्थानीय तह के खार्क, जैसे खाङ्सार, हुलाकी ओडार और पिसाङ सहित जिले के सभी खार्कों में यार्सागुम्बा संग्रहण की अनुमति दी गई है।’

केवल स्थानीय लोगों द्वारा संग्रहण किए जाने पर खार्क की सुरक्षा में आसानी की अपेक्षा की जा रही है। अन्नपूर्णा संरक्षण क्षेत्र आयोजन (एक्याप) इलाका कार्यालय मनाङ के संयोजन में संरक्षण क्षेत्र प्रबंधन समिति द्वारा यार्सागुम्बा संग्रहण की अनुमति मिलने के बाद ही खार्क जाने की व्यवस्था है। नाम्ग्या खार्क में स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहरी जिलों से आए व्यक्तियों को भी संग्रहण की अनुमति दी जाती है। सहायक प्रमुख जिल्ला अधिकारी कृष्णप्रसाद पौडेल ने बताया कि जिले के भीतर यार्सागुम्बा संग्रहण का मौसम शुरू होने के साथ सुरक्षा प्रबंधों को कड़ाई से लागू किया गया है। –रासस

चाँगुनारायण राष्ट्रीय ट्रेल रन १९ वैशाख को होने वाला है

समाचार सारांश

  • नेपाल एडवेंचर रनिंग महासंघ 19 वैशाख को दिन चाँगुनारायण राष्ट्रीय ट्रेल रन आयोजित करने जा रहा है।
  • प्रतियोगिता में खुली श्रेणी में 36 किलोमीटर और यू-20 के लिए 7 किलोमीटर की दौड़ शामिल है, जिसमें 250 से अधिक खिलाड़ी भाग लेने की उम्मीद है।
  • खुली 36 किलोमीटर दौड़ के विजेता को 1 लाख रुपए का पुरस्कार मिलेगा और प्रतियोगिता का कुल बजट 28 लाख 11 हजार रुपए है।

16 वैशाख, काठमांडू। नेपाल एडवेंचर रनिंग महासंघ (एनएआरएफ) के आयोजन में चाँगुनारायण राष्ट्रीय ट्रेल रन आगामी 19 वैशाख शनिवार को आयोजित किया जाएगा।

बुधवार को काठमांडू में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में महासंघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजन खत्री ने बताया कि राष्ट्रीय खेलकूद अधिनियम के अनुसार हर साल राष्ट्रीय प्रतियोगिता करनी होती है और इसी तहत इस वर्ष चाँगुनारायण राष्ट्रीय ट्रेल रन आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

महासंघ ने बताया कि साहसिक और पर्यटन खेल के रूप में एडवेंचर रनिंग को राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय बनाना, खेल को विकसित करना और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उभारने के उद्देश्य से यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।

प्रतियोगिता में खुली श्रेणी के लिए 36 किलोमीटर और यू-20 (20 वर्ष से कम उम्र के लिए) के लिए 7 किलोमीटर की दौड़ शामिल है। खुली श्रेणी में महिला और पुरुष दोनों 36 किलोमीटर की दौड़ में प्रतिस्पर्धा करेंगे, जबकि यू-20 श्रेणी में महिला और पुरुष 7 किलोमीटर दौड़ेंगे। प्रारंभ में दूरी 38 किलोमीटर निर्धारित की गई थी, लेकिन तकनीकी टीम के निरीक्षण के बाद इसे 36 किलोमीटर पर संशोधित किया गया है, खत्री ने बताया।

ट्रेल रन का मार्ग कच्चे और पक्के रास्ते, चढ़ाई-उतराई वाले मार्गों, वन और जंगल के अंदर हाइकिंग ट्रैक को शामिल करते हुए बनाया गया है। 36 किलोमीटर की दौड़ चाँगुनारायण मंदिर से शुरू होकर त्रिशुल डाँडा, तेलकोट, श्री पंच महालक्ष्मी मंदिर, कार्तिके व्यू प्वाइंट, नगरकोट व्यू टावर, मुहान पोखरी, पानी मुहान और पाइपलाइन रोड होते हुए चाँगुनारायण नगरपालिका में समाप्त होगी। 7 किलोमीटर की दौड़ चाँगुनारायण मंदिर से शुरू होकर त्रिशुल डाँडा होते हुए चाँगुनारायण नगरपालिका में समाप्त होगी।

प्रतियोगिता में 250 से अधिक खिलाड़ियों के भाग लेने की अपेक्षा है।

खुली 36 किलोमीटर महिला और पुरुष वर्ग के विजेता को 1 लाख रुपए, दूसरा स्थान पाने वाले को 75 हजार रुपए और तीसरे को 50 हजार रुपए पुरस्कार के रूप में मिलेंगे। चौथे स्थान को 25 हजार, पांचवें को 10 हजार और छठे से दसवें स्थान तक के खिलाड़ियों को प्रति खिलाड़ी 3 हजार रुपए पुरस्कार दिया जाएगा।

यू-20 श्रेणी में 7 किलोमीटर दौड़ के प्रथम विजेता को 30 हजार रुपए, दूसरे को 20 हजार रुपए और तीसरे को 10 हजार रुपए पुरस्कार दिया जाएगा। चौथे स्थान को 5 हजार, पांचवें को 3 हजार और छठे से दसवें स्थान तक के खिलाड़ियों को प्रति व्यक्ति 1 हजार रुपए पुरस्कार मिलेगा। पुरस्कार राशि पर लागू कानून अनुसार 15 प्रतिशत कर कटौती की जाएगी।

पहली बार आयोजित की जा रही इस प्रतियोगिता को बागमती प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय, राष्ट्रीय खेलकूद परिषद, प्रदेश खेलकूद विकास परिषद बागमती, चाँगुनारायण नगरपालिका, भक्तपुर जिला खेलकूद विकास समिति, टोयोटा कंपनी और 14 पिक्स आउटडोर सहित कई संस्थानों का सहयोग प्राप्त है। प्रतियोगिता का अनुमानित बजट 28 लाख 11 हजार रुपए रखा गया है।

महासंघ ने बताया कि ट्रेल रनिंग में नेपाल के पास बड़ी संभावनाएँ हैं और आगामी दिनों में नियमित राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं भी आयोजित करने की योजना है।

‘‘नई सरकार ने भी अल्ट्रा/ट्रेल रन जैसे साहसिक खेलों को प्राथमिकता दी है। अब महासंघ भी हर साल निश्चित राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित करने की योजना बना रहा है। इस खेल में बहुत संभावनाएं हैं लेकिन अभी बहुत काम बाकी है,’’ वरिष्ठ उपाध्यक्ष खत्री ने कहा।

‘‘हम यह योजना बना रहे हैं कि हर साल अंतरराष्ट्रीय अल्ट्रा रेस आयोजित की जाए। दूसरी ओर नेपाल में हर साल 25-30 रेस होती हैं, जिनमें से कुछ रेस आयोजकों का हमारे साथ सहयोग है। नेपाल पर्यटन बोर्ड भी तीन रेस आयोजकों के साथ वार्ता कर आगामी योजनाएं तैयार कर रहा है,’’ खत्री ने बताया।