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लेखक: space4knews

कच्चा तेल का मूल्य चार वर्षों में सबसे ऊँचे स्तर पर

१७ वैशाख, काठमाडौं। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमला शुरू करने के बाद उत्पन्न तनाव के कारण कच्चे तेल का मूल्य पिछले चार वर्षों में सबसे ऊँचे स्तर तक पहुंच गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार कच्चे तेल का मूल्य ११९.७६ डॉलर प्रति बैरल हो गया है। यह जून २०२२ में देखा गया सबसे उच्चतम स्तर है। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान २०२२ के फरवरी-मार्च में कच्चे तेल की कीमत लगभग १३० डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई थी।

द गार्जियन के अनुसार, कच्चे तेल के मूल्य में वर्तमान उच्च वृद्धि में अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया बयानों ने भी भूमिका निभाई है। ट्रम्प ने ईरान के बंदरगाहों पर सैन्य नाकाबंदी जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक ईरान अपना परमाणु समझौता पूरा नहीं करता, तब तक नाकाबंदी जारी रहेगी। इसका सीधा प्रभाव स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज समुद्री मार्ग पर पड़ा है। ईरान द्वारा नियंत्रित स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज विश्वभर तेल परिवहन का एक अहम जलमार्ग है, जहां अमेरिका और ईरान के बीच समय-समय पर संघर्ष की घटनाएं होती रहती हैं।

असुरक्षा के कारण सैकड़ों तेल टैंकर और जहाज अलपत्र पड़े हैं, जिससे वैश्विक तेल और गैस की परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है तथा महंगाई बढ़ रही है। तनाव कम करने के लिए अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच पाकिस्तान में वार्ता की पहल हुई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है।

पोखरामा पहिलोपटक महिला गोल्डकप हुँदै – Online Khabar

पोखरामा पहली बार महिला गोल्डकप फुटबल प्रतियोगिता का आयोजन

१७ वैशाख, पोखरा। पोखरामा पहली बार महिला गोल्डकप फुटबल प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसमें चार क्लब हिस्सा लेंगे। आर एस फुटबल क्लब के आयोजन में शुक्रवार से शुरू होने वाली इस प्रतियोगिता में चार क्लब प्रतिस्पर्धा करेंगे। बुधवार को आयोजित पत्रकार सम्मेलन में क्लब के अध्यक्ष रमेश कार्की ने तैयारियां पूरी होने की जानकारी दी। प्रतियोगिता में आयोजक आरएस पोखरा फुटबल क्लब, नेपाल पुलिस क्लब, संकटा क्लब और त्रिभुवन आर्मी क्लब भाग लेंगे।

उद्घाटन मैच में आयोजक क्लब और नेपाल पुलिस क्लब के बीच मुकाबला होगा। शनिवार को संकटा क्लब और त्रिभुवन आर्मी क्लब के बीच मैच खेला जाएगा, जबकि रविवार को फाइनल मुकाबला आयोजित किया जाएगा। पोखरा में इससे पहले महिला गोल्डकप का आयोजन नहीं हुआ था। महिला फुटबॉल के विकास के लिए स्थापित आरएस क्लब ने पोखरा में पहली बार महिला फुटबॉल का अवसर प्रदान किया है। “हाल ही महिला फुटबॉल की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है, यह बात सभी जानते हैं। नेपाली राष्ट्रीय महिला फुटबॉल टीम का प्रदर्शन और दर्शकों की उपस्थिति इसका प्रमाण है,” उन्होंने कहा।

पहले संस्करण के रूप में चुनौतियां होंगी, उन्होंने बताया। क्लब ने हाल ही में एन्फा के आयोजन में हुई महिला लीग चयन में भी भाग लिया था। अध्यक्ष कार्की ने बताया कि क्लब का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय खिताब जीतना और प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों को खेल के साथ शिक्षा का अवसर देना है, इसी कारण प्रतियोगिता आयोजित की गई है। “हम पहली बार पोखरा रंगशाला में प्रथम महिला पोखरा गोल्डकप आयोजित कर रहे हैं। अवसर और चुनौतियां दोनों हैं, उन्हें पार करते हुए आगे बढ़ेंगे,” उन्होंने आगे कहा।

वैशाख १८ से २० तक चलने वाली प्रतियोगिता के विजेता को रु पाँच लाख नकद पुरस्कार के साथ ट्रॉफी, पदक और प्रमाण पत्र दिए जाएंगे, जबकि उपविजेता को रु तीन लाख नकद पुरस्कार मिलेगा। उत्कृष्ट खिलाड़ी को रु ३० हजार, उत्कृष्ट गोलरक्षक और सर्वाधिक गोल करने वाले को समान रूप से रु १५ हजार नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। अनुशासित टीम को भी रु २५ हजार पुरस्कार मिलेगा, यह जानकारी दी गई है।

चुनाव जीतने के दो महीने बाद प्रचण्ड रुकुमपूर्व जा रहे हैं

१७ वैशाख, रुकुमपूर्व। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) के संयोजक प्रचण्ड आज रुकुमपूर्व आने वाले हैं। चुनाव जीतने के दो महीने बाद वे आज रुकुमपूर्व पहुंचने जा रहे हैं। जिला पार्टी संयोजक कुमारी बराल के अनुसार, प्रचण्ड सुबह १० बजे रुकुमकोट में आएंगे। प्रचण्ड वर्तमान में रुकुम पश्चिम में हैं। वहां से अपने चुनाव क्षेत्र रुकुमपूर्व पहुंचकर वापस लौटने का कार्यक्रम है। प्रचण्ड का यह भ्रमण चुनावी समीक्षा बैठक पर केन्द्रित होगा। चुनाव जीतने के बाद फागुन २२ गते हेलिकॉप्टर द्वारा काठमांडू लौटे प्रचण्ड तब से जिले में नजर नहीं आए थे। चुनाव से पहले उन्होंने जनप्रतिनिधि घर-घर जाकर विकास, समृद्धि, सड़क, रोजगार और परिवर्तन के कड़े प्रतिबद्धता व्यक्त की थी, पर जीत के बाद राजधानी में व्यस्तता बढ़ा ली थी। मतदाताओं ने प्रचण्ड के इस दौरे को केवल औपचारिक राजनीतिक उपस्थिति के रूप में नहीं बल्कि चुनावी प्रतिबद्धता के परीक्षण के रूप में भी देखा है। समीक्षा बैठक के अलावा जिले की वास्तविक समस्याओं जैसे सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आधारभूत संरचना में ठोस योजना लागू होगी या नहीं, इसकी प्रतीक्षा यहाँ के नागरिक कर रहे हैं।

ईरान युद्ध: नाकाबंदी ‘लम्बाने’ के संकेत से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं

कच्चा तेल से पेट्रोल और डीजल तैयार किया जाता है। पेट्रोल पंप पर काले रंग की कार में तेल भरते हुए नीले जैकेट और भूरे और सफेद वेस्ट पहने एक पुरुष

तस्वीर स्रोत, Getty Images

पढ़ने का समय: 3 मिनट

संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ नाकाबंदी “लंबी अवधि के लिए जारी रखने” की तैयारी की खबर के बाद तेल के दाम आसमान छू गए हैं।

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़राइल के बीच विवाद के लंबे समय तक खींचाव की आशंका से कच्चे तेल का दाम प्रति बैरल 120 अमेरिकी डॉलर से ऊपर पहुंच गया है।

फरवरी के अंत से शुरू हुए युद्ध के बाद यह तेल के दाम का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुख कार्यकारी अधिकारियों के साथ ईरानी बंदरगाहों और ट्रांसपोर्ट मार्गों पर नाकाबंदी को लंबे समय तक जारी रखने के विकल्प पर चर्चा की थी।

युद्ध शुरू होने से पहले विश्वव्यापी पेट्रोलियम निर्यात का लगभग 20 प्रतिशत होर्मुज जलसंधि मार्ग से होता था। फिलहाल अमेरिका ईरान के विरुद्ध समुद्री नाकाबंदी बनाए हुए है।

रुकुम पुगेर प्रचण्डले भने – निर्वाचन असामान्य, गहिरो अनुसन्धान आवश्यक

रुकुम पहुंचे प्रचण्ड ने कहा – चुनाव असामान्य, गहन जांच आवश्यक है

समाचार सारांश

समीक्षात्मक रूप से तैयार।

  • नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के संयोजक पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड ने फाल्गुन २१ के चुनाव को असामान्य और अस्वाभाविक कहा है।
  • प्रचण्ड ने चुनाव परिणामों में मत घटने और बढ़ने वाले क्षेत्रों की रिपोर्टों का अध्ययन कर गहन जांच की आवश्यकता जतायी।
  • उन्होंने कम्युनिस्ट आंदोलन के पुनर्गठन की जरूरत बताई और कहा कि पार्टी की विस्तारित बैठक ने पहल शुरू कर दी है।

१७ वैशाख, रुकुम पश्चिम। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के संयोजक पुष्पकमल दाहाल प्रचण्ड ने फाल्गुन २१ को चुनाव को असामान्य और अस्वाभाविक बताया है।

अपना निर्वाचन क्षेत्र रुकुम पूर्व जाते हुए रुकुम पश्चिम में पहुंचकर मुसिकोट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रचण्ड ने चुनाव और उसके परिणाम को असामान्य और अस्वाभाविक कहा।

‘परिणाम जैसा आया है, वह कई जगहों की रिपोर्ट सुनने पर सहज रूप से सामान्य नहीं लगता। कुछ स्थानों पर उम्मीदवारों ने अपने डाले हुए वोट भी अपने नाम नहीं होने की बात कही, कुछ जगहों पर जो जीत की उम्मीद नहीं थी वहां भी इतने अधिक वोट कैसे आए, कुछ जगहों से तो हमारे वोटों के खो जाने के आरोप जैसी रिपोर्टें भी आईं। जब हमने इन सभी को समीक्षा किया तो यह चुनाव सामान्य नहीं माना जा सकता,’ उन्होंने कहा।

उन्होंने कहा कि इसकी गहन अध्ययन और जांच आवश्यक है। हालांकि, राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी को मिले लगभग दो तिहाई मतों को वे स्वीकार करते हैं।

प्रचण्ड ने कहा कि उनकी पार्टी सरकार द्वारा किए गए अच्छे कामों का समर्थन करेगी और गलत कामों की आलोचना करते हुए रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी।

उन्होंने बताया कि अब नेकपा युवाओं को विशेष प्राथमिकता देगी। वॉर्ड से लेकर केंद्र तक चुनावी नेतृत्व चयन होगा और प्रत्येक कमिटी में ५० प्रतिशत युवा व नवयुवाओं को प्रतिनिधित्व मिलेगा।

संयोजक प्रचण्ड ने पूरा कम्युनिस्ट आंदोलन के पुनर्गठन की जरूरत बताई। ‘हमारी पार्टी अकेले बेहतर बनने से काम नहीं चलेगा, पूरे नेपाल के कम्युनिस्ट आंदोलन को पुनर्गठित करना जरूरी है। वर्तमान चुनाव में कम्युनिस्टों को जो झटका लगा है, उसे ध्यान में रखकर अखिल नेपाल कम्युनिस्ट आंदोलन के पुनर्गठन हेतु पार्टी की विस्तारित बैठक ने निर्णय लिया है और इस दिशा में पहल शुरू हो चुकी है।’

इस बीच उन्होंने सरकार के हाल के निर्णयों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सुकुमवासी लोगों को बल प्रयोग से हटाना, ट्रेड यूनियन को खत्म करना, छात्र संगठनों पर प्रहार, अध्यादेश लाना और संसद की बैठक स्थगित करना असंवैधानिक है।

प्रचण्ड ने कहा कि सरकार के हाल के कुछ कदम तानाशाही की दिशा में जा सकते हैं, इसलिए उन्होंने सरकार को सुधार की सलाह दी। उन्होंने खुद को इस सरकार का अभिभावक बताया और कहा कि वे गलत कार्यों पर हमेशा सतर्क रहेंगे।

अंत में उन्होंने कहा कि वे पुराने राजनीतिक दलों के बीच सहयोग बढ़ाकर संविधान और गणतंत्र की रक्षा के लिए नेतृत्व करेंगे और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक संबंधों को मजबूत बनाने के लिए प्रयासरत रहेंगे।

मौसम में क्रमिक सुधार, शुक्रवार तक वर्षा की संभावना

१७ वैशाख, काठमाडौं। जल तथा मौसम विज्ञान विभाग ने आज से मौसम में क्रमिक सुधार होने की जानकारी दी है। हालांकि, कोशी, मधेश, बागमती और गण्डकी प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में आगामी शुक्रवार तक वर्षा होने की संभावना बनी हुई है। मौसमविदों ने बताया कि इस वर्षा का मौसमी प्रभाव वैशाख के पहले से कम व्यापक होगा। पश्चिमी वायु एवं स्थानीय वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण मंगलवार और बुधवार को देश के कई हिस्सों में बारिश हुई, जिसमें कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी दर्ज की गई। पिछले २४ घंटों में सबसे अधिक वर्षा प्युठान के हंसपुर में रिकॉर्ड की गई, जहाँ १०४.६ मिमी बारिश मापी गई। इसी प्रकार, कास्की के रिभान में ८१ मिमी वर्षा हुई। जल तथा मौसम विज्ञान विभाग के मौसम पूर्वानुमान महाशाखा ने बताया कि आज भी कुछ क्षेत्रों में वर्षा होने की संभावना है।
आज, वैशाख १७ गते, कोशी, मधेश प्रदेश के साथ-साथ हिमाली और पहाड़ी इलाकों के कुछ हिस्सों तथा तराई के कुछ सीमित क्षेत्रों में मेघगर्जन और आकाशीय बिजली के साथ मध्यम से हल्की बारिश या हिमपात होने की संभावना है। आज रात को भी कोशी, बागमती और गण्डकी प्रदेश के हिमाली तथा पहाड़ी इलाकों के कुछ हिस्सों और अन्य भूभागों के कुछ क्षेत्रों में मध्यम वर्षा या हिमपात हो सकता है, ऐसा महाशाखा ने बताया है। वैशाख १८ गते शुक्रवार दोपहर कोशी, मधेश, बागमती और गण्डकी प्रदेशों के साथ लुम्बिनी, कर्णाली और सुदूरपश्चिम प्रदेश के पहाड़ी और हिमाली क्षेत्रों में सामान्य रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। लुम्बिनी और सुदूरपश्चिम प्रदेश के तराई क्षेत्र में भी आंशिक बादल छाए रहेंगे। कोशी प्रदेश के साथ-साथ देश के हिमाली एवं पहाड़ी इलाकों के कुछ हिस्सों, मधेश प्रदेश के कुछ क्षेत्रों तथा बागमती, गण्डकी, लुम्बिनी और सुदूरपश्चिम प्रदेश के तराई क्षेत्र के एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन और आकाशीय बिजली के साथ मध्यम बारिश या हिमपात हो सकता है।

ट्रम्पका विशेष दूत गोर काठमाडौं आउँदै, बालेनसँग भेट होला ?

ट्रम्प के विशेष दूत सर्जियो गोर काठमांडू आ रहे हैं, बालेन से मिलने की संभावना क्या है?

१७ वैशाख, काठमांडू। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विशेष दूत सर्जियो गोर आज काठमांडू आएंगे। विदेश मंत्रालय के एक सूत्र ने जानकारी दी कि वे आज शाम काठमांडू पहुंचेंगे। बालेन शाह के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद नेपाल के इस दौरे पर आएगा गोर सबसे उच्च स्तरीय अमेरिकी कूटनीतिज्ञ हैं। ३९ वर्षीय गोर अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प के दक्षिण और मध्य एशिया के विशेष दूत हैं। वे वर्तमान में भारत के लिए अमेरिकी राजदूत की भूमिका भी निभा रहे हैं। ट्रम्प के निकट सहयोगी माने जाने वाले उन्हें भारत के साथ राजदूत के साथ-साथ दक्षिण और मध्य एशिया का विशेष दूत भी नियुक्त किया गया है। इस आधार पर, गोर की हैसियत ७ वैशाख को काठमांडू आए अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री समीर पल कपूर से भी अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है।

काठमांडू का यह पहला दौरा गोर का मुख्यतः व्यवसाय, निवेश और दोनों देशों के बीच सरकारी संबंधों के विस्तार जैसे विषयों पर केंद्रित होगा, विदेश मंत्रालय के सूत्र ने बताया। गोर का अर्थ मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले और विदेश मंत्री शिशिर खनाल से मिलने का कार्यक्रम तय है। नेपाल में उनके राजनीतिक मुलाकातों की भी संभावना है, लेकिन अभी यह निश्चित नहीं है कि प्रधानमंत्री बालेन शाह से उनकी मुलाकात होगी या नहीं। प्रधानमंत्री के प्रेस सलाहकार दीपा दाहाल ने कहा, ‘प्रधानमंत्री देश के आंतरिक मामलों में व्यस्त हैं, विशेषकर सुशासन के विषय पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’

बीते वर्षों में नेपाल दौरे पर आए अधिकांश विदेशी कूटनीतिज्ञ प्रधानमंत्री सहित शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व से मिलते रहे हैं, लेकिन बालेन शाह के नेतृत्व वाली सरकार ने इस संदर्भ में कुछ बदलाव किया है, सूत्रों ने बताया। पहले काठमांडू आए अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री समीर पल कपूर ने रास्वपा अध्यक्ष रवि लामिछाने और विभिन्न वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात की, लेकिन वे प्रधानमंत्री बालेन शाह से नहीं मिल पाए। बालेन शाह ने मुलाकात के लिए समय न देने के कारण गोर भी कपूर जैसे रास्वपाके नेता और वरिष्ठ मंत्रियों से ही मिलने की संभावना है। हालांकि, गोर की अर्थ मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले और विदेश मंत्री शिशिर खनाल से मुलाकात पक्की है।

ट्रम्प और पुतिन के बीच यूक्रेन और ईरान युद्ध पर बातचीत

१७ वैशाख, काठमांडू। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ यूक्रेन और ईरान युद्ध से संबंधित चर्चा की है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान युद्ध को समाप्त करने में मदद करने की इच्छा व्यक्त की है, उन्होंने बताया। ‘हमने यूक्रेन युद्ध के बारे में गहन बातचीत की है, वे सहायता करने के इच्छुक हैं’, पत्रकार वार्ता में ट्रम्प ने कहा, ‘लेकिन मैंने उन्हें बताया कि मैं आपकी मदद करने से पहले आपको युद्ध बंद करना होगा।’ एक अन्य सवाल के जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि पुतिन ईरान में ‘यूरैनियम समृद्धि (एनरिचमेंट)’ प्रक्रिया में शामिल होना चाहते हैं। ‘यूरैनियम समृद्धि’ का अर्थ प्राकृतिक यूरेनियम में निहित उपयोगी तत्व का प्रतिशत बढ़ाने की प्रक्रिया है।

राष्ट्रपति नियुक्ति : खुली प्रतियोगिता से चयन होने पर क्या होगा?

परराष्ट्रमन्त्री शिशिर खनाल

तस्बिर स्रोत, RSS

प्रधानमंत्री वालेन्द्र शाह ‘बालेन’ के नेतृत्व वाली सरकार खुली प्रतियोगिता के जरिए राष्ट्रदूत नियुक्ति की तैयारी कर रही है, इस विषय पर विभिन्न आलोचनाएँ सामने आई हैं।

बीबीसी से बात करने वाले दो अनुभवी पूर्वराष्ट्रदूतों ने इस पहल को “हानिकारक” और “अव्यावहारिक” बताया है। उनका सुझाव है कि वर्तमान राजनीतिक नियुक्ति प्रणाली में सुधार करते हुए आगे बढ़ना उचित होगा।

नेपाल में वर्तमान में ५० प्रतिशत राष्ट्रदूत ‘करियर डिप्लोमेट’ यानी विदेश मंत्रालय के कर्मी होते हैं और बाकी ५० प्रतिशत राजनीतिक समझौते से नियुक्त किए जाते हैं।

हाल की सरकार ने खुलासा नहीं किया है कि कितने प्रतिशत राष्ट्रदूत खुली प्रतियोगिता से नियुक्त किए जाएंगे। विदेश मंत्रालय के स्रोतों का कहना है कि यह निर्णय उच्च स्तर से लिया जाएगा।

नियुक्ति की मानदंड तैयार करने के काम में परराष्ट्र मन्त्री शिशिर खनाल सक्रिय हैं और अगले सप्ताह के भीतर विज्ञापन जारी होने की संभावना है।

‘भूमिहीनलाई छिटोछिटो व्यवस्थापन गर्ने नाममा गल्ती गर्ने छुट छैन’

‘भूमिहीनों के जल्द प्रबंधन में कोई गलती करने की गुंजाइश नहीं’

समाचार सारांश संग्रहित कर संपादकीय समीक्षा के बाद तैयार किया गया। हम किसी भी पक्षपाती नहीं हैं, चाहे कोई भी सरकार आए, लागू नीतियों और नियमों का कठोरता से पालन कराए जाने वाली संस्था हैं। कानूनी राज्य व्यक्तियों की मानसिकता पर आधारित नहीं हो सकता। वर्तमान में प्रमाणीकरण कार्य जारी है। सुकुमवासी बस्तियों के लागत संग्रहण और प्रमाणीकरण प्रक्रिया पूरी किए बिना जबरदस्ती करना कानूनी दृष्टि से मान्य नहीं है। सरकार ने 60 दिन के भीतर भूमिहीनों का डिजिटल प्रमाणीकरण पूरा करने और 1000 दिन के भीतर वास्तविक सुकुमवासी को जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय ले लिया है। बालेन्द्र शाह के नेतृत्व वाली सरकार ने बनाए जाने के एक महीने के अंदर थापाथली, गैरीगांव और मनोहरा की सुकुमवासी बस्तियों को खाली कराकर लागत संग्रहण और प्रमाणीकरण शुरू कराया है।

भूमिहीन दलित और भूमिहीन सुकुमवासियों को जमीन उपलब्ध कराने तथा अव्यवस्थित बसेरों के प्रबंधन के लिए गठित भूमि समस्या समाधान आयोग और संघीय सरकार के बीच सहकार्य कमजोर दिखता है। दोनों पक्ष 12 लाख से अधिक भूमिहीनों की समस्याओं की तुलना में अपने स्वार्थों को प्राथमिकता देते दिखाई देते हैं। भूमि आयोग के अध्यक्ष हरिप्रसाद रिजाल ने सरकार के हालिया कदमों और भूमि समस्या पर बातचीत में कहा, “नेपाल सरकार या राज्य संचालन के लिए संविधान और कानून का पालन आवश्यक है। हम उसी के अनुसार कार्य करते हैं।”

उन्होंने बताया कि सरकार को कानूनी प्रक्रियाओं और विधियों के बारे में जनता को जानकारी देना आवश्यक है। वे आगे कहते हैं, “वर्तमान सरकार का काम कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है, इसलिए ऐसा कार्य असंगत और गलत होने के कारण विज्ञप्ति जारी की गई है।” यदि सरकार आयोग को हटाने या इस्तीफा देने को मजबूर करती है तो फिर क्यों सहकार्य न हो? यह एक लोकतांत्रिक देश है जहाँ केवल संविधान और कानून के अनुसार ही कार्य किया जाता है।

भूमिहीनों की समस्याओं का शीघ्र समाधान क्यों चुनौतीपूर्ण है? भूमि संबंधित विषय अत्यंत संवेदनशील हैं और जल्दबाजी में काम करने पर गंभीर त्रुटियां हो सकती हैं। गलत व्यक्ति को लाभ न मिले इसलिए कठोर प्रमाणीकरण आवश्यक है। सरकार को न्यायसंगत और संवैधानिक तरीके से ही कार्य करना चाहिए। अंत में उन्होंने कहा, “हम सबको नियमों का पालन करना चाहिए और व्यक्तिगत स्वार्थों को छोड़कर सहकार्य करना चाहिए।”

राष्ट्रपति कार्यालय में प्रस्तुत संवैधानिक परिषद् से संबंधित अध्यादेश में क्या है?

समाचार सारांश

संक्षेप में तैयार किया गया और संपादकीय समीक्षा पर आधारित।

  • सरकार ने तीन पदाधिकारियों से निर्णय लेने की व्यवस्था सहित संवैधानिक परिषद् से संबंधित अध्यादेश राष्ट्रपति कार्यालय में प्रस्तुत किया है।
  • अध्यादेश के अनुसार संवैधानिक परिषद के निर्णय में प्रधानमंत्री समेत तीन पदाधिकारियों की राय निर्णायक होगी।
  • राष्ट्रपति ने अल्पमत में निर्णय लेने की व्यवस्था को संविधान के अनुरूप न मानते हुए उक्त विधेयक वापस भेज दिया था।

16 वैशाख, Kathmandu। सरकार ने तीन पदाधिकारियों के निर्णय लेने की व्यवस्था सहित संवैधानिक परिषद (कार्य, कर्तव्य, अधिकार) से संबंधित अध्यादेश राष्ट्रपति कार्यालय में प्रस्तुत किया है।

प्रधानमंत्री तथा मन्त्रिपरिषद् कार्यालय से जुड़ी जानकारी के अनुसार, अध्यादेश में संख्या पूर्णता और निर्णय के लिए आवश्यक सदस्य संख्या को संशोधित किया गया है।

नेपाल के संविधान की धारा 284 के अनुसार, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में संवैधानिक परिषद गठित होती है, जिसमें प्रधान न्यायाधीश, सभामुख, राष्ट्रिय सभाध्यक्ष, विपक्षी दल के नेता और उपसभामुख सदस्य होते हैं। प्रधान न्यायाधीश के पद रिक्त होने पर कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश की बजाय कानून मंत्री सदस्य के रूप में शामिल होंगे।

उक्त धारा में यह भी कहा गया है कि “संवैधानिक परिषद के अन्य कार्य, कर्तव्य और अधिकार तथा प्रधान न्यायाधीश या संवैधानिक निकाय के प्रमुख अथवा पदाधिकारी की नियुक्ति संबंधी कार्यविधि संघीय कानून के अनुसार होगी”।

पूर्व में छ सदस्यों वाली परिषद् में प्रधानमंत्री समेत चार सदस्य को संख्या पूर्णता माना जाता था। उस समय सर्वसम्मति से निर्णय, न होने पर दूसरी बैठक में सहमति से निर्णय लेने की व्यवस्था थी।

यदि दूसरी बैठक में सहमति न हो तो “परिषद के सभी सदस्यों की बहुमत से निर्णय होगा”। ओली सरकार के दौरान बार-बार संशोधन के लिए अध्यादेश जारी किए गए, लेकिन संसद से पारित न होने पर कानूनी अंतराल रह गया था।

अभी सरकार ने अध्यादेश के माध्यम से प्रधानमंत्री समेत तीन पदाधिकारियों की राय को निर्णायक मानने का प्रस्ताव दिया है, जबकि पूर्व कानून में पूरी परिषद् (छ सदस्य) की बहुमत यानी चार सदस्य के निर्णय को मान्यता दी गई थी।

संवैधानिक परिषद की वर्तमान संरचना में प्रधानमंत्री बालेन शाह और सभामुख डोलप्रसाद अर्याल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी से जुड़े हैं। राष्ट्रिय सभाध्यक्ष नारायणप्रसाद दाहाल माओवादी पृष्ठभूमि के हैं।

दो दिन पहले ही विपक्षी दल के नेता भीष्मराज आङदाम्बे नेपाली कांग्रेस से हैं और उपसभामुख रूबी कुमारी श्रम संस्कृति पार्टी की निर्वाचित सांसद हैं। इस पार्टी के अध्यक्ष हर्क साङपाङ सरकार के कामकाज पर कड़ी आलोचना करते हैं।

परिषद के कुल छह सदस्यों में दाहाल, आङदाम्बे और रूबी कुमारी विपक्षी सदस्य हैं। परिषद में उपस्थित प्रधान न्यायाधीश के तटस्थ रहने का अनुमान है, जिससे प्रधानमंत्री के प्रस्ताव पर अल्पमत हो सकता है। प्रधान न्यायाधीश के समर्थन के बावजूद दोनों पक्षों के मत बराबर हो सकते हैं। अध्यादेश संबंधित सूत्रों के अनुसार, “इसी मनोविज्ञान को ध्यान में रखते हुए संख्या पूर्णता की कार्यविधि संशोधित करने के लिए अध्यादेश जारी किया गया है।”

संघीय संसद ने फागुन 2079 में भी संवैधानिक परिषद से सम्बंधित विधेयक पास कर राष्ट्रपति को प्रमाणिकरण के लिए भेजा था। लेकिन राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने अल्पमत में निर्णय करने की व्यवस्था को संविधान के अनुरूप न मानते हुए पुनर्विचार के लिए वापस भेज दिया था। तब से कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी।

संवैधानिक परिषद में सर्वसम्मति से निर्णय लेने में फिलहाल कोई कानूनी बाधा नहीं है, लेकिन किसी सदस्य के अलग मत आने पर किस अनुपात को निर्णायक माना जाए, इस पर कानूनी अस्पष्टता है। कानून बना कर बैठक बुलाने में देरी होने के निष्कर्ष के कारण सरकार अध्यादेश के जरिए आगे बढ़ने की योजना बना रही है।

इरान युद्ध: खाड़ी देशों में सोशल मीडिया पोस्ट्स पर जेल या देश निकाले का खतरा

दो महीने पहले इरान के खिलाफ अमेरिका-इज़राइल युद्ध शुरू होने के बाद से खाड़ी देशों ने राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने वाले सोशल मीडिया पोस्ट्स के कारण लोगों को हिरासत में लेकर जेल या देशनिकाला करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने नए आदेश जारी कर न्यायिक समीक्षा के विकल्प भी सीमित कर दिए हैं और मौजूदा कानूनों का दुरुपयोग करते हुए व्यक्तियों की नागरिकता समाप्त करने जैसे कदम उठाए हैं।

जब ७१ लोगों की नागरिकता समाप्त कर दी गई, तब बहरीन के आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने कहा, “इरानी कार्रवाई की प्रशंसा करने, सहानुभूति दिखाने और बाहरी पक्षों से संपर्क रखने वाले व्यक्तियों की बहरीनी नागरिकता रद्द की गई है।” सुरक्षा बलों ने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं और कार्यकर्ताओं पर निगरानी सख्त कर दी है। इन कार्रवाईयों को अभिव्यक्ति और विचार की स्वतंत्रता पर बड़ा अपकार मानते हुए अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय मानवाधिकार संस्थाओं ने विरोध जताया है।

बहरीन और कुवैत में गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पृष्ठभूमि विविध है। इनमें पत्रकार, इन्फ्लुएंसर, मानवाधिकार कार्यकर्ता और आम जनता शामिल हैं। इन देशों ने इन व्यक्तियों पर जातीय संघर्ष भड़काने का प्रयास, गलत सूचना प्रचार, मोबाइल फोन का दुरुपयोग और राज्य सुरक्षा को प्रभावित करने जैसे आरोप लगाए हैं। कुछ खाड़ी देशों ने युद्ध के प्रारंभिक दिनों में अपने क्षेत्र में इरानी हमले के वीडियो या जानकारी एकत्रित करने और प्रकाशित करने पर रोक लगा दी थी।

हाल ही में कुवैत ने राष्ट्रीयता संबंधी नए कानून लागू किए हैं जबकि बहरीन ने शाही आदेश जारी किए हैं। नाम गुप्त रखने वाले कुवैती कार्यकर्ता के अनुसार ऑनलाइन गतिविधि पर निगरानी के लिए युद्धकालीन प्रावधान लागू कर दिए गए हैं। सड़क पर सुरक्षा जांच चौकियां लगाई गई हैं जहां लोगों के मोबाइल फोन में मौजूद संदेश, तस्वीरें और वॉइस नोट्स की जांच की जाती है।

शेखर कोइरालाले पनि बोलाए छुट्टै भेला – Online Khabar

शेखर कोइरालाले बागमती प्रदेशस्तरीय विशेष भेला बोलाए

१७ वैशाख, काठमाडौं । नेपाली कांग्रेसका नेता डा. शेखर कोइरालाको समूहको बैठक बस्न लागेको छ। कोइरालाले आफ्नो समूहका लागि बागमती प्रदेशस्तरीय छुट्टै भेला आह्वान गरेका छन्। उक्त बैठकमा निवर्तमान केन्द्रीय सदस्यहरू, बहालवाला केन्द्रीय सदस्यहरू (विशेष महाधिवेशनबाट निर्वाचित केन्द्रीय कार्यसमिति), सांसद र पूर्वसांसदहरू, जिल्ला सभापति, पूर्व जिल्ला सभापतिहरू र क्षेत्रीय सभापतिहरूलाई सहभागी हुन बोलाइएको छ। बैठक बिहान ८ बजे बालुवाटारस्थित ओपेरा होटलमा सुरु हुने कोइरालाको सचिवालयले जनाएको छ।

यसअघि बुधबार निवर्तमान कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड्काले पनि आफ्नै समूहको बैठक आह्वान गरी छलफल गरेका थिए। विशेष महाधिवेशनपछि कांग्रेसमा पूर्ण एकता कायम हुन सकेको छैन। एक समूहले अर्को समूहलाई स्वीकार्न नसक्दा पार्टीभित्र समानान्तर गतिविधिहरू सञ्चालन भइरहेका छन्।

पोर्तुगाल में विशेष कार्यक्रम के माध्यम से बुद्ध जयंती मनाई जा रही है

१७ वैशाख, लिस्बन (पोर्तुगाल)। विश्व शांति के प्रवर्तक भगवान् गौतम बुद्ध की २५७०वीं जन्मजयंती पोर्तुगाल में विशेष कार्यक्रम के माध्यम से मनाई जा रही है। नेपाल आदिवासी जनजाति महासंघ, पोर्तुगाल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में १ मई शुक्रवार को राजधानी लिस्बन में बुद्ध जयंती को विशेष रूप से मनाने की तैयारी है। इस अवसर पर लिस्बन के आंजोस स्थित जिनासीयो क्लब हॉल में भगवान बुद्ध की विशेष पूजा-आराधना की जाएगी और बौद्ध धर्मगुरु ध्यान एवं प्रवचन भी प्रदान करेंगे।

बुद्ध के शांति, करुणा तथा मैत्री के संदेशों का प्रसार करने के साथ-साथ बुद्ध और उनके जन्मस्थल का प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है, ऐसी जानकारी महासंघ के अध्यक्ष चोपकुमार रानामगर ने दी। कार्यक्रम को भव्य और सफल बनाने के लिए पोर्तुगाल में रहने वाले नेपाली समुदाय को इसमें भाग लेने का आग्रह भी अध्यक्ष रानामगर ने किया। पोर्तुगाल में यहाँ सक्रिय नेपाली संघ-संस्थाओं के समन्वय से प्रत्येक वर्ष बुद्ध जयंती मनाई जाती है।

आज अधिकांश विदेशी मुद्राको भाउ बढ्यो – Online Khabar

आज अधिकांश विदेशी मुद्राओं के मूल्य में वृद्धि

नेपाल राष्ट्र बैंक ने अमेरिकी डॉलर की खरीद दर १५१ रुपये ४६ पैसे और बिक्री दर १५२ रुपये ६ पैसे निर्धारित की है। यूरो की खरीद दर १७७ रुपये २९ पैसे और बिक्री दर १७७ रुपये ९९ पैसे तय की गई है। स्विस फ़्रैंक, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, कनाडाई डॉलर और सिंगापुर डॉलर के मूल्य में भी वृद्धि हुई है। १७ वैशाख, काठमांडू।

नेपाल राष्ट्र बैंक द्वारा आज के लिए निर्धारित विदेशी मुद्राओं के विनिमय दर अनुसार अमेरिकी डॉलर, यूरो और पौंड स्टर्लिंग के मूल्यों में वृद्धि हुई है। आज अमेरिकी डॉलर की खरीद दर १५१ रुपये ४६ पैसे और बिक्री दर १५२ रुपये ६ पैसे निर्धारित की गई है। कल अमेरिकी डॉलर की खरीद दर १५० रुपये ९७ पैसे और बिक्री दर १५१ रुपये ५७ पैसे थी। आज यूरोपीय यूरो की खरीद दर १७७ रुपये २९ पैसे और बिक्री दर १७७ रुपये ९९ पैसे है।

आज यूके पॉंड स्टर्लिंग की खरीद दर २०४ रुपये ६० पैसे और बिक्री दर २०५ रुपये ४१ पैसे है। कल यूके पॉंड स्टर्लिंग की खरीद दर २०३ रुपये ५५ पैसे और बिक्री दर २०४ रुपये ३६ पैसे थी। आज स्विस फ्रैंक की खरीद दर १९१ रुपये ९२ पैसे और बिक्री दर १९२ रुपये ६८ पैसे है। कल स्विस फ्रैंक की खरीद दर १९१ रुपये १६ पैसे और बिक्री दर १९१ रुपये ९२ पैसे थी।

आज ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की खरीद दर १०८ रुपये ४१ पैसे और बिक्री दर १०८ रुपये ८४ पैसे है। कल ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की खरीद दर १०८ रुपये १३ पैसे और बिक्री दर १०८ रुपये ५६ पैसे थी। आज कनाडाई डॉलर की खरीद दर ११० रुपये ७२ पैसे और बिक्री दर १११ रुपये १५ पैसे है। कल कनाडाई डॉलर की खरीद दर ११० रुपये ४६ पैसे और बिक्री दर ११० रुपये ९० पैसे थी। इसी प्रकार, आज सिंगापुर डॉलर की खरीद दर ११८ रुपये ५६ पैसे और बिक्री दर ११९ रुपये ३ पैसे निर्धारित की गई है। कल सिंगापुर डॉलर की खरीद दर ११८ रुपये १८ पैसे और बिक्री दर ११८ रुपये ६५ पैसे थी। इसी प्रकार, भारतीय रुपये १०० के लिए खरीद दर १६० रुपये और बिक्री दर १६० रुपये १५ पैसे तय की गई है। राष्ट्र बैंक ने बताया है कि आवश्यकतानुसार विनिमय दर किसी भी समय संशोधित की जा सकती है। वाणिज्य बैंक द्वारा निर्धारित विनिमय दर अलग हो सकती है और अद्यतन विनिमय दर केंद्रीय बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।