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लेखक: space4knews

डोनाल्ड ट्रम्प और मार्को रुबियो ने टेट भाइयों की ब्रिटेन सुपुर्दगी रोकने की योजना नहीं बनाई

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यौन अपराधों के आरोपों का सामना कर रहे टेट भाइयों को ब्रिटेन सुपुर्दगी की प्रक्रिया रोकने की कोई योजना नहीं बनाई है। अमेरिकी मार्शल्स ने मियामी से गिरफ्तार किए गए एंड्रयू और ट्रिस्टन टेट के खिलाफ ब्रिटिश अधिकारियों ने ३८ नए मामलों में आरोप दायर किए हैं, जिससे कुल आरोपों की संख्या ५९ हो गई है। विदेश मंत्री रुबियो ने टेट भाइयों से कोई संपर्क न होने और मानव तस्करी के खिलाफ कड़े कानूनों के पक्ष में होने के कारण सुपुर्दगी प्रक्रिया में हस्तक्षेप की संभावना को न्यूनतम बताया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने टेट भाइयों को ब्रिटेन भेजने वाले कदम को रोकने की कोई योजना नहीं बनाई है। ये दोनों भाई मैनोस्फियर के विवादास्पद सोशल मीडिया प्रभावशाली व्यक्ति हैं। उन पर बलात्कार और मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। एंड्रयू टेट और ट्रिस्टन टेट २०२४ में ट्रम्प के पुनः निर्वाचित होने पर उनके समर्थन में सक्रिय रहे, वे हाइपर-मस्कुलिन सोशल मीडिया समूह के सदस्य थे। ट्रम्प और उनकी प्रशासनिक टीम ने आधिकारिक और सार्वजनिक रूप से टेट भाइयों से दूरी बनाई हुई है।

‘अमेरिका के पास ब्रिटेन के साथ एक सुपुर्दगी संधि (एक्स्ट्राडिशन ट्रीटी) है। प्रशासन इस मामले में संधि की शर्तों का पालन करना चाहता है,’ एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक्सियोस से कहा। अमेरिकी मार्शल्स ने पिछली शनिवार मियामी से टेट भाइयों को गिरफ्तार किया था। ब्रिटिश अधिकारियों ने उनके खिलाफ ३८ नए यौन अपराध से जुड़े मामले दर्ज किए, जिससे कुल आरोपों की संख्या ५९ हो गई।

टेट भाइयों के वकील जो मैकब्राइड ने पत्रकारों से कहा, ‘उन पर लगे आरोप राजनीतिक प्रेरित हैं, इसमें कोई शक नहीं।’ विदेश विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने एक्सियोस को बताया कि रुबियो ने टेट भाइयों से कोई संवाद नहीं किया है। ‘विदेश मंत्री ने टेट भाइयों या उनके वकीलों से कोई बातचीत नहीं की है। विदेश विभाग इस मामले में फिलहाल कोई कदम उठाने की योजना नहीं बना रहा है,’ उन्होंने कहा।

नेपाल कजाखस्तान से ३-२ सेट से हार गया, काभा पुरुष वॉलीबॉल चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्धात्मक प्रदर्शन

पाकिस्तान के ग़ाज़ी शहर इस्लामाबाद में जारी काभा पुरुष वॉलीबॉल चैंपियनशिप में नेपाल कजाखस्तान के खिलाफ ३-२ सेट अंतर से हार गया। तुलनात्मक रूप से मजबूत टीम कजाखस्तान के सामने नेपाल ने कड़ी प्रतिस्पर्धा प्रदान की, लेकिन पांच सेट के रोमांचक मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। कजाखस्तान ने नेपाल को २५-१९, २५-२१, ३२-३४, १९-२५ और १५-९ के सेट स्कोर से हराया।

शुरुआती दो सेट में पिछड़ने के बाद नेपाल ने तीसरे सेट में जबरदस्त मुकाबला दिखाया। नेपाल ने १७-१७ और १८-१८ की बराबरी के साथ २४-२२ की बढ़त बनाई थी। लेकिन कजाखस्तान ने टाइमआउट लेकर स्कोर बराबर कर दिया। नेपाल को सेट प्वाइंट पाने का मौका मिला, पर वह इसका लाभ नहीं उठा सका। कजाखस्तान भी सेट प्वाइंट का उपयोग नहीं कर सका, जिससे स्कोर ३२-३२ हो गया। नेपाल ने लगातार दो अंक लेकर तीसरे सेट का टाईब्रेक ३४-३२ से अपने पक्ष में कर लिया।

चौथे सेट में भी नेपाल ने शुरू से बढ़त लेकर २५-१९ से सेट जीता और खेल को २-२ से बराबर कर दिया। पांचवे और निर्णायक सेट में कजाखस्तान ने १५-९ से व्यापक जीत दर्ज की। इस मैच में नेपाल को १ अंक हासिल हुआ। काभा चैंपियनशिप में कुल छह राष्ट्र भागीदारी कर रहे हैं। आज उज्बेकिस्तान-बांग्लादेश और पाकिस्तान-श्रीलंका के बीच भी मैच होंगे।

दक्षिण एशिया में यौन हिंसा पीड़ितों को क्षतिपूर्ति प्राप्त करने में चुनौतियां

न्याय की उपलब्धि के लिए दक्षिण एशियाई अभियान ने नेपाल सहित दक्षिण एशिया के छह देशों में यौन हिंसा पीड़ितों के लिए क्षतिपूर्ति तक पहुँच के संबंध में किए गए अध्ययन का प्रतिवेदन प्रकाशित किया है। ६ साउन, काठमाडौं। दक्षिण एशिया में यौन हिंसा पीड़ितों को क्षतिपूर्ति प्राप्त करने से जुड़ा एक व्यापक अध्ययन प्रतिवेदन सार्वजनिक किया गया है। यह प्रतिवेदन न्याय समावेशी अभियान नामक दक्षिण एशियाई नेटवर्क द्वारा नेपाल, भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका और मालदीव में एक ही समय में जारी किया गया है।

२७ सदस्य संस्थाओं वाले दक्षिण एशियाई सामाजिक नेटवर्क समाज द्वारा किए गए अध्ययन पर आधारित इस प्रतिवेदन ने क्षेत्रीय स्तर पर यौन हिंसा पीड़ितों के लिए क्षतिपूर्ति, न्याय तक पहुँच और कानूनी व्यवस्थाओं की स्थिति का विश्लेषण किया है। प्रतिवेदन में बांग्लादेश, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका में यौन हिंसा पीड़ितों के लिए उपलब्ध क्षतिपूर्ति प्रणाली, कानूनी प्रावधानों और व्यावहारिक कार्यान्वयन का उच्च स्तरीय समीक्षा की गई है। अध्ययन में अधिकांश दक्षिण एशियाई देशों में यौन हिंसा पीड़ितों के लिए न्याय और क्षतिपूर्ति प्राप्त करना अभी भी एक चुनौती बना हुआ है, इसका निष्कर्ष निकाला गया है।

प्रतिवेदन के अनुसार, नेपाल का अपराध पीड़ित संरक्षण अधिनियम, २०७५ पीड़ितों के अधिकारों के संरक्षण के लिए दक्षिण एशिया में सबसे व्यवस्थित और मजबूत कानूनी संरचना प्रदान करता है। हालांकि, द्वंद्व कालीन यौन हिंसा के पीड़ित अभी भी प्रभावकारी क्षतिपूर्ति प्राप्त करने में असमर्थ हैं, यह भी प्रतिवेदन में उल्लेखित है। अध्ययन ने नेपाल को यौन हिंसा पीड़ितों के अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट अभ्यास प्रस्तुत करने वाले दो देशों में से एक के रूप में पहचाना है, जो अन्य देशों के लिए सीखने का उदाहरण है।

अंत में, प्रतिवेदन ने दक्षिण एशियाई सरकारों, दाता संगठनों और नागरिक समाज संस्थाओं से यौन हिंसा पीड़ितों के लिए प्रभावी और त्वरित क्षतिपूर्ति प्रणाली लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने का आह्वान किया है। विशेष रूप से बांग्लादेश, पाकिस्तान और मालदीव में, चाहे दोषी फौजदारी मामले में प्रमाणित हो या न हो, पीड़ितों को सीधे सम्बोधित करने वाला राष्ट्रीय क्षतिपूर्ति कोष स्थापित करने का आग्रह किया गया है। इससे पीड़ितों को दोषी प्रमाणित होने तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वे समय पर राहत तथा क्षतिपूर्ति प्राप्त कर सकेंगे, ऐसा विश्वास व्यक्त किया गया है।

राहुल गांधी को हिरासत में लेने की घटना पर विजय की पार्टी ने जताई कड़ी आपत्ति

तमिलगा वेत्री कड़गम ने विपक्षी नेता राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए कड़ी निंदा की है। पार्टी ने नीट परीक्षा के कारण छात्रों पर पड़े मानसिक दबाव और परीक्षा की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों को लेकर केंद्र सरकार से इस परीक्षा समाप्त करने की मांग की है। मंगलवार को प्रधानमंत्री का इस्तीफा मांगने के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी सहित कांग्रेस के सांसदों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिन्हें कुछ घंटों बाद रिहा किया गया। ६ साउन, काठमाडौ।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की पार्टी ने लोकसभा में विपक्षी दल के नेता राहुल गांधी के हिरासत में लिए जाने की घटना की कड़ी निंदा की है। तमिलगा वेत्री कड़गम (टिवीके) ने राहुल गांधी को पकड़कर हथकड़ी लगा कर ले जाने को लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया है। टिवीके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘देश की राजधानी में लोकतंत्र को कुचलना अत्यंत निंदनीय है। दिल्ली में युवाओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन करने पहुंचे लोकसभा के विपक्षी नेता राहुल गांधी को पुलिस द्वारा घसीटकर हिरासत में लेना और हथकड़ी लगाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।’

पार्टी ने आगे लिखा, ‘नीट परीक्षा लागू होने के बाद से ही इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। साथ ही छात्रों में लगातार मानसिक तनाव बढ़ रहा है। उनके भविष्य के सपनों पर बड़ा सवालिया निशान बन गया है।’ पार्टी ने कहा, ‘हर साल नीट परीक्षा से छात्रों को पहुंचने वाली हानि रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। इसलिए हम केंद्र सरकार से नीट परीक्षा को पूर्ण रूप से रद्द करने की कड़ी मांग करते हैं।’ राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के सांसदों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री निवास 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरना दिया। कुछ घंटों बाद उन्हें हिरासत में लेकर छत्रसाल स्टेडियम से रिहा किया गया।

२३वाँ पल्सर स्पोर्ट्स अवार्ड भदौ १८ गते आयोजना हुने

नेपाल खेलकुद पत्रकार मञ्च (एनएसजेएफ) द्वारा आयोजित प्रमुख नेपाली खेलकुद कार्यक्रम पल्सर स्पोर्ट्स अवार्डको २३औं संस्करण भदौ १८ गते आयोजना गरिने भएको छ। ६ साउन, काठमाडौं। एनएसजेएफले पल्सर स्पोर्ट्स अवार्ड २०८२ को मिति घोषणा गर्दै मुख्य प्रायोजन सम्झौतासम्बन्धी कार्यक्रमको जानकारी दिएको छ। यो अवार्ड कार्यक्रम प्रदर्शनी मार्गस्थित नेपाल पुलिस क्लबको ‘द ब्लु पवेलियन’ मा हुनेछ।

विगत वर्ष पहिलो पटक काठमाडौं बाहिर पोखरामा भव्यताका साथ आयोजना गरिएको पल्सर स्पोर्ट्स अवार्ड यस वर्ष पनि खेलाडी, प्रशिक्षक र खेलकर्मीलाई सम्मान गर्ने कार्यक्रम रहनेछ। यस वर्ष ९ विधामा अवार्ड प्रदान गरिनेछ, जसमा वर्षका उत्कृष्ट पुरुष खेलाडी, वर्षका उत्कृष्ट महिला खेलाडी, युवा वर्षको उत्कृष्ट खेलाडी, वर्षका उत्कृष्ट प्रशिक्षक, पिपल्स च्वाइस अवार्ड, पारा एथलिट सम्मान, विशेष अवार्ड, लाइफटाइम एचिभमेन्ट अवार्ड, र एसियन स्पोर्ट्स जर्नालिस्ट अवार्ड समावेश छन्।

मनोनयन प्रक्रिया केही दिनमै सार्वजनिक गरिनेछ र प्रत्येक विधिबाट ५-५ जनालाई मनोनयन गरिनेछ। विजेतालाई पल्सर मोटरसाइकल र अन्य विधिका विजेतालाई १ लाख रुपैयाँ पुरस्कार प्रदान गरिनेछ। मञ्चका अध्यक्ष निरञ्जन अधिकारीको अध्यक्षतामा मूल आयोजक समिति गठन गरिएको छ। गत वर्षका विजेतामा क्रिकेटका दीपेन्द्र सिंह ऐरी, करातेकी एरिका गुरुङ, क्रिकेट खेलाडी पुजा महतो र प्रशिक्षकतर्फ कविराज नेगी रहेका थिए।

गोल्छा ग्रुपसँगको सहकार्य निरन्तरता पाउँदै मञ्चले १७ लाख रुपैयाँ नगद र पाँच वटा मोटरसाइकल प्रायोजन गर्ने सम्झौतामा हस्ताक्षर गरेको छ। कुल ४५ लाख रुपैयाँ बराबरको प्रायोजन हुने जानकारी गोल्छा ग्रुपका निर्देशक अभिमन्यु गोल्छाले दिएका छन्।

पटनामा विद्यार्थी प्रदर्शन पर पुलिस ने अश्रुगैस का प्रयोग किया

दिल्ली में चल रहे विद्यार्थी आन्दोलन के समर्थन में भारत के पटना में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के आवाहन पर विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने पटना के जेपी गोलंबर के पास प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए अश्रुगैस के गोले और वाटर कैंन का उपयोग किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें कुछ पत्रकार और प्रदर्शनकारी घायल हुए।

६ साउन, काठमाडौं। दिल्ली में जारी विद्यार्थी प्रदर्शन के समर्थन में बुधवार को बिहार की राजधानी पटना में छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। यह प्रदर्शन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के आवाहन पर आयोजित किया गया था। इस प्रदर्शन में आइसा के अलावा अन्य छात्र संगठनों के छात्र भी शामिल थे। प्रदर्शनकारियों की पदयात्रा पटना के गांधी मैदान के गेट नंबर १० से शुरू हुई थी। वे राजभवन तक जाना चाहते थे।

पुलिस ने गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर के पास छात्रों को रोक दिया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैंन का इस्तेमाल किया। बीबीसी के वीडियो पत्रकार शहनवाज अहमद के अनुसार, पुलिस ने दो अश्रुगैस के गोले दागे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस पर भी पत्थर फेंकने का आरोप लगा है। पुलिस की कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारी जेपी गोलंबर पर नहीं रुके। वे आगे बढ़कर डाक बंगला चौराहे तक पहुंच गए। इस बीच छात्रों ने लगातार नारे लगाये। उन्होंने “गोदी मीडिया गो बैक” के नारे लगाये। प्रदर्शन के दौरान कई पत्रकार घायल हुए।

अफ़गानिस्तान में बाढ़ से दर्जनों की मौत, सैकड़ों लापता

अफ़गानिस्तान के नूरिस्तान प्रांत के पारुन शहर के कुछ हिस्से कुछ ही मिनटों में कीचड़ से भरी बाढ़ में डूब गए हैं, जबकि नदी किनारे बसे घर, दुकानें और सरकारी कार्यालय बह गए हैं। अचानक हुई तेज बारिश ने पूर्वी अफ़गानिस्तान के इस पहाड़ी इलाके को आपदा प्रभावित क्षेत्र बना दिया है। लापता दर्जनों लोगों की खोज और बचाव कार्य जारी है, और अधिकारियों ने मृतकों की संख्या 100 से अधिक होने की आशंका जताई है।

नसीरुद्दीन शाह ने संसद मार्च में छात्रों पर पुलिस दमन की कड़ी निंदा की

समाचार समीक्षा के बाद तैयार किया गया। संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए दमन के विरोध में बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने छात्रों को हिम्मत न हारने और उनके साथ व्यापक जनसमर्थन होने की बात कही है। शाह के साथ सोनाक्षी सिन्हा, प्रीती जिंटा, सोनू सूद, और दिलजीत दोसांझ सहित कई कलाकारों ने भी छात्रों का समर्थन किया है। ६ साउन, काठमाडौँ। कर्नाटक जनता पार्टी के कार्यकर्ता और प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों पर सोमवार को संसद मार्च के दौरान पुलिस के द्वारा किए गए कदम पर बॉलीवुड के कई कलाकारों ने कड़ी निंदा की है। दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भी छात्रों का समर्थन किया है। उन्होंने सभी बच्चों से हिम्मत न हारने का आग्रह किया और कहा कि बहुत से लोग उनकी समझदारी उनके साथ हैं। शाह ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा, ‘मैंने अभिनय के दो कोर्स किए हैं, फिर भी सबसे अधिक मैंने उन बच्चों से सीखा है, जिन्हें मैंने कौशल सिखाने का प्रयास किया है। मेरी पूरी सहानुभूति उनके साथ है, मैं उन्हें हर सांस में शुभकामनाएं देता हूँ और हर शिक्षक दिवस पर उनका सम्मान करता हूँ।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मेरा दिल अभी व्यथित है। बच्चों पर हो रहे अत्याचार को देखकर मैं गुस्से और दर्द से भर गया हूँ। छात्रों पर किया गया यह दमन उन गुंडों द्वारा हुआ है, जो मुझे अमेरिका के आइस एजेंटों की याद दिलाते हैं, जिनके हाथ में लाठी और चेहरे पर मास्क होता था। अपने बच्चों के बारे में सोचिए और याद रखिए कि कर्म का फल जरूर मिलता है।’ शाह ने आगे कहा, ‘मैं इन सभी बच्चों से कहना चाहता हूँ–हिम्मत बनाए रखें। कई लोग आपकी परवाह करते हैं। मैं इस देश की युवा पीढ़ी को हमेशा आशावादी देखता हूँ और वह आशा अब उजागर हो रही है। मैं इस देश की सरकार से भी कहना चाहता हूँ कि सब कुछ याद रखा जाएगा।’ इससे पहले सोनाक्षी सिन्हा, प्रीती जिंटा, सोनू सूद, दिलजीत दोसांझ, रितेश देशमुख, अभिनेत्री भूमि पेडनेकर, जेनेलिया सहित कई कलाकारों ने छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई थी।

तीन जिलों में आग लगने से सात लाख 40 हजार रुपए की हुई रोकसानी

महोत्तरी, काभ्रे और सप्तरी के विभिन्न इलाकों में आग लगने की घटनाओं में कुल सात लाख 40 हजार रुपये की आर्थिक हानि हुई है। महोत्तरी के सोनमा गाउँपालिका–3 दक्षिणबारी टोल में आज सुबह दिनेश यादव के गोठ में आग लगी, जिससे गोठ पूरी तरह जलकर लगभग तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है, जिसे पुलिस ने पुष्टि की है। काभ्रे के बनेपा नगरपालिका–1 दुलाल गाउँ में लक्ष्मण दुलाल के गोठ में विद्युत शॉर्ट सर्किट के कारण मंगलवार रात को आग लग गई, जिससे गोठ पूरी तरह जलकर करीब दो लाख 40 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। पुलिस प्रधान कार्यालय के विवरण के अनुसार, सप्तरी के कञ्चनरुप नगरपालिका–6 क्वाटर मलेठ में नवराज बस्नेत के गोठ में भी मंगलवार रात आग लगी, और गोठ पूरी तरह जलकर लगभग दो लाख रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई है।

१०५वीं वर्षगांठ मनाई स्काइडाइविंग के साथ जन्मदिन मनाया

न्यूयॉर्क के बार क्षेत्र में रहने वाले स्पर्जन ‘बुच’ कार्ल्सन ने अपने १०५वें जन्मदिन को स्काइडाइविंग के साथ अनोखे अंदाज में मनाया। उन्होंने स्काइडाइविंग के इस खास क्षण में अपने परिवार के सदस्यों और करीबी मित्रों को भी मौजूद रखा।

ईरानी राष्ट्रपति ने सरकारी टीवी चैनल की आलोचना क्यों की?

समाचार सारांश

समीक्षा पश्चात तैयार किया गया।

  • ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेस्कियन ने सरकारी चैनल पर सुप्रीम नेता माओवादी खामेनेई के बयान को अधूरा दिखाने की आलोचना की है।
  • पेज़ेस्कियन के अनुसार खामेनेई ने अमेरिका के साथ बातचीत की अनुमति दी थी, लेकिन चैनल ने बातचीत अस्वीकार का एक हिस्सा ही दिखाया है।
  • बुधवार सुबह अमेरिकी सेंटकम ने ईरान के विभिन्न स्थानों पर 11वें दौर का हमला किया।

6 साउन, काठमांडू। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेस्कियन ने सरकारी न्यूज़ चैनल IRIB की आलोचना की है।

उन्होंने कहा कि इस चैनल ने सुप्रीम नेता माओवादी खामेनेई के पूरे बयान को बिना दिखाए केवल कुछ अंश ही प्रसारित किए हैं।

पेज़ेस्कियन ने कहा, ‘खामेनेई ने अमेरिका से बातचीत के लिए अनुमति दी थी, लेकिन टीवी चैनल ने केवल उन हिस्सों को दिखाया जो बातचीत के अस्वीकृति का इशारा करते हैं।’

उन्होंने बातचीत से जुड़ी गलत टिप्पणियों की आलोचना करते हुए एकता और आपसी सहयोग बनाए रखने की अपील भी की।

इसी बीच, बुधवार सुबह अमेरिकी सेंटकम ने ईरान के विभिन्न स्थानों पर हमला किया। सेंटकम ने लगभग एक घंटे लंबा यह हमला 11वें दौर का बताया है।

एसीसी यू-१९ महिला प्रिमियर कप की सर्वाधिक रनकर्ता साबित्री धामी को अमरावती ने सम्मानित किया

धामी ने एसीसी महिला यू–१९ प्रिमियर कप २०२६ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता की सर्वाधिक रनकर्ता बनने में सफलता हासिल की। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में तीन बार अर्धशतक लगाते हुए कुल २५६ रन बनाए, जो नेपाली महिला यू–१९ क्रिकेट के इतिहास में एक नया कीर्तिमान है। अमरावती बुटिक होटल ने धामी को ५० हजार रुपये की नकद राशि के साथ सम्मानित किया। धामी ने लगातार तीन अर्धशतक लगाने वाली पहली नेपाली महिला क्रिकेटर का रिकॉर्ड भी स्थापित किया। ६ साउन, काठमाडौं।

धामी के शानदार बल्लेबाजी प्रदर्शन की बदौलत नेपाल ने एसीसी महिला यू–१९ एसिया कप में स्थान सुनिश्चित करते हुए प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल किया। बुधवार को आयोजित सम्मान समारोह में अमरावती बुटिक होटल ने धामी को ५० हजार रुपये नकद देकर सम्मानित किया। धामी ने अपराजित ७८ रन की सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत पारी खेली।

अपने कड़ी मेहनत और बेहतरीन प्रदर्शन का सम्मान मिलने पर धामी ने अमरावती बुटिक होटल परिवार का हार्दिक धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें आगे और भी मेहनत करने और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नेपाल का नाम ऊँचा करने की प्रेरणा देगा। अमरावती बुटिक होटल के प्रबंध निर्देशक कुशल श्रेष्ठ ने धामी की उपलब्धि को नेपाली महिला क्रिकेट के इतिहास में मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को सम्मानित करना गर्व की बात है और भविष्य में भी नेपाली खेलकूद के विकास में निरंतर सहयोग जारी रखने का वचन दिया।

शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने राहुल गांधी पर छात्र राजनीति के लिए उपयोग का लगाया आरोप

शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने राहुल गांधी पर छात्र राजनीति को अपने राजनीतिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल कर संसद के मानसून सत्र में विरोध उत्पन्न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने से सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ और आम जनता को असुविधा हुई। सरकार नीट परीक्षा से जुड़ी चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन विपक्ष ने लोकतांत्रिक बहस की बजाय राजनीतिक प्रदर्शनों को प्राथमिकता दी, प्रधान ने कहा। ६ साउन, काठमांडू।

धर्मेन्द्र प्रधान ने मंगलवार रात एक्स माध्यम से अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा, “लोकसभा के विपक्षी नेता राहुल गांधी और कांग्रेस लगातार छात्रों का राजनीतिक रूप से उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने संसद के मानसून सत्र में बाधा उत्पन्न करने के लिए ऐसा किया। राहुल गांधी और कांग्रेस ने प्रधानमंत्री निवास के बाहर धरना देने का निर्णय लिया, जिससे आम जनता को दिक्कत हुई और निर्धारित सुरक्षा नियमों की भी अनदेखी हुई।”

उन्होंने आगे लिखा, “सरकार इस विषय पर पूरी चर्चा के लिए तैयार थी। इसके बावजूद कांग्रेस ने लोकतांत्रिक बहस की बजाय राजनीतिक प्रदर्शन को चुना। उनका उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालना नहीं था, बल्कि राजनीतिक खबर बनने के लिए अवरोध उत्पन्न करना था। राहुल गांधी के लिए यह मामला छात्रों का नहीं था।”

प्रधान ने कहा, “हमारी सरकार नीट परीक्षा पर चर्चा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। युवाओं की उचित चिंताओं को संसद में उठाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। भारतीय छात्र राजनीतिक अभियानों का हिस्सा बनने के बजाय बेहतर व्यवहार के पात्र हैं। उन्हें अराजकता नहीं, विश्वास चाहिए। नारे नहीं, समाधान चाहिए। अवरोध नहीं, जिम्मेदारी चाहिए।” उन्होंने आगे कहा, “हम अपने छात्रों के आक्रोश के साथ-साथ जवाबदेही, सुधार और समाधान के लिए भी जिम्मेदार हैं। हमारी सरकार इन सभी पहलुओं पर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान से इस्तीफा की मांग की। वे प्रधानमंत्री आवास ७ लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। बाद में उन्हें हिरासत में लिया गया। कुछ घंटों बाद उन्हें और अन्य गिरफ्तार नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम से रिहा कर दिया गया।

भारत छात्र आंदोलन: कांग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ सड़क संघर्ष शुरू किया, कक्रोच जनता पार्टी और छात्रों का धरना जारी

भारत में विपक्षी दल कांग्रेस के नेता राहुल गांधी

तस्वीर स्रोत, INC

तस्वीर का कैप्शन, प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठने के बाद राहुल गांधी को हिरासत में लिया गया था

प्रकाशित

पढ़ने का समय: 5 मिनट

भारत की निचली सभा लोकसभा में विपक्षी दल के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफे की मांग की है।

कक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने भारत की शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग करते हुए दिल्ली में पिछले कुछ हफ्तों से विरोध प्रदर्शन किया है। शिक्षा क्षेत्र में देखी गई गड़बड़ी की ज़िम्मेदारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेनी चाहिए और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए, यह मांग सीजेपी और छात्रों द्वारा उठाई जा रही है।

दिल्ली में सीजेपी के आह्वान पर सोमवार को हजारों लोग संसद भवन की ओर मार्च करने का प्रयास कर रहे थे। दूसरे दिन कांग्रेस पार्टी ने भी मोदी सरकार पर सड़क से राजनीतिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। राहुल गांधी सहित कांग्रेस के नेता मंगलवार शाम प्रधानमंत्री के सरकारी आवास के बाहर धरने पर बैठे।

धरने पर बैठे राहुल गांधी, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने नियंत्रण में लिया।

हालांकि कुछ घंटे बाद हिरासत में लिए गए नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम से रिहा कर दिया गया।

प्रीति जिन्टाको आशंका: जन्तर-मन्तर प्रदर्शनमा ‘गैरसंवैधानिक तत्त्वहरूले लाभ नउठाओस’

अभिनेत्री प्रीति जिन्टाले जन्तर-मन्तरमा चलिरहेको विद्यार्थी प्रदर्शनप्रति देशविरोधी तत्वहरूले गलत लाभ नउठाउने आशंका व्यक्त गरेकी छिन्। उनले लोकतन्त्र र कानूनी अधिकारप्रति आफ्नो विश्वास व्यक्त गर्दै प्रदर्शनकारीहरू र सरोकारवालाहरूलाई गलत नियतिको पूर्वाग्रहबाट टाढा रहँदै सार्थक संवाद गर्न आग्रह गरिन्। सोमबार प्रहरीको लाठीचार्ज र अश्रुग्यास प्रहारपछि थुप्रै कलाकारहरूले छात्र आन्दोलनप्रति समर्थन जनाएका छन्। ६ साउन, काठमाडौं।

प्रीति जिन्टाले सामाजिक सञ्जाल प्लेटफर्म एक्समा लेखेको छ, “जहाँ आवश्यक छ कि हामी हाम्रा छात्रहरूलाई समर्थन गरौं र शिक्षा सुधारका त्यस्ता मागहरूलाई अघि बढाऔं जसले हाम्रा युवाहरूको भविष्यलाई अझ राम्रो बनाओस्, त्यहाँ उस्तै आवश्यक छ कि छात्रहरूको शान्तिपूर्ण प्रदर्शनमा एन्टि-नेसनल तत्त्वहरूले हंगामा फैलाउन र प्रदर्शनको दिशा परिवर्तन गर्न नदिऔं।” उनले अनलाइनमा बढ्दो घृणा र विभाजनकारी वातावरणप्रति गम्भीर चिन्ता पनि व्यक्त गरेकी छिन्।

प्रीति जिन्टाले आफ्नो पोस्टमा भनिन्, “मैले सधैं मेहनत, समता र उत्कृष्टतामा विश्वास गरेको छु र यसमा कुनै सम्झौता गर्नु हुँदैन। म आफ्नो लोकतन्त्र, कानुनी व्यवस्था र सरकारमा विश्वास राख्छु।” उनले थपिन्, “म हृदयदेखि आशा गर्दछु कि दुवै पक्षले सार्थक र सकारात्मक संवाद सुरु गरून् र यस प्रदर्शन तथा संवादबाट सबै गलत नियत भएका व्यक्ति र तत्त्वहरूलाई टाढा राखून्, ताकि हाम्रा युवाहरू र हाम्रो लोकतन्त्रको भविष्य उज्ज्वल रहोस्।”