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लेखक: space4knews

अइमल खान ने ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ पुरस्कार राशि बाढ़ पीड़ितों के लिए दान करने की घोषणा की

नेपाल वॉलीबॉल लीग के पहले मैच में सगरमाथा स्मैशर्स ने जीत हासिल की है और अइमल खान को प्लेयर ऑफ द मैच घोषित किया गया है। उन्होंने अपने प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार की २० हजार रुपये की राशि प्रधानमंत्री प्राकृतिक आपदा कोष में बाढ़ पीड़ितों के लिए दान करने की घोषणा की है। सगरमाथा के सभी खिलाड़ियों ने पहले मैच में अपनी जर्सी पर प्रधानमंत्री प्राकृतिक आपदा कोष का क्यूआर कोड लगाकर जनजागरण फैलाया था।

१९ भदौ, काठमांडू। नेपाल वॉलीबॉल लीग (एनवीएल) के पहले मैच में सगरमाथा स्मैशर्स ने जीत के साथ शुरुआत की। प्लेयर ऑफ द मैच घोषित अइमल खान ने अपने पुरस्कार की रकम बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए समर्पित करने का निर्णय लिया है। पाकिस्तान के खिलाड़ी अइमल खान ने प्लेयर ऑफ द मैच से मिले २० हजार रुपये प्रधानमंत्री प्राकृतिक आपदा कोष में जमा कर बाढ़ पीड़ितों की सहायता में उपयोग करने का संकल्प व्यक्त किया है।

जर्जिया मेलोनी दोस्रो विश्वयुद्ध के बाद इटली की सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहीं

१९ भादों, काठमांडू। जर्जिया मेलोनी, इटली की प्रधानमंत्री, जो दूसरी विश्वयुद्ध के बाद सबसे लंबे समय तक पद पर बनीं हैं। इस उपलब्धि पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, ‘मेरे मित्र और प्रधानमंत्री जर्जिया मेलोनी को दूसरी विश्वयुद्ध के बाद लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद संभालने पर हार्दिक बधाई। यह उपलब्धि इटली के लोगों के उनके नेतृत्व पर भरोसे और विश्वास को प्रमाणित करती है।’

मोदी ने उल्लेख किया कि भारत और इटली के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में मेलोनी की मित्रता और सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ‘‘मैं दोनों देशों के लोगों के बेहतर और समृद्ध भविष्य के लिए उनके साथ मिलकर काम जारी रखने की आशा करता हूं,’’ मोदी ने कहा। उन्होंने आने वाले वर्षों में मेलोनी की सफलता के लिए अपनी ओर से शुभकामनाएं और बधाइयाँ दीं।

इससे पहले, मेलोनी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा था कि इटली गणराज्य के इतिहास में यह सेवा अवधि सबसे लंबी है। ‘‘आज हमारी सरकार इटली गणराज्य के इतिहास में सबसे लंबे समय तक काम करने वाली सरकार बन गई है,’’ उन्होंने लिखा था। उन्होंने इस उपलब्धि का गहरा भावनात्मक स्वागत किया, ‘‘स्थिरता कोई ऐसा रिकॉर्ड नहीं है जिसे दिखावा किया जाए,’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह वह स्थिति है जो किसी देश को योजना बनाने, निर्णय लेने, वादे निभाने और सम्मान प्राप्त करने में मदद करती है।’

अर्जेंटीना के फॉकलैंड द्वीप पर दावा दोहराने पर ब्रिटेन का सख्त जवाब

अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियार माइल ने फॉकलैंड द्वीप पर अपने देश का दावा दोहराया है, जिसके बाद ब्रिटेन ने अपनी प्रतिबद्धता को “पूर्ण और अडिग” बताते हुए इसे स्पष्ट किया है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्री वेस स्ट्रिटिंग ने कहा कि फॉकलैंड के निवासी स्वयं को ब्रिटिश मानते हैं, इसलिए वे ब्रिटिश हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फॉकलैंड से जुड़ी अमेरिकी नीति की पुनर्समीक्षा की बात कही है, जिससे विवाद और भी संवेदनशील हो गया है। 19 सितंबर, लंदन (रासस/एएफपी)।

स्ट्रिटिंग ने माइल द्वारा उठाए गए मुद्दे को घरेलू राजनीति से प्रेरित बताया और कहा, “फॉकलैंड के निवासी खुद को ब्रिटिश समझते हैं इसलिए वे ब्रिटिश हैं।” माइल ने फॉकलैंड पर अर्जेंटीना के दावे के समर्थन में ‘परिवर्तन की हवा’ चलने का दावा किया है। वर्ष 1982 में फॉकलैंड को लेकर ब्रिटेन और अर्जेंटीना के बीच लगभग 10 सप्ताह तक युद्ध हुआ था। अर्जेंटीना फॉकलैंड द्वीप को ‘लास माल्विनास’ कहकर अपने भूभाग का दावा करता रहा है।

इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फॉकलैंड से संबंधित अमेरिकी नीति की पुनः समीक्षा हो रही है, यह बात विवाद को और अधिक संवेदनशील बना रही है। ब्रिटेन की मंत्री लुसी पावेल ने कहा कि फॉकलैंड ब्रिटेन के नियंत्रण वाला द्वीप क्षेत्र है और वहां के निवासियों को अपने भविष्य का निर्धारण करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा।

फुटबॉलर भरत खवास को मेजर पद पर पदोन्नति मिली

१९ भदौ, काठमाडौं। नेपाली राष्ट्रिय फुटबल टीम के फरवार्ड भरत खवास को नेपाली सेना ने मेजर पद पर पदोन्नत किया है। त्रिभुवन आर्मी क्लब से घरेलू फुटबल खेलने वाले खवास पहले कप्तान की भूमिका में थे। हाल ही में वे बाढ़ पीड़ितों के उद्धार और राहत कार्यों में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। उद्धार अभियान के दौरान नुवाकोट स्थित नेपाली सेना के बैरक में उन्हें मेजर का नामांकन दिया गया है। तस्वीर : शंकर गिरी

म्यान्मा आसियान के साथ संबंध सुधारने में लगा

म्यान्मा के राष्ट्रपति मिन आङ ह्लाइङ ने आसियान के साथ संबंधों को सुधारने और विदेशी निवेश आकर्षित करने के प्रयास के तहत शुक्रवार को वियतनाम का दौरा किया। हनोई में उन्होंने राष्ट्रपति टो लाम सहित उच्च स्तरीय अधिकारियों से मुलाकात करने और व्यापारिक पैनल में भाग लेने की उम्मीद है। वियतनाम और म्यान्मा के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2020 में 85 करोड़ 30 लाख डॉलर से घटकर 2025 में 59 करोड़ डॉलर हो गया है। 19 भाद्र, बैंकाक (रासस/एपी)।

2021 में सेना द्वारा सत्ता कब्जा करने के बाद क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़े राजनीतिक अलगाव को समाप्त करने के प्रयास के रूप में इस यात्रा को देखा जा रहा है। राष्ट्रपति पद संभालने के तुरंत बाद मिन आङ ह्लाइङ ने भारत, चीन, लाओस, थाईलैंड, कजाखस्तान, बेलारूस और रूस का दौरा किया। उन दौरों में उन्होंने संबंधित देशों के नेताओं से मुलाकात कर व्यापारिक पैनल के माध्यम से विदेशी निवेश लाने का प्रयास किया था। आलोचक इन कूटनीतिक गतिविधियों को सैन्य शासन की पकड़ मजबूत करने के लिए की गई कार्रवाई बता रहे हैं।

वियतनाम और म्यान्मा के बीच सुरक्षा एवं संचार के क्षेत्र में लंबे समय से सहयोग है, लेकिन व्यापार कम रहा है। 2020 में 85 करोड़ 30 लाख डॉलर था द्विपक्षीय व्यापार, जो 2025 में 59 करोड़ डॉलर तक घट गया। 2026 के पहले छह महीनों में व्यापार 33 करोड़ 50 लाख डॉलर तक पहुंचा है। हनोई में मिन आङ ह्लाइङ वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम सहित वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और व्यापार मंच में भाग लेंगे।

वियतनाम का यह दौरा उनके लिए आसियान सदस्य देशों में तीसरा है। फरवरी 2021 में सेना द्वारा आङ सान सुकी की निर्वाचित सरकार को अपदस्थ करने के बाद म्यान्मा और आसियान संबंध बिगड़ गए थे। आसियान ने शांति योजना के कार्यान्वयन में प्रगति न होने के कारण मिन आङ ह्लाइङ को उच्चस्तरीय बैठक में भाग लेने से रोका है। पश्चिमी देशों ने भी उनके और उनके सहयोगियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। मिन आङ ह्लाइङ की ताजा कूटनीतिक सक्रियता को म्यान्मा को क्षेत्रीय ढांचे में पुनः स्थापित करने और आर्थिक सहयोग बढ़ाने का प्रयास माना जा रहा है। वहीं, 2021 के सैन्य दमन के बाद म्यान्मा में राष्ट्रव्यापी सशस्त्र प्रतिरोध और गृहयुद्ध जारी है।

भारत और जापान के बीच ऐतिहासिक टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच का आयोजन

भारत और जापान पुरुष क्रिकेट टीम के बीच 22 सितंबर को तोचिगी प्रिफेक्ट्चर में पहला अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच आयोजित किया जाएगा। भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस मैच को भारत-जापान कूटनीतिक संबंधों की ७५वीं वर्षगांठ की औपचारिक शुरुआत के रूप में मनाने की घोषणा की है।

‘स्पोर्ट ७५’ पहल के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य जन-स्तर पर आदान-प्रदान और पूर्वी एशिया में क्रिकेट के विकास को बढ़ावा देना है। बीसीसीआई के सचिव देवजीत साकिया ने कहा कि यह ऐतिहासिक अवसर भारत और जापान के बीच दोस्ती को क्रिकेट के माध्यम से और मजबूत करने का मौका है। उन्होंने बताया कि यह मैच जापान और पूर्वी एशिया में क्रिकेट को एक नए दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।

‘स्पोर्ट ७५’ पहल जापान के प्रधानमंत्री साना ए ताकाईची और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई सहमति के अनुसार शुरू की गई है। बीसीसीआई ने यह भी बताया कि भारत ने इस पहल को 2036 के ओलंपिक और पैरालंपिक आयोजन की महत्वाकांक्षा से जोड़ा है।

नेपाल ए टोली साउथ अस्ट्रेलिया के साथ अभ्यास मैच में हार गया

नेपाल ए टीम साउथ अस्ट्रेलिया के साथ हुए अभ्यास एकदिवसीय मैच में १३८ रन से हार गई है। १९ भाद्र, काठमांडू में सम्पन्न मैच में साउथ अस्ट्रेलियाई टीम ने ५० ओवर में ९ विकेट खोकर २५९ रन बनाए थे। दोजित होगनबूजम ने १११ रन की शतकीय पारी खेली थी। नेपाल ने २६० रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए २२.१ ओवर में १२१ रन पर ऑल आउट हो गया। नेपाल के लिए राशिद खान ने ३७ रन बनाए, मयन यादव ने २० और दीपक डुम्रे ने १८ रन जोड़े।

साउथ अस्ट्रेलिया के कप्तान स्पेन्सर जॉनसन ने ३ विकेट लिए। क्याम्पबेल थोम्सन और हेडन शिलर ने २-२ विकेट लिए जबकि लाचलन बांग्स ने १ विकेट लिया। साउथ अस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए होगनबूजम की शतकीय पारी के सहारे २५९ रन बनाए। होगनबूजम ने १२२ गेंदों में ४ चौकों और ४ छक्कों की मदद से १११ रन बनाए। नेपाल के लिए राशिद खान ने २ विकेट लिए, जबकि रिजन ढकाल, नारायण जोशी, पवन सर्राफ और लोकेश बम ने १-१ विकेट लिया।

परिणाम की चिंता न करें, शत-प्रतिशत प्रदर्शन करें – सस्मित पोखरेल

शिक्षा और खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल ने जापान में होने वाले 20वें एशियाई खेलों में भाग लेने वाले नेपाली कराटे टीम को त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विदाई दी। मंत्री पोखरेल ने खिलाड़ियों से कहा कि वे पदक जीतने के दबाव में न आएं बल्कि अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें, और साथ ही कहा, “देश का झंडा लेकर यहाँ खेलने जा रहे हैं, सभी को धन्यवाद।” उन्होंने खिलाड़ियों को नए अनुभव के साथ लौटने के लिए प्रेरित किया।

मंत्री पोखरेल ने बताया कि सरकार राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों को हवाई अड्डे पर ‘वीआईपी कक्ष’ का उपयोग करने की सुविधा भी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा, “देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को भी विशिष्ट व्यक्तियों की तरह सम्मान मिलना चाहिए।” मंत्री पोखरेल ने कहा कि पहले केवल पदक जीतने पर स्वागत किया जाता था और हारने पर उपेक्षा होती थी, लेकिन अब यह प्रथा समाप्त हो जाएगी।

खिलाड़ियों के साथ बातचीत से अपनी अनुभूति साझा करते हुए मंत्री पोखरेल ने कहा, “खिलाड़ियों को राज्य से बड़ी आर्थिक अपेक्षा नहीं है, बल्कि वे अपनी मेहनत का सम्मान और आत्मसम्मान चाहते हैं।” उन्होंने भविष्य में भी खिलाड़ियों को विदाई देने के अवसर पर हवाई अड्डे पर उपस्थित रहने का वचन दिया और कहा, “जाइए, अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करें। सभी को शुभकामनाएँ।”

सर्वाधिक पुरस्कार राशि और विदेशी खिलाड़ी प्रमुख आकर्षण

समाचार सारांश

  • नेपाल भलिबल लीग का पहला संस्करण आज से काठमांडू में 6 टीमों के बीच शुरू हो रहा है।
  • उद्घाटन मैच में सगरमाथा स्मैशर्स और मधेश वारियर्स दोपहर 4 बजे दशरथ रंगशाला कवरड हॉल में खेलेंगे।
  • एनवीएल विजेता को 20 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा, और प्रतियोगिता में 10 देशों के 18 विदेशी खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।

19 भदौ, काठमांडू। पुरुष भालिबल की बहुप्रतीक्षित फ्रेंचाइजी प्रतियोगिता नेपाल भलिबल लीग (एनवीएल) का पहला संस्करण आज से काठमांडू में शुरू हो रहा है। नेपाली भालिबल को व्यावसायिक और फ्रेंचाइजी मॉडल के तहत आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता में 6 टीमें प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।

केडिया ग्रुप द्वारा आयोजित इस लीग के उद्घाटन मैच में आज सगरमाथा स्मैशर्स और मधेश वारियर्स आमने-सामने होंगे। त्रिपुरेश्वर स्थित दशरथ रंगशाला कवरड हॉल में खेल दोपहर 4 बजे शुरू होगा।

पहले दिन के दूसरे मैच में अन्नपूर्ण स्पाइकर किंग्स और कर्णाली शिवराज़ का मुकाबला होगा, जो शाम 7 बजे शुरू होगा।

लीग के पहले दिन की टिकट बिक्री से अर्जित पूरी आय बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए प्रधानमंत्री दैवी प्रकोप उद्धार कोष में जमा की जाएगी, यह आयोजनकर्ताओं द्वारा पहले ही घोषणा की गई है।

एनवीएल में भाग ले रही 6 टीमें सिंगल राउंड रॉबिन सिस्टम के तहत एक-दूसरे के खिलाफ खेलेंगी। लीग चरण के अंत में शीर्ष स्थान वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंच जाएगी, जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीमें फाइनल में प्रवेश के लिए प्लेऑफ खेलेंगी।

एनवीएल के पहले संस्करण में सगरमाथा स्मैशर्स, मधेश वारियर्स, काठमांडू रेड्स, अन्नपूर्ण स्पाइकर किंग्स, कर्णाली यशविस और खप्ताड फाल्कन्स सुदूरपश्चिम भाग लेंगे।

सर्वाधिक पुरस्कार राशि

एनवीएल विजेता को मिलने वाली पुरस्कार राशि नेपाली भालिबल के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी राशि है, जो इस संस्करण को विशेष बनाती है। चैंपियन टीम को 20 लाख रुपये नकद पुरस्कार मिलेगा। आयोजनकर्ताओं ने लीग की कुल पुरस्कार राशि 32 लाख रुपये होने की जानकारी दी है।

बाकी 12 लाख रुपये उपविजेता, विधागत पुरस्कार तथा प्लेयर ऑफ़ द मैच के पुरस्कारों के लिए आरक्षित हैं।

एनवीएल विजेता टीम नेपाली भालिबल इतिहास में सबसे अधिक नकद पुरस्कार पाने वाली टीम बनेगी। इसके लिए फिलहाल 6 टीमें संघर्ष कर रही हैं।

10 देशों के 18 विदेशी खिलाड़ी

नेपाल भलिबल लीग के पहले संस्करण में विदेश के लोकप्रिय खिलाड़ियों की भी उपस्थिति है जो प्रतियोगिता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तृत करने में मदद करेगी। प्रतियोगिता में 10 देशों के 18 विदेशी खिलाड़ी 6 फ्रेंचाइजी टीमों से खेल रहे हैं।

इससे पहले नेपाल में अधिकांश पुरुष भलिबल प्रतियोगिताओं में विदेशी खिलाड़ी भारत और पाकिस्तान के ही होते थे, लेकिन इस लीग में न केवल पड़ोसी बल्कि एशियाई देशों मंगोलिया और ईरान से लेकर यूरोप और ब्राजील तक के खिलाड़ी शामिल हैं। विभिन्न देशों की अलग-अलग भलिबल संस्कृतियाँ रखने वाले खिलाड़ी नेपाल के घरेलू कोर्ट में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

पाकिस्तान से सबसे अधिक पांच खिलाड़ी हैं, जबकि भारत और मंगोलिया से तीन-तीन खिलाड़ी खेल रहे हैं।

इसी तरह ईरान, रूस, पोलैंड, बेलारूस, सर्बिया, ब्राजील और बेनिन से एक-एक खिलाड़ी एनवीएल में भाग ले रहे हैं।

नेपाल में होने वाली पुरुष भलिबल प्रतियोगिताओं के इतिहास में पहली बार एक ही प्रतियोगिता में इतनी बड़ी संख्या में विदेशी खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। साथ ही 10 विभिन्न देशों के खिलाड़ियों की उपस्थिति भी पहली बार हुई है।

इससे नेपाली खिलाड़ियों को घरेलू कोर्ट पर ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिला है।

एनवीएल के नारे “ऊंचाई की नई उड़ान” के तहत यह लीग नेपाल के पुरुष भलिबल को व्यावसायिक स्तर पर नई ऊँचाइयों तक ले जाने और भलिबल के विकास में मददगार होने की उम्मीद है।

घरेलू कोर्ट पर नई उत्साह

फ्रेंचाइजी टीम, खिलाड़ियों की नीलामी का माहौल, विदेशी खिलाड़ियों की मौजूदगी और आकर्षक पुरस्कारों के कारण एनवीएल के पहले संस्करण का नेपाली भलिबल प्रेमी उत्साह से इंतजार कर रहे हैं। यह इंतजार अब समाप्त होने वाला है।

आज से घरेलू कोर्ट पर शुरू होने वाली यह प्रतियोगिता नेपाली पुरुष भलिबल के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत करेगी।

नेपाल राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों से लेकर विदेशी खिलाड़ियों तक का जमावड़ा इस लीग में है। टैलेंट हंट के माध्यम से कई नए प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा कर खेल में सीखने के लिए उत्साहित हैं।

6 फ्रेंचाइजी टीमों ने टैलेंट हंट के तहत 19 वर्ष से कम उम्र के 1-1 खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल किया है। ये युवा खिलाड़ी नेपाली एवं विदेशी खिलाड़ियों से सीखने और प्रतिस्पर्धा करने का बड़ा अवसर प्राप्त करेंगे।

 

दो दशक बाद मित्सुबिशी की नई पजेरो का अनावरण

मित्सुबिशी ने टोक्यो में अपनी नई पीढ़ी की फ्लैगशिप एसयूवी ‘अल-न्यू पजेरो’ का अनावरण किया है। नई पजेरो की बिक्री चालू वित्तीय वर्ष में थाईलैंड से शुरू होकर 2027 से 100 से अधिक देशों और क्षेत्रों तक विस्तारित की जाएगी। नई पजेरो में 2.4 लीटर क्लीन डिज़ल इंजन, 8-स्पीड ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन और सुपर ऑल-व्हील कंट्रोल सिस्टम शामिल है।

18 भादों। जापानी ऑटोमोबाइल कंपनी मित्सुबिशी ने अपनी लोकप्रिय फ्लैगशिप एसयूवी ‘अल-न्यू पजेरो’ की नई पीढ़ी का अनावरण किया है। 2006 में चौथी पीढ़ी के पजेरो को लॉन्च करने के करीब दो दशक बाद यह नया मॉडल पेश किया गया है। जापान के टोक्यो में बुधवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में इस गाड़ी का विश्वव्यापी पहला प्रदर्शन किया गया।

मित्सुबिशी मोटर्स के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) केइसुके किशिउरा और प्रमुख उत्पादन विशेषज्ञ इताकी कुनितोशी ने इस अवसर पर गाड़ी का औपचारिक अनावरण किया। नई पजेरो का उत्पादन थाईलैंड स्थित मित्सुबिशी के मुख्य उत्पादन केंद्र में होगा। बिक्री और वितरण चालू वित्तीय वर्ष में थाईलैंड से प्रारंभ करने की योजना है। इसके बाद इसे 2026 के वित्तीय वर्ष के भीतर जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे मुख्य बाजारों में उपलब्ध कराया जाएगा। 2027 से कंपनी इसे ASEAN, लैटिन अमेरिका और पश्चिम एशिया सहित 100 से अधिक देशों और क्षेत्रों में विस्तारित करेगी।

1982 में पहली बार बाजार में आई पजेरो ने असली ऑफ-रोड क्षमता, उच्च विश्वसनीयता और यात्रियों को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं का उत्तम संयोजन पेश किया था। 1990 के दशक में जापान में मनोरंजक वाहनों की नई लहर लाने में पजेरो की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। चार पीढ़ियों में इसका कुल उत्पादन 32 लाख 90 हजार से अधिक हो चुका है। प्रसिद्ध डकार रैली में सात बार लगातार जीत के साथ कुल 12 बार विजेता बनकर पजेरो को ‘किंग ऑफ डेजर्ट’ का खिताब मिला है। रैली प्रतियोगिताओं में परीक्षण एवं विकसित तकनीकों को मित्सुबिशी ने अपने उत्पादन वाहनों में इस्तेमाल किया है।

विश्वव्यापी कार्यक्रम में बोलते हुए मित्सुबिशी मोटर्स के अध्यक्ष और प्रमुख संचालन अधिकारी (COO) केइसुके किशिउरा ने कंपनी की नई रणनीतिक योजना का परिचय दिया। किशिउर ने कहा, ‘हम अपनी 2030 मध्य और दीर्घकालीन रणनीति के तहत विशेष उत्पादों का विकास करेंगे। हम अपने ब्रांड को मजबूत बनाने के लिए ग्राहक संतुष्टि बढ़ाएंगे, जो कंपनी के मूल्य वृद्धि का कारण बनेगा। साथ ही हम मित्सुबिशी मोटर्स को विशिष्ट बनाने वाले तत्वों को और मज़बूत करेंगे।’ कंपनी ने 2030 तक ग्राहक संतुष्टि पर केंद्रित रहने का लक्ष्य रखा है।

अध्यक्ष किशिउरा ने आगे कहा, ‘अल-न्यू पजेरो इस सोच को साकार करने वाला पहला मॉडल है। यह हमारी फ्लैगशिप श्रृंखला का नेतृत्व करेगा और पूरे लाइनअप को आगे बढ़ाएगा। नई पजेरो एक प्रीमियम क्रॉस-देश एसयूवी है, जिस पर चालक हर परिस्थिति में भरोसा कर सकते हैं। हम इसे विश्व के विभिन्न बाजारों में क्रमशः पेश करेंगे।’

कंपनी इस वित्तीय वर्ष में थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया और जापान में बिक्री आरंभ करेगी। साथ ही छोटे और कॉम्पैक्ट एसयूवीयों को भी शामिल करते हुए पजेरो श्रृंखला का विस्तार किया जाएगा। पुराने पजेरो मालिकों के लिए नई विकल्प तथा नए ग्राहकों के लिए आकर्षक वाहन बनने की उम्मीद है।

प्रमुख उत्पादन योजना अधिकारी इताकी कुनितोशी ने विकास टीम की ओर से बोलते हुए नई पजेरो निर्माण की भावना और तकनीकी पक्षों के बारे में जानकारी दी। कुनितोशी ने कहा, ‘मित्सुबिशी मोटर्स का मुख्य लक्ष्य सभी चालकों को हर सड़क और मौसम में सुरक्षित यात्रा करने की क्षमता देना है। हमारा लक्ष्य है कि लोग किसी भी परिस्थिति में आराम और आत्मविश्वास के साथ यात्रा कर सकें। अल-न्यू पजेरो मित्सुबिशी की पहचान दर्शाने वाला फ्लैगशिप मॉडल है।’

उनके अनुसार यात्रा के दौरान नए गंतव्य की ओर उत्साह के साथ कुछ अनिश्चितताएं भी होती हैं। ऐसी स्थिति में गाड़ी को चालक को बिना हिचकिचाहट के आगे बढ़ने का आत्मविश्वास देना चाहिए।

नई पजेरो की बाहरी और आंतरिक डिज़ाइन ‘ग्रांड करिश्मा’ अवधारणा पर आधारित है। कार्यक्रम में कार्यक्रम डिजाइन निदेशक नोरिहिको योशिमुरा ने इस अवधारणा की व्याख्या की।

योशिमुरा ने कहा, ‘हमने शुरू में अपने आप से पूछा, पजेरो क्यों और क्यों अब? हमारे डिजाइनर और विकासकर्ताओं ने इस पर विस्तृत चर्चा की। अंततः हम सभी एक समान सोच पर पहुँचे — जापान से नई पजेरो बनाएंगे।’ डिजाइन टीम ने पुरानी शैली को सिर्फ जारी रखने के बजाय नई युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा है।

उन्होंने जोड़ा, ‘दुनिया में कई ऑफ-रोड ब्रांड हैं, लेकिन जापान में हमारे पास पजेरो है, और इसमें हम विश्वास करते हैं। पहली पीढ़ी की पजेरो ने केवल स्थापित मूल्य और मान्यताओं का पालन नहीं किया, बल्कि नई मूल्य भी बनाए, जिसने ग्राहकों का दिल जीता और अपनाया गया। मैं भी उन ग्राहकों में से एक हूँ।’

चौथी पीढ़ी को आए 20 साल के बाद भी नई पजेरो कैसी होनी चाहिए, इस पर चर्चा जारी रही। डिजाइन निदेशक योशिमुरा ने कहा, ‘हमने पुरानी चीजों को सिर्फ पुनर्जीवित नहीं किया, बल्कि पूर्वधारणाओं को चुनौती देते हुए पजेरो की वास्तविक आत्मा को समेटते हुए नवाचार लाए।’

उन्होंने डकार रैली के सात बार विजेता हीरोशी मासुओका का संदेशन उद्धृत करते हुए कहा कि चालक की थकान कम करना गाड़ी की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है। मासुओका के संदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘रैली चलाने की कला ही पर्याप्त नहीं, गाड़ी का चलाना आसान होना भी उतना ही जरूरी है। गाड़ी को अंतिम सीमा तक दौड़ाते हुए भी चालक की थकान कम करनी चाहिए। इसीलिए पजेरो ने डकार रैली में तेज फिनिश किया और वह यहां एक लीजेंड बन गया।’

नई पजेरो की विशेषताएं

नई पजेरो ने पहली पीढ़ी की सीधी और क्षैतिज रेखाओं पर आधारित बाहरी रूप को कायम रखा है। इसका C-पिलर पहली पीढ़ी के पजेरो के रोल बार से प्रेरित है। सामने के भाग में जापानी मार्शल आर्ट ‘केन्डो’ का प्रतीक लगाया गया है। यहां गहराई से उकेरे गए T-आकार के हेडलाइट्स प्रयोग किए गए हैं। सामने दो प्रकार के ग्रिल विकल्प हैं — एक हॉरिज़ॉन्टल बार ग्रिल और दूसरा हाईकंब ग्रिल।

मित्सुबिशी की प्रसिद्ध ‘डायनामिक शील्ड’ को और मजबूत रूप से प्रस्तुत किया गया है। पीछे के हिस्से में पुराने मॉडल की गाड़ियों में दिखने वाले स्पेयर व्हील को षट्कोण डिज़ाइन में परिवर्तित किया गया है। सामने के बोनट को मुकुट जैसा डिज़ाइन दिया गया है। रंग चयन में दो मुख्य थीम हैं: ‘आर्मर कॉपर मेटैलिक’ और ‘फैंटम ब्लू मेटैलिक’। अंदरूनी भाग में प्राकृतिक लुक के लिए ‘कैमल’ रंग का इस्तेमाल हुआ है।

नई पजेरो में विशेष रूप से विकसित 2.4 लीटर क्लीन डिज़ल इंजन लगाया गया है। इसमें ‘वाइड-रेंज सिंगल वेरिएबल ज्योमेट्री टूर्बोचार्जर’ (VGT) शामिल है, जो 480 न्यूटन मीटर अधिकतम टॉर्क प्रदान करता है। यह इंजन नई विकसित 8-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन से जुड़ा है, जो स्पोर्ट मोड का भी समर्थन करता है।

गाड़ी का मुख्य ढांचा मजबूत ‘लेडर फ्रेम’ है। हाई-टेंशन स्टील का उपयोग वजन कम करने में मदद करता है। फ्रेम की बनावट मोड़ने और मरोड़ने की क्षमता को भी बेहतर बनाती है। सस्पेंशन प्रणाली में सामने स्वतंत्र डबल-विशबोन और पीछे नई विकसित फाइव-लिंक रिजिड एक्सल शामिल हैं।

ड्राइविंग क्षमता बढ़ाने के लिए मित्सुबिशी ने इसमें ‘सुपर ऑल-व्हील कंट्रोल’ और ‘सुपर सेलेक्ट फोर व्हील ड्राइव-टू’ सिस्टम जोड़ा है। चालक अपनी आवश्यकता अनुसार चार मोड चुन सकता है: टू-व्हील ड्राइव, फुल-टाइम फोर-व्हील ड्राइव, सेंटर डिफरेंशियल लॉक, और लो-रेंज गियर के साथ सेंटर डिफरेंशियल लॉक।

नई पजेरो में किसी भी रास्ते की स्थिति के बावजूद अंदरूनी आराम को प्राथमिकता दी गई है। तीन पंक्तियों में यात्रियों के लिए पर्याप्त स्थान प्रदान किया गया है। दूसरी पंक्ति की सीटें आगे-पीछे सराई जा सकती हैं और डबल फोल्डिंग सुविधा भी है। इससे तीसरी पंक्ति में आसानी से बैठना और उतरना संभव हो जाता है। तीसरी पंक्ति की सीट को सामान रखने या यात्रियों के बैठने के अनुरूप समायोजित किया जा सकता है।

यात्रा के दौरान शांति बनाए रखने के लिए विंडशील्ड तथा अगली और पिछली दरवाजों की खिड़कियों में ध्वनि अवरुद्ध करने वाले विशेष ग्लास का इस्तेमाल किया गया है, जिससे उच्च गति पर या बारिश के दौरान भी सामान्य आवाज़ में बातचीत संभव होती है।

अंदरूनी हिस्से में 14.3 इंच के दो बड़े स्क्रीन एक साथ स्थित हैं। पुराने पजेरो के प्रसिद्ध ‘ट्रिपल गेज’ डिस्प्ले को आधुनिक ‘मल्टी-मीटर’ में बदला गया है। डैशबोर्ड और दरवाजों पर जापानी पारंपरिक हस्तकला ‘किमेकोमी’ से प्रेरित ‘S’ आकार की सिलाई और मुलायम सामग्री शामिल है। संगीत और मनोरंजन के लिए Yamaha Corporation के सहयोग से विकसित ‘डायनामिक साउंड Yamaha अल्टिमेट’ ऑडियो सिस्टम लगाया गया है, जिसमें स्मार्टफोन को वायरलेस जोड़ने की सुविधा भी है।

गाड़ी का परीक्षण जापान के हक्काइडो में तोकाची रिसर्च सेंटर के नए ऑफ-रोड ट्रैक पर किया गया था। इसके अलावा विश्व के विभिन्न रास्तों का अनुकरण करने वाले ऑन-रोड ट्रैक पर भी इसका परीक्षण किया गया। गाड़ी की टिकाऊपन और क्षमता को परखने के लिए इसे थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका के कठिन इलाके में भी परखा गया।

मलेसियामा श्रमिक भर्ना गर्ने २५ कम्पनी छनोटमा लामिछानेको निष्पक्ष छानबिनलाई जोड

नेपाल वैदेशिक रोजगार व्यवसायी संघले मलेसियामा श्रमिक भर्नाको प्रक्रिया अन्तर्गत २५ वटा संस्थालाई मात्र समावेश गरिएबारे राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) सभापति रवि लामिछानेलाई ध्यानाकर्षण गराएको छ। संघले ती २५ संस्थाको छनोटमा आधिकारिकता, मापदण्ड, पारदर्शिता, निष्पक्षता र विश्वसनीयताबारे प्रश्न उठाउँदै निष्पक्ष छानबिनको माग गरेको छ। लामिछानेले कुनै पनि अनियमितता वा दोषी पक्ष भेटिए कानुनी कारबाही गर्न प्रतिबद्धता व्यक्त गरेका छन्। १८ भदौ, काठमाडौं।

संघका अध्यक्ष डिकबहादुर खत्रीको नेतृत्वमा प्रतिनिधिमण्डलले लामिछानेसँग भेट गरी वैदेशिक रोजगार क्षेत्रमा देखिएका समस्याहरू र नीतिगत सुधारका विषयमा छलफल गरेको छ। बैठकमा मलेसियामा श्रमिक भर्नाको प्रक्रियामा फरेन वर्कर्स सेन्ट्रलाइज्ड म्यानेजमेन्ट सिस्टम (FWCMS) मार्फत मात्र २५ वटा वैदेशिक रोजगार व्यवसायी संस्था समावेश गरिएको र अरू व्यवसायीलाई यस प्रक्रियाबाट बहिष्कृत गर्न खोजिएको विषय उठाइएको छ।

संघले ती २५ संस्था छनोटमा आधिकारिकता, मापदण्ड, पारदर्शिता, निष्पक्षता र विश्वासिलोपनका प्रश्न उठाउँदै निष्पक्ष छानबिनको माग गरेको छ। छलफलका क्रममा लामिछानेले यस विषयमा छानबिन गरी अनियमितता वा दोषी भेटिए कानुनी कारबाही अघि बढाउने पहल गर्ने प्रतिबद्धता व्यक्त गरेका छन्। संघले वैदेशिक रोजगार क्षेत्रमा सीमित समूहको एकाधिकार र अस्वस्थ प्रतिस्पर्धाले श्रमिक, व्यवसायी र नेपाल–मलेसिया श्रम सम्बन्धमा नकारात्मक असर पार्न सक्ने चेतावनी दिएको छ।

नेपाल में भुगतान सेवा प्रदान करने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए रास्ता खुलेगा

सरकार ने भुगतान तथा राफसाफ अधिनियम २०७५ में संशोधन करते हुए पेपाल, वीज़ा और मास्टरकार्ड जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को नेपाल में अनुमति देने हेतु विधेयक संसद में प्रस्तुत किया है। यदि यह विधेयक पारित हो जाता है, तो नेपाली भुगतान प्रणाली में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, कारोबार शुल्क कम होंगे और ग्राहक उच्च गुणवत्ता वाली सेवा प्राप्त कर पाएंगे, ऐसा नेपाल राष्ट्र बैंक के अधिकारियों ने बताया है। यह विधेयक विदेशी कंपनियों के लिए आवेदन प्रक्रिया, डिजिटल वित्तीय सेवा, परीक्षण सेवा, तरलता सुविधा और विवाद समाधान समिति सहित विभिन्न प्रावधानों का प्रस्ताव करता है। १८ भदौ, काठमांडू।

सरकार ने भुगतान सेवाएं प्रदान करने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को नेपाल में अनुमति देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अर्थ मंत्रालय ने गुरुवार को भुगतान तथा राफसाफ अधिनियम २०७५ में संशोधन के साथ यह विधेयक संसद में दायर कर दिया है। इस विधेयक के अनुसार, भुगतान सेवा देने वाली विदेशी कंपनियां नेपाल में काम करने के लिए अनुमति प्राप्त कर सकती हैं। यदि विधेयक बिना संशोधन के पारित हो जाता है, तो पेपाल, वीज़ा, मास्टरकार्ड जैसी अंतरराष्ट्रीय भुगतान संस्थाएं भी नेपाल में सेवा संचालित कर सकेंगी, राष्ट्र बैंक के अधिकारियों ने जानकारी दी।

अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के नेपाल आने से भुगतान प्रणाली में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिसके परिणामस्वरूप ग्राहक कम शुल्क में बेहतर सेवा का लाभ उठा सकेंगे। केन्द्रीय बैंक के अधिकारियों ने कहा, ‘नेपाल से वस्तुएं बेचने और फ्रीलांसिंग करने वाले अब पेपाल के माध्यम से भुगतान प्राप्त कर पाएंगे,’ जो वर्तमान में एक समस्या रही है। विधेयक में राष्ट्रीय भुगतान बोर्ड के विज्ञ संचालकों के लिए न्यूनतम स्नातकोत्तर स्तर की योग्यता निर्धारित की गई है, जिसमें आर्थिक, मौद्रिक, वित्तीय, प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी या वाणिज्य कानून के क्षेत्र में कम से कम पांच वर्ष का अनुभव अनिवार्य होगा।

वैकल्पिक मार्ग से लगभग २४,५०० सिलेंडर गैस काठमाडौं लाया जा रहा है

बाढ़ और भूस्खलन के कारण सड़क अवरुद्ध होने पर नेपाल आयल निगम ने काठमाडौं उपत्यका और आसपास के जिलों में पेट्रोलियम पदार्थ वैकल्पिक मार्ग द्वारा आपूर्ति करना शुरू किया है। निगम ने आज उपत्यका के लिए लगभग २४,५०० गैस सिलेंडर लाने की व्यवस्था की है और कल से नियमित एवं अधिक मात्रा में आपूर्ति जारी रखने का आश्वासन दिया है। बचाव कार्यों के लिए नुवाकोट के नेपाली सेना के बैरक से हवाई इंधन रीफ्यूलिंग सेवा भी उपलब्ध कराई गई है और १० भदौ से अब तक १० लाख २ हजार लीटर इंधन भेजा जा चुका है।

आज विभिन्न ब्रांडों के लगभग २४,५०० गैस सिलेंडर उपत्यका के लिए लाने का प्रबंध किया गया है और कल से यह क्रम नियमित तथा बढ़ी हुई मात्रा में जारी रखा जाएगा। १८ भदौ, काठमाडौं। लगातार बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन से सड़क नेटवर्क बंद हो गया था, जिससे नेपाल आयल निगम ने काठमाडौं उपत्यका और आस-पास के जिलों में पेट्रोलियम पदार्थ और खाना पकाने के एलपी गैस वैकल्पिक मार्ग से सप्लाई करना शुरू किया है।

१० भदौ को भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने रसुवा, नुवाकोट, धादिङ, गोरखा और चितवन समेत कई जिलों में भारी जनधन की क्षति पहुंचाई है। उक्त क्षेत्रों में जारी बचाव कार्यों में निगम पेट्रोलियम पदार्थ और गैस की बिक्री- वितरण का प्रबंध संभाल रहा है। इसके अलावा, १४ भदौ को त्रिशूली नदी ने पृथ्वी राजमार्ग के कृष्णभिर खंड में कटान किया और सड़क धंसने के कारण मार्ग बंद हो गया, जिससे पेट्रोलियम टैंकर और गैस व्हीकल्स उस मार्ग से आगे नहीं बढ़ सके।

इस समस्या को ध्यान में रखते हुए निगम ने काठमाडौं और आस-पास के जिलों में बिक्री-वितरण के लिए पेट्रोलियम पदार्थ वैकल्पिक रूप से त्रिभुवन राजपथ से लाने की व्यवस्था की है। निगम के अनुसार, एलपी गैस उद्योग के लिए वर्तमान में तराई के उद्योगों में गैस सिलेंडर उसी मार्ग से लाने की योजना है। साथ ही, खोज और बचाव कार्यों में लगे हेलीकॉप्टरों के लिए आवश्यक हवाई ईंधन नेपाली सेना से समन्वय कर नुवाकोट स्थित नेपाली सेना के बैरक से रीफ्यूलिंग सेवा प्रदान की जा रही है।

१० भदौ से अब तक १० लाख २ हजार लीटर हवाई ईंधन बचाव कार्यों के लिए भेजा गया है, और नियमानुसार अभी भी बैरक से रीफ्यूलिंग जारी है, निगम ने बताया। बचाव कार्यों की सुविधा हेतु निगम के थानकोट स्थित बागमती प्रादेशिक कार्यालय से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संचालित पेट्रोल पंपों को अब तक १० लाख ५ हजार लीटर पेट्रोल और २० लाख २ हजार लीटर डीजल उपलब्ध कराया जा चुका है। आवश्यकतानुसार सार्वजनिक छुट्टियों में भी पेट्रोल और डीजल की बिक्री- वितरण का प्रबंध किया गया है।

खोज तथा बचाव कार्यों से बचाए गए प्रभावित क्षेत्र के विभिन्न शेल्टरों में बाढ़ पीड़ितों के आवश्यक गैस की भी व्यवस्था की गई है। निगम के समन्वय में नेपाल एलपी गैस उद्योग संघ द्वारा उपलब्ध कराए गए १,२५० गैस सिलेंडरों में से राष्ट्रीय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण, सिंहदरबार, काठमाडौं के अनुरोध पर रसुवा और नुवाकोट जिलों को ५०० गैस सिलेंडर भेजे गए हैं, निगम के प्रवक्ता मनोज ठाकुर ने जानकारी दी है।

रसुवा बाढ़ ने ४१ पक्की और ४५ झोलुँगे पुलों को नुकसान पहुंचाया, नेपाल में बेलिब्रिज की स्थिति क्या है?

रसुवा बाढ़ ने दर्जनों पक्की और झोलुँगे पुलों को बहा दिया है, जिसके बाद तुरंत तीन स्थानों पर बेलिब्रिज लगाने का निर्णय लिया गया है। अतिरिक्त कुछ नदियों पर पुल निर्माण के लिए अध्ययन भी जारी है, अधिकारियों ने बताया। पूर्वाधार विकास मंत्रालय के सचिव गोपालप्रसाद सिग्देल ने बताया कि गाड़ियों के लिए उपयोगी सरकारी और कुछ जलविद्युत परियोजनाओं के अंतर्गत ४१ पक्की पुल, ४५ झोलुँगे पुल और लगभग ४० किलोमीटर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। उन्होंने कहा, “हालांकि उन सभी पुलों को तुरंत बनाना संभव नहीं है, फिर भी संपर्क पुनः स्थापित करने के लिए तीन स्थानों पर बेलिब्रिज लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।”

सिग्देल के अनुसार, आने वाले समय में बनने वाले पुलों में तादिमा गल्छी-नुवाकोट जोड़ने वाला पुल, बेतरावती में रसुवागढ़ी जाने वाले मार्ग का पुल और नुवाकोट बिदुर के त्रिशूली पुल शामिल हैं। सड़क विभाग के महानिदेशक विजय जैसी ने बताया कि उनके प्रबंधन में आने वाले ३० पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं और वे अन्य संभावित स्थानों की पहचान भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “तीन पुलों को छोड़कर, तुरंत धादिङबेसी से जुड़ने वाले फुर्केखोला में विभिन्न विकल्प देख रहे हैं। वहां ८० मीटर लंबा बेलिब्रिज आवश्यक होगा, जो फिलहाल हमारे पास उपलब्ध नहीं है।”

नेपाल में वर्तमान में सड़क विभाग के पास ११ बेलिब्रिज हैं, जिनकी लंबाई ५० मीटर है, वहीं नेपाली सेना के पास ७६ मीटर लंबे दो प्रकार के बेलिब्रिज हैं। सचिव सिग्देल ने कहा, “हमारे पास उपलब्ध ये बेलिब्रिज तत्काल आवश्यक संपर्क नेटवर्क को मजबूत करने में सक्षम हैं।” उन्होंने आगे कहा, “भविष्य में धीरे-धीरे स्थायी पुलों का निर्माण या अधिक बेलिब्रिज लगाने की भी योजना है।”

सड़क विभाग ने पुल और सड़क की प्रारंभिक क्षति का अनुमान लगभग ३० अरब रुपए लगाया है। हालांकि ये अस्थायी संरचनाएं हैं, लेकिन नेपाल में बेलिब्रिज वर्षों तक उपयोग में रखे गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन पुलों का निरंतर निरीक्षण किया जाता रहा है और आमतौर पर इन्हें एक से दो वर्षों तक उपयोग में लाया जाता है।

विपत्ति के दौरान आयल निगम और उद्योगियों के सहयोग से एलपी गैस के दाम बढ़े

कृष्णभिर के भूस्खलन से पृथ्वी राजमार्ग अवरुद्ध होने के कारण काठमांडू उपत्यका में खाना पकाने के लिए उपयोग होने वाली एलपी गैस की कीमत प्रति सिलेंडर 1,005 रुपये 38 पैसे बढ़ाई गई है। उद्योग संघ के निर्णय के अनुसार अब काठमांडू उपत्यका में गैस की कीमत प्रति सिलेंडर 2,165 रुपये 38 पैसे होगी। उद्योगियों ने बताया कि तराई क्षेत्र में रिफिल कर वैकल्पिक मार्ग से गैस लाने के कारण ढुलाई लागत बढ़ गई है, जिससे उपभोक्ताओं को कुछ अतिरिक्त भार उठाना पड़ रहा है। (18 भदौ, काठमांडू)

कृष्णभिर में हुए भूस्खलन से पृथ्वी राजमार्ग अवरुद्ध होने के बाद वैकल्पिक ढुलाई महंगी होने के कारण नेपाल आयल निगम की सहमति से उद्योगियों ने खाना पकाने वाली एलपी गैस के दाम बढ़ाए हैं। नेपाल आयल निगम ने एलपी गैस की कीमत प्रति सिलेंडर 2,060 रुपये निर्धारित की थी, लेकिन उद्योगियों ने ढुलाई भाड़ा जोड़ने के कारण कीमत प्रति सिलेंडर 105 रुपये 38 पैसे बढ़ाई है। 18 भदौ को हुई वार्षिक साधारण सभा के निर्णय के अनुसार, काठमांडू उपत्यका में एलपी गैस के दाम बढ़ाने की जानकारी संघ ने विज्ञप्ति द्वारा दी है।

उद्योग संघ के निर्णय के अनुसार अब काठमांडू उपत्यका में गैस की कीमत प्रति सिलेंडर 2,165 रुपये 38 पैसे होगी। कृष्णभिर के भूस्खलन के कारण वैकल्पिक मार्ग से गैस लाने में लागत बढ़ने से उपभोक्ताओं को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है, यह निर्णय इसलिए लिया गया है, संघ के पूर्व अध्यक्ष शिवप्रसाद घिमिरे ने बताया। उन्होंने कहा, ‘पहले बुलेट से गैस ढुलाई होती थी, एक बुलेट में 1,250 सिलेंडर आता था, लेकिन तराई में बोतलिंग कर वैकल्पिक माध्यम से ढुलाई महंगी पड़ रही है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘ढुलाई भाड़ा 180 रुपये प्रति सिलेंडर है, जिसमें उपभोक्ताओं को 105 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना होगा।’

आयल निगम के साथ सहमति के अनुसार गैस के दाम बढ़ाए गए हैं, ऐसा उद्योगियों ने दावा किया है। काठमांडू उपत्यका में स्थित गैस उद्योगों को तराई क्षेत्र के उद्योगों से रिफिल कराकर गैस लाने की बाध्यता होने के कारण ढुलाई भाड़ा बढ़ाया गया है, संघ ने बताया। गैस के खरीद मूल्य में वृद्धि नहीं हुई है, केवल ढुलाई लागत बढ़ने की वजह से उपभोक्ता मूल्य बढ़ा है, नेपाल गैस उद्योग के संचालक गोकुल भंडारी ने कहा है। उन्होंने कहा, ‘आयल निगम हमें काठमांडू तक का भाड़ा नहीं देता, केवल तराई तक का ही देता है।’ संचालक भंडारी ने कहा, ’50 किलोमीटर से अधिक दूरी पर गैस ढुलाई के लिए अतिरिक्त भाड़ा लेने की व्यवस्था निगम के नियमों और सहमति के तहत हमें मिली है, इसलिए प्रति सिलेंडर 105 रुपये वृद्धि की गई है।’

उनके अनुसार उद्योगियों का वास्तविक खर्च 200 रुपये से अधिक है, लेकिन निगम के नियमों के अनुसार 105 रुपये से अधिक भाड़ा लेना संभव नहीं है। उन्होंने कहा, ‘इसलिए घाटा सहन करते हुए भी हमें गैस लानी पड़ती है।’ गैस की कीमत वृद्धि पर आयल निगम के प्रवक्ता मनोज ठाकुर ने कहा कि खाना पकाने वाली एलपी गैस की कीमत उद्योग क्षेत्र से 50 किलोमीटर दूर तक के लिए निर्धारित की गई है। ठाकुर के अनुसार, 50 किलोमीटर से अधिक दूरी पर गैस ढुलाई के लिए उद्योगी स्वतंत्र रूप से ढुलाई भाड़ा जोड़ सकते हैं। ‘निगम द्वारा निर्धारित मूल्य उद्योग से 50 किलोमीटर दूरी तक के लिए होता है, उससे आगे उद्योगी अपने अनुसार ढुलाई भाड़ा भी जोड़ सकते हैं,’ ठाकुर ने कहा।

जब उनसे पूछा गया कि क्या उद्योगी बिना निगम की सहमति के ढुलाई भाड़ा बढ़ा सकते हैं, तो ठाकुर ने बताया कि यह कोई नई व्यवस्था नहीं बल्कि पुराने नियम हैं। ‘यह कोई नई बात नहीं है, यह नियम लंबे समय से लागू है,’ उन्होंने बताया। ‘जैसे विराटनगर के उद्योग 50 किलोमीटर से अधिक दूरी पर गैस भेजते हैं, वे ढुलाई भाड़ा अपनी जिम्मेदारी में जोड़ते हैं।’