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लेखक: space4knews

काठमाडौँ उपत्यकाका ८ उत्कृष्ट सामुदायिक विद्यालयहरू

विश्व निकेतन, तरुण, ज्ञानोदय, त्रिपद्म विद्याश्रम लगायत आठ सामुदायिक विद्यालयहरूले उत्कृष्ट परिणाम र गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान गरिरहेका छन्। यी विद्यालयहरूले प्रविधि आधारित शिक्षण, अनुशासित वातावरण र नवीन कार्यक्रममार्फत गुणस्तरीय शिक्षा सम्भव भएको प्रमाणित गरेका छन्। काठमाडौँ उपत्यकाभित्र धेरै सामुदायिक विद्यालयहरूमा विद्यार्थीहरूको चाप बिस्तारै बढ्दो छ। सरकारी विद्यालय भन्ने बित्तिकै नाक सिकोर्ने प्रवृत्ति छ। महँगो निजी स्कूलमा बच्चा पढाउनु प्रतिष्ठाको संकेत ठानिने र सामुदायिक स्कूलमा सिकाउनेक्रमलाई कमजोर दृष्टिले हेर्ने प्रचलन हाम्रो समाजमा छ। तर अहिले धेरै अभिभावकहरूले आफ्ना छोराछोरीलाई निजी स्कूलबाट निकालेर सामुदायिक विद्यालयमा भर्ना गराइरहेका छन्। यसका लागि सरकारी विद्यालयहरूले नतिजामा मात्र नभएर विद्यार्थीहरूको बहुआयामिक विकासमा विशेष ध्यान दिनुपर्छ। उत्कृष्ट नतिजा, प्रविधिमैत्री शिक्षण, अनुशासित वातावरण र नवीन कार्यक्रममार्फत केही सरकारी विद्यालयहरूले उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान गरिरहेका छन्।

काठमाडौँ, ललितपुर र भक्तपुरमा धेरै उत्कृष्ट सामुदायिक विद्यालयहरू छन्। गुणस्तरीय शिक्षा सरकारी विद्यालयमै संभव छ भन्ने उदाहरण प्रस्तुत गरेका यी ८ विद्यालयहरूको विवरण हामीले प्रस्तुत गरेका छौँ।

१. विश्व निकेतन माध्यमिक विद्यालय, त्रिपुरेश्वर: विश्व निकेतन माध्यमिक विद्यालय काठमाडौँको त्रिपुरेश्वरमा रहेको एक उत्कृष्ट सामुदायिक विद्यालय हो। वि.सं. २००३ साल माघ १९ गते स्थापना भएको यस विद्यालयमा हाल कक्षा १ देखि १२ सम्म ४ हजार विद्यार्थी अध्ययनरत छन्। १३५ शिक्षक तथा कर्मचारीहरू कार्यरत छन्। नियमित रूपमा उच्च शैक्षिक नतिजा दिने यो विद्यालयले वि.सं. २०७४ र २०७५ मा निरन्तर राष्ट्रिय शिक्षा पुरस्कार प्राप्त गरिसकेको छ। विद्यालयको गुणस्तरप्रति शिक्षक तथा कर्मचारीहरूमा पनि उच्च विश्वास छ।

२. तरुण माध्यमिक विद्यालय, बालाजु: तरुण माध्यमिक विद्यालय २०३० सालमा स्थापना भएको थियो। स्थापनाको १७ वर्षभित्रै यसले राष्ट्रियस्तरमा चार पटक सर्वोत्तम विद्यालय बन्ने कीर्तिमान राखेको छ भने एक पटक दोस्रो स्थान पनि हासिल गरेको छ। क्षेत्रीय र बागमती प्रदेशस्तरमा पनि पटक–पटक पुरस्कृत भएको यो विद्यालयले २०५८ सालमा पहिलो पटक देशकै नम्बर एक सामुदायिक विद्यालयको रूपमा सम्मान पाएको थियो।

३. ज्ञानोदय माध्यमिक विद्यालय, बाफल: ज्ञानोदय मावि पनि काठमाडौँको एक उत्कृष्ट सामुदायिक विद्यालय हो। २०२९ सालमा स्थापना भएको यो विद्यालय २०३६ सालमा माध्यमिक विद्यालयको रूपमा स्वीकृत भएको थियो। हाल चार हजारप्रति हाराहारी विद्यार्थी अध्ययनरत यो विद्यालय विद्यार्थी संख्या र शैक्षिक गुणस्तर दुवैमा देशकै अग्रणी सामुदायिक विद्यालयमध्ये एक मानिन्छ।

४. त्रिपद्म विद्याश्रम माध्यमिक विद्यालय, ललितपुर: त्रिपद्म विद्याश्रम माध्यमिक विद्यालय ललितपुरको पुल्चोकमा अवस्थित एक प्रथम श्रेणीको सामुदायिक विद्यालय हो। वि.सं. २००४ मा स्थापना भएको यो विद्यालय नेपालका पुराना र अग्रणी सामुदायिक विद्यालयहरूमध्ये एक हो।

५. मेधा माध्यमिक विद्यालय, भक्तपुर: भक्तपुर नगरपालिकाको तेखापुखुमा रहेको मेधा माध्यमिक विद्यालय सामुदायिक शिक्षाको क्षेत्रमा उत्कृष्ट नमुनाको रूपमा चिनिने विद्यालय हो।

६. भानु माध्यमिक विद्यालय, रानीपोखरी: यो विद्यालय दरबार हाई स्कूलको नामले परिचित छ। वि.सं. १९१० सालमा स्थापना भएको यो विद्यालय नेपालकै पहिलो अंग्रेजी माध्यममा पढाइ हुने विद्यालयको रूपमा थापाथलीस्थित दरबारमा सुरु भएको थियो।

७. श्रम राष्ट्रिय माध्यमिक विद्यालय, कुमारीगाल: काठमाडौँ महानगरपालिका–७ कुमारीगालस्थित श्रम राष्ट्रिय माध्यमिक विद्यालय साँघुरो भौतिक पूर्वाधार भएता पनि उत्कृष्ट शैक्षिक नतिजा दिने सामुदायिक विद्यालय हो।

८. महेन्द्र राष्ट्रिय माध्यमिक विद्यालय, बालुवाटार: महेन्द्र राष्ट्रिय विद्यालय सन् १९५६ मा खुला मैदानमा प्राथमिक विद्यालयको रूपमा स्थापना भएको थियो।

कैलाली में 27 वर्षों बाद हत्या के आरोपी गिरफ्तार

16 वैशाख, धनगढी। कैलाली में कर्तव्य ज्यान मामले के फरार आरोपी को 27 साल बाद गिरफ्तार किया गया है। थाना मालाखेती और अस्थायी पुलिस चौकी ओलानी से गठित संयुक्त टीम ने गोदावरी नगरपालिका–11 ओलानी के 59 वर्षीय काले कामी को गिरफ्तार किया है। थाना मालाखेती के प्रमुख पुलिस उपनिरीक्षक (डीएसपी) रणबहादुर चंद के अनुसार, गिरफ्तार काले कामी को जमीन विवाद के कारण हुई हत्या में दोषी माना गया है।
उनके मुताबिक यह घटना 2056 असार 11 को हुई थी। पुलिस के अनुसार वह गोदावरी नगरपालिका–11 स्थित गौडी बाजार क्षेत्र में चल रहे थे, तभी पकड़े गए। उन्हें आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कैलाली जिला अदालत में पेश किया गया है। जांच के दौरान पता चला कि कामी लंबे समय से भारत के मुंबई में रह रहे थे। घटना के बाद फरार रहने वाले उन्हें 27 वर्षों बाद गिरफ्तार करने में पुलिस सफल रही है।

इजरायल का दावा: हवाई हमले में हमास की गुप्तचर शाखा के वरिष्ठ नेता की मौत

इजरायली सेना ने उत्तर गाजा में किए गए हवाई हमले में हमास की गुप्तचर शाखा के ऑपरेशन प्रमुख इयाद अहमद अब्दुल रहमान शम्बारी की मौत होने का दावा किया है। इजरायली सेना और शिन बेट द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि शम्बारी ने इजरायली सैन्य गतिविधियों की जानकारी जुटाने में प्रमुख भूमिका निभाई थी।

यह भी बताया गया कि शम्बारी ने 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा की गई हमले की योजना बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाई थी, जिसने संघर्ष को और तेज़ कर दिया। इजरायल ने इस उत्तर गाजा में हवाई हमले में हमास की गुप्तचर शाखा के वरिष्ठ नेता की मौत की पुष्टि की है।

इजरायली सेना और शिन बेट (इजरायली सुरक्षा एजेंसी) ने संयुक्त रूप से एक विज्ञप्ति जारी कर इस जानकारी को साझा किया। विज्ञप्ति में मृतक गुप्तचर इकाई के ऑपरेशन प्रमुख इयाद अहमद अब्दुल रहमान शम्बारी का नाम बताया गया। ‘इयाद अब्दुल रहमान शम्बारी ने इजरायली सैन्य गतिविधियों के संबंध में सूचनाओं के संकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उन्हें क्षेत्र में तैनात सेना एवं सुरक्षा बलों के लिए प्रत्यक्ष खतरा माना जाता था,’ विज्ञप्ति में कहा गया है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वह 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास हमले की योजना में शामिल थे। इस घटना ने इजरायल और फिलिस्तीन के बीच संघर्ष को और अधिक बढ़ा दिया है।

बालेन शाह के अध्यादेश विवाद में विपक्षी दलों के दबाव के बीच प्रधानमंत्री को रवि लामिछाने का समर्थन

एक के बाद एक अध्यादेश राष्ट्रपति के समक्ष सिफारिश किए जाने के समाचार आने के साथ ही बालेन शाह नेतृत्व वाली सरकार विवाद और बहस में घिर गई है। प्रमुख विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व में हुई विपक्षी पार्टियों की बैठक ने इन अध्यादेशों के प्रति संयुक्त रूप से आपत्ति जताई है। राष्ट्रपति कार्यालय ने भी अध्यादेशों का अध्ययन जारी होने की जानकारी दी है। सरकार की ओर से अध्यादेश सिफारिश और उसके विषय में औपचारिक तौर पर अभी कुछ कहा नहीं गया है। लेकिन विपक्षी दलों की बैठक के निर्णय को सुनाने के दौरान कांग्रेस संसदीय दल के नेता भीष्मराज आङ्देम्बे ने बताया कि वैशाख १४ को संवैधानिक परिषद और सहकारी कानून तथा वैशाख १५ को स्वास्थ्य विज्ञान प्रतिष्ठान, कुछ नेपाल कानून संशोधन और विश्वविद्यालय से संबंधित अध्यादेश सिफारिश किये गए हैं। उनके अनुसार बैठक ने इन अध्यादेशों को स्वीकार न करने का आग्रह राष्ट्रपति से किया है। कांग्रेस संसदीय दल के नेता के रूप में आङ्देम्बे ने सरकार के इस कदम को ‘अलोकतांत्रिक और सार्वभौम संसद का अपमान’ बताया है। उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया, “अपनी ही पार्टी की बहुमत के प्रति अविश्वास क्यों?”

रवि लामिछाने द्वारा विपक्षी के विरोध, प्रधानमंत्री की रक्षा और सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) ने विपक्षी दलों के आरोपों का जवाब दिया है। अध्यादेशों को लेकर रास्वपा के एक सांसद ने सार्वजनिक रूप से असहमति व्यक्त की, हालांकि अध्यक्ष रवि लामिछाने ने सरकार के कदम का समर्थन किया है। उन्होंने अध्यादेश के उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा, “बीते समय में हुई अनावश्यक पार्टीकरण और गलत नियुक्तियों को सुधारने के बिना जनता इस सरकार से अपेक्षा पूरी नहीं कर सकती।” उन्होंने कहा कि पिछले सरकारें दलों को विभाजित करने या विपक्ष को दबाने के लिए अध्यादेश ले आती थीं, जबकि अब ये आवश्यक सुधार के लिए सिफारिश किए गए हैं। सुकुम्बासी लोगों को विकल्प न देकर विस्थापित किए जाने की आलोचना के बीच, उन्होंने कहा कि ‘लगत संग्रहण और व्यवस्थापन में सरकार जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रही है’ और प्रधानमंत्री तथा सरकार की रक्षा की। “सरकार घरबार विहीन सभी नागरिकों के लिए रहने, खाने, पहनने और रोजगार का अवसर सुनिश्चित करती है,” लामिछाने ने सरकार की ओर से कहा, “सरकार किसी भी सुकुम्बासी को घरबार विहीन नहीं रहने देगी, आवश्यक समन्वय हेतु सुझाव स्वागत योग्य हैं, लेकिन अनावश्यक राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।”

दशवें रारा पोखरा स्पोर्ट्स अवार्ड ३१ वैशाख को दिन आयोजित होगा, ९ श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा

नेपाल खेलकूद पत्रकार मंच गण्डकी ने वैशाख ३१ गते दशवें रारा पोखरा स्पोर्ट्स अवार्ड–२०८२ का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इस अवार्ड के माध्यम से विभिन्न ९ श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य प्रायोजक रारा तैयारी चाउचाउ होंगे, जबकि गुरुङ गहना घर और नेलम्बो नेपाल सह-प्रायोजन के रूप में सहयोग देंगे।

पहले यह कार्यक्रम वैशाख १८ गते निर्धारित था, लेकिन विशेष कारणों से इसे स्थगित कर वैशाख ३१ को आयोजित किया जाएगा, इसकी जानकारी बुधबार पत्रकार सम्मेलन के दौरान दी गई। मंच के अध्यक्ष मानबहादुर घर्तीमगर (एमबी आस्था) के अनुसार, पोखरा इवेंट सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम में वर्ष के सर्वश्रेष्ठ पुरुष खिलाड़ी, वर्ष के सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी, पिपुल्स च्वाइस अवार्ड, लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, उदीयमान खिलाड़ी, उत्कृष्ट प्रशिक्षक, उत्कृष्ट खेल संघ/क्लब, स्पेशल अवार्ड तथा उत्कृष्ट खेल पत्रकार सहित कुल ९ श्रेणियों में सम्मान दिया जाएगा।

इस वर्ष से “पिपुल्स च्वाइस” और “स्पेशल अवार्ड” को भी शामिल किया गया है। पिपुल्स च्वाइस अवार्ड के लिए गुरुङ गहना घर और स्पेशल अवार्ड के लिए नेलम्बो नेपाल प्रायोजक हैं। खेल क्षेत्र के समग्र विकास एवं खिलाड़ियों के मनोबल को ऊँचा करने के उद्देश्य से विक्रम संवत २०७२ से यह मंच इस अवार्ड कार्यक्रम का संचालन लगातार करता आ रहा है।

अध्यक्ष घर्तीमगर की संयोजकता में कार्यक्रम को भव्य बनाने हेतु मुख्य आयोजन समिति का गठन किया गया है। इस समिति में उपाध्यक्ष दोनो राजाराम पौड़ेल और उमा आले सह-संयोजक के पद पर हैं। इस वर्ष के अवार्ड के मुख्य प्रायोजक हिमश्री फूड्स प्रालि की “रारा तैयारी चाउचाउ” होंगे, सह-प्रायोजक के रूप में गुरुङ गहना घर और केल्मी नेपाल शामिल हैं। वोटिंग पार्टनर के रूप में खल्ती डिजिटल वालेट तथा हॉस्पिटैलिटी पार्टनर के रूप में प्लाजा होटल ग्रुप सहयोग दे रहे हैं। कार्यक्रम को गण्डकी प्रदेश सरकार, प्रदेश खेलकूद परिषद गण्डकी, पोखरा महानगरपालिका समेत विभिन्न स्थानीय तह और विदेश स्थित संघ-संस्थाएं भी समर्थन प्रदान कर रही हैं।

दिल्लीमा नेपाललाई उत्कृष्ट ‘वेडिङ डेस्टिनेसन’ का रूपमा प्रवर्द्धन

दिल्ली में नेपाल को उत्कृष्ट वैवाहिक गंतव्य के रूप में प्रचारित किया गया

नेपाल पर्यटन बोर्ड ने भारत में लक्षित वैवाहिक पर्यटन प्रचार गतिविधियों को तेज कर दिया है। पर्यटन बोर्ड और होटल एसोसिएशन नेपाल ने नई दिल्ली में ‘नेपाल डेस्टिनेशन वेडिंग एंड ओटेज कनेक्ट’ कार्यक्रम का आयोजन किया है। वर्ष 2025 में नेपाल आने वाले कुल पर्यटकों में से 25.2 प्रतिशत यानी 2 लाख 92 हजार 438 भारतीय हैं। 16 वैशाख, काठमाडौं।
हाल ही में पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्षों के कारण हवाई मार्गों में आई बाधाओं और विश्व पर्यटन बाजार में आए अस्थिरता के बीच नेपाल पर्यटन बोर्ड ने पड़ोसी भारत में लक्षित पर्यटन प्रचार अभियानों को तेज किया है। इसी रणनीति के तहत भारत की नई दिल्ली में नेपाल को एक उत्कृष्ट वैवाहिक गंतव्य के रूप में प्रचारित किया गया है। पर्यटन बोर्ड और होटल एसोसिएशन नेपाल (HAN) ने दिल्ली में नेपाली दूतावास के सहयोग से ‘नेपाल डेस्टिनेशन वेडिंग एंड ओटेज कनेक्ट’ कार्यक्रम आयोजित किया।
15 और 16 वैशाख को आयोजित दो दिवसीय इस कार्यक्रम में नेपाल और भारत दोनों के पर्यटन एवं वैवाहिक उद्योग के प्रतिनिधि उपस्थित थे। इस कार्यक्रम के माध्यम से नेपाल को सांस्कृतिक समृद्धि, प्राकृतिक सौंदर्य और पारंपरिक वैवाहिक संस्कार के अनूठे मेल वाला ‘ड्रीम वेडिंग डेस्टिनेशन’ के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया गया। इस कार्यक्रम में 21 नेपाली कंपनियों और 45 भारतीय वेडिंग प्लानर्स की सक्रिय भागीदारी रही, जैसा कि कार्यक्रम में उपस्थित बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी रोबिन रेग्मी ने जानकारी दी।
उनके अनुसार, नेपाली प्रतिनिधियों ने नेपाल में वैवाहिक समारोह के लिए आवश्यक उच्च स्तरीय होटल, रिसॉर्ट और सेवा संबंधित प्रस्तुतियां एवं प्रचार-प्रसार किया। साथ ही, बीटूबी बैठक, प्रस्तुतियों, नेटवर्किंग और विचार-विमर्श के माध्यम से नेपाल-भारत के बीच वैवाहिक पर्यटन सहयोग बढ़ाने की नींव रखी गई। बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) दीपकराज जोशी ने वैवाहिक पर्यटन को नेपाल के लिए उच्च संभावनाओं वाला क्षेत्र बताया। ‘नेपाल में वैवाहिक पर्यटन के अपार अवसर हैं, यहाँ विलासी रिसॉर्ट से लेकर प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों तक कई विविध गंतव्य उपलब्ध हैं,’ उन्होंने कहा।
कार्यक्रम में होटल एसोसिएशन नेपाल के अध्यक्ष विनायक शाह ने कहा कि नेपाल और भारत के बीच सहयोग वैवाहिक पर्यटन के प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाएगा। वहीं, इंडियन वेडिंग प्लानर एसोसिएशन के अध्यक्ष निरज धवन ने भारतीय बाजार में डेस्टिनेशन वेडिंग के बढ़ते आकर्षण को नेपाल के लिए बड़ा अवसर बताते हुए अपनी राय रखी। नई दिल्ली स्थित नेपाली दूतावास के उप प्रमुख डॉ. सुरेंद्र थापा ने कहा कि नेपाल-भारत के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करते हुए इस तरह के कार्यक्रम द्विपक्षीय पर्यटन सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
कार्यक्रम में पर्यटन बोर्ड के निदेशक लक्ष्मण गौतम ने बढ़ते वैवाहिक पर्यटन क्षेत्र और पूर्वीय सभ्यता में विवाह की सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बाजार के लिए नेपाल एक उत्कृष्ट वैवाहिक गंतव्य बन सकता है। ‘हमारे आकर्षक स्थल, आतिथ्य और जीवंत संस्कृति के साथ हम भारतीय वेडिंग प्लानर्स और उनके ग्राहकों को नेपाल का अनूठा अनुभव प्रदान करने के लिए तैयार हैं,’ उन्होंने कहा।
पर्यटन बोर्ड के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत नेपाल का प्रमुख पर्यटन स्रोत बाजार है। वर्ष 2025 के पर्यटक आगमन आंकड़ों के अनुसार, नेपाल आने वाले कुल पर्यटकों में से 25.2 प्रतिशत यानी 2 लाख 92 हजार 438 भारतीय हैं। वर्ष 2025 में कुल 11 लाख 58 हजार 451 पर्यटक नेपाल आए थे।

भीष्मराज आङ्देम्बे और इजरायली राजदूत के बीच बातचीत

नेपाली कांग्रेस संसदीय दल के नेता भीष्मराज आङ्देम्बे से नेपाल के लिए इजरायली राजदूत श्रुमलिक आरी बास ने सिंहदरबार में भेंट की। राजदूत बास ने आङ्देम्बे को दल के नेता चयन पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस बैठक में नेपाल–इजरायल द्विपक्षीय आपसी हितों पर चर्चा हुई। १६ वैशाख, काठमांडू।

राजदूत बास ने बुधवार को सिंहदरबार स्थित कांग्रेस संसदीय दल के कार्यालय में नेता आङ्देम्बे से मुलाकात की। इस दौरान आङ्देम्बे ने राजदूत बास का धन्यवाद व्यक्त किया। बताया गया है कि इस बैठक में नेपाल और इजरायल के बीच संबंध और आपसी हितों पर चर्चा हुई।

राघव चड्ढा ने भारतीय जनता पार्टी में क्यों किया प्रवेश?

१५ वैशाख, काठमाडौं। “भाजपा हमारी पार्टी के एक साधारण स्वयंसेवक को भी क्यों नहीं सहन कर पाती, प्रदेश सभा के सदस्य और सांसदों की बात तो छोड़िए,” करीब साढ़े चार वर्ष पूर्व आम आदमी पार्टी (आप) के तत्कालीन प्रवक्ता राघव चड्ढा ने पत्रकारों के सामने ऐसे ही शब्दों का प्रयोग करते हुए उनके चेहरे पर रोष और आत्मविश्वास दोनों के मिश्रण को स्पष्ट देखा जा सकता था। “भाजपा धोखाधड़ी की पार्टी है,” उन्होंने कहा था। २४ अप्रैल को वही राघव चड्ढा अपनी पार्टी आप के छह अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो चुके हैं। उनके इस राजनीतिक ‘यू-टर्न’ को कई लोगों ने आदर्शवाद का सबसे विडंबनापूर्ण अंत बताया है। आम आदमी पार्टी अपनी स्थापना से कई झटकों से गुजरती रही है। योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, कुमार विश्वास जैसे नेताओं के पार्टी से अलग होने के बाद अब आप को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। हालांकि, दो तिहाई सदस्यों के चले जाने से यह पार्टी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। राजनीति में नैतिकता और अवसरवाद के बीच की सीमा कितनी धुंधली हो सकती है, इसका उदाहरण राघव चड्ढा के हालिया कदम ने दिया है।

भाजपा को “लोकतांत्रिक मूल्यों का हत्यारा” और “हॉर्स ट्रेडिंग” में संलिप्त बताते चड्ढा आज उसी दल की छत्रछाया में आ गए हैं। राघव चड्ढा: सैनिक बनने के सपने से अन्ना आंदोलन तक – भारतीय राजनीति के प्रभावशाली युवा चेहरों में शुमार राघव चड्ढा का उदय किसी पारिवारिक विरासत या पारंपरिक राजनीतिक पृष्ठभूमि से नहीं हुआ। ११ नवंबर १९८८ को नई दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे चड्ढा का प्रारंभिक जीवन सामान्य सहरी विद्यार्थियों जैसा रहा। उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित ‘मॉडर्न स्कूल, बाराखंबा रोड’ से अपनी शिक्षा पूरी की। हालांकि उस समय वे अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर अनजान थे, परंतु विद्यालय के शैक्षणिक माहौल ने उनकी नेतृत्व क्षमता को मजबूत आधार दिया।

सन् २०११ में समाजसेवी अन्ना हजारे के नेतृत्व में शुरू हुए ‘इंडिया अगेन्स्ट करप्शन’ अभियान ने देश में बड़ा हलचल मचाई थी। उस वक्त २२ वर्ष के युवा चार्टर्ड अकाउंटेंट राघव भी भ्रष्टाचार के खिलाफ उस आंदोलन से दूर नहीं रह सके। उन्होंने ‘जन लोकपाल विधेयक’ की मांग को लेकर सड़कों पर हजारों नागरिकों के बीच हिस्सा लिया। यहीं से उनकी राजनीतिक यात्रा का निर्णायक मोड़ शुरू हुआ। आंदोलन के दौरान उनकी मुलाकात भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता और दिल्ली के भावी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से हुई। चड्ढा की वित्तीय विशेषज्ञता और तीव्र विश्लेषण क्षमता से केजरीवाल प्रभावित हुए और केवल २४ वर्ष की उम्र में उन्होंने राघव को ‘दिल्ली लोकपाल विधेयक’ का मसौदा तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी।

आखिरकार २४ अप्रैल को यह प्रक्रिया औपचारिक रूप से पूरी हुई। अरविंद केजरीवाल दिल्ली के नए सरकारी आवास में परिवार सहित शिफ्ट हो रहे थे और सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए चड्ढा सहित संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह जैसे सात प्रभावशाली सांसदों ने पार्टी छोड़ कर भाजपा में विलय होने की घोषणा की। उन्होंने राज्यसभा अध्यक्ष को आवश्यक दस्तावेज सौंपे और भाजपा के केन्द्रीय कार्यालय जाकर औपचारिक रूप से सदस्यता ली। पार्टी में शामिल होने के बाद २७ अप्रैल को चड्ढा ने विस्तृत वीडियो संदेश के जरिए अपने फैसले का औचित्य समझाने का प्रयास किया। उन्होंने आप के भीतर विषाक्त कार्य परिवेश को मुख्य कारण बताया और कहा कि सात सांसद एक साथ गलत नहीं हो सकते। हालांकि आप ने इस कदम को अवैध और असंवैधानिक कहते हुए कड़ी आलोचना की।

सोशल मीडिया पर चल रहा ‘#UnfollowRaghavChadha’ ट्रेंड ने उन्हें एक वक्त के युवा आइकन से पाखंडी नेता बना दिया है। खासकर जेन-जेड मतदाताओं के लिए यह ‘यू-टर्न’ उनके राजनीतिक सपनों का अंत है। क्रांतिकारी राघव और आज के सत्ता आकांक्षी राघव के बीच की खाई ने उनकी दशक लंबी राजनीतिक पूंजी को एक झटके में कमजोर कर दिया है।

तरुण दलका अध्यक्ष विद्वान गुरुङले दिए राजीनामा – Online Khabar

तरुण दल के अध्यक्ष विद्वान गुरुङ ने पद से दिया इस्तीफा

नेपाल तरुण दल के केंद्रीय अध्यक्ष विद्वान गुरुङ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी के अध्यक्ष को संबोधित पत्र लिखकर इस्तीफा प्रस्तुत किया है। १६ वैशाख, काठमांडू। नेपाली कांग्रेस की भ्रातृ संस्था नेपाल तरुण दल के केंद्रीय अध्यक्ष विद्वान गुरुङ ने इस्तीफा दिया है।

नीति कार्यक्रम और बजट अध्यादेश से लाए जाएंगे तो हम सड़कों पर उतरेंगे : एमाले

नेकपा (एमाले) के राष्ट्रिय सभा संसदीय दल के नेता प्रेमप्रसाद दंगाल ने सरकार द्वारा अध्यादेश के माध्यम से शासन करने की शैली को अलोकतांत्रिक और असंसदीय बताया है। दंगाल ने कहा, “यदि सरकार आगामी नीति तथा कार्यक्रम और बजट भी अध्यादेश के द्वारा लाने का निर्णय करती है तो संसद का औचित्य समाप्त हो जाएगा।”

१६ वैशाख, काठमाडौं। दंगाल ने बुधवार को विपक्षी दलों की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा, “सरकार संसद को निष्क्रिय कर अध्यादेशों के माध्यम से प्रशासन चलाने का प्रयास कर रही है।” उन्होंने आगे कहा, “अध्यादेशों के जरिए शासन करने और प्रशासन चलाने का यह तरीका सरकार का अलोकतांत्रिक और असंसदीय कदम है, जिसके हम कड़े विरोधी हैं।”

दंगाल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार नीति तथा कार्यक्रम और बजट भी अध्यादेश के माध्यम से लाने का निर्णय लेती है तो विपक्षी दलों के लिए सड़कों पर उतरना अपरिहार्य होगा। उन्होंने कहा, “नीति कार्यक्रम और बजट भी यदि अध्यादेश से लाए जाएंगे तो हमारी कोई मान्यता नहीं रहेगी। उसके बाद सदन का औचित्य समाप्त हो जाएगा, हमें सड़क पर उतरना होगा।”

फिर भी उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार नीति तथा कार्यक्रम संसद से ही लाएगी। उन्होंने कहा, “तब ही अंतिम निर्णय होगा।”

कान्छाराम तामाङलाई जिल्ला सभापतिबाट निलम्बन गर्ने कांग्रेसको निर्णय

नेपाली कांग्रेस ने कान्छाराम तामाङ को रामेछाप जिला अध्यक्ष पद से Suspend करने का निर्णय लिया

नेपाली कांग्रेस ने पार्टी के नेता पूर्णबहादुर तामाङ ‘कान्छाराम’ को रामेछाप जिला अध्यक्ष पद से निलंबित कर दिया है। पार्टी की अनुशासन समिति की बुधवार को हुई बैठक में उन्हें जिला अध्यक्ष के पद पर कार्य करने से रोका गया है। इस निर्णय की जानकारी कार्यवाहक महासचिव कृष्णप्रसाद दुलाल ने दी है। १६ वैशाख, काठमांडू। प्रमुख विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस ने अपने नेता पूर्णबहादुर तामाङ ‘कान्छाराम’ को रामेछाप जिला अध्यक्ष के रूप में निलंबित किया है। अनुशासन समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि वे अब जिला अध्यक्ष के पद पर काम नहीं कर पाएंगे। वे अब तक पार्टी के रामेछाप जिला अध्यक्ष थे।

डोल्पा की त्रिपुरासुन्दरी ने सार्वजनिक भूमि खाली कराने के लिए 48 घंटे की अंतिम सूचना जारी की

डोल्पा की त्रिपुरासुन्दरी नगरपालिका ने सार्वजनिक सड़कों और स्थानों पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए 48 घंटे की अंतिम सूचना जारी की है। नगरपालिका ने बिना अनुमति बनाए गए संरचना, सामग्री भण्डारण और व्यापार संचालित करने को तुरंत बंद करने का आदेश दिया है। यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो स्थानीय सरकार संचालन अधिनियम, 2074 के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और इसका खर्च अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति या संस्था से वसूल किया जाएगा, यह जानकारी नगरपालिका ने साझा की है।

16 वैशाख, डोल्पा। हिमालयी जिले डोल्पा की त्रिपुरासुन्दरी नगरपालिका ने सार्वजनिक सड़कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण हटाने के लिए 48 घंटे की अंतिम सूचना जारी की है। नगरपालिका ने बुधवार को एक सूचना के माध्यम से बताया कि नगर क्षेत्र के सड़कों, फुटपाथ, नालों, चौतारों आदि स्थानों पर बिना अनुमति संरचना निर्माण, सामग्री भण्डारण और व्यावसायिक गतिविधियाँ बढ़ रही हैं, जो कानूनी दृष्टि से अवैध हैं, इसलिए इन्हें तुरंत हटाने का निर्देश दिया गया है, यह जानकारी नगरपालिका के निमित्त प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी थानेश्वर पनेरुले दी।

उन्होंने बताया कि नगर क्षेत्र के सभी अतिक्रमित सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद अस्थायी और स्थायी संरचनाएं, टहरा, दुकान और निर्माण सामग्री 48 घंटों के भीतर स्वयं हटाने के लिए सभी से अनुरोध किया गया है। निर्धारित समय के भीतर अतिक्रमण न हटाने पर स्थानीय सरकार संचालन अधिनियम, 2074 के अनुसार कार्रवाई की चेतावनी नगरपालिका ने दी है। साथ ही अतिक्रमण हटाने में होने वाले सभी खर्च संबंधित व्यक्ति या संस्था से वसूल किए जाएंगे, यह भी नगरपालिका ने स्पष्ट किया है।

भेरी अस्पतालका आन्दोलनरत चिकित्सक तथा स्वास्थ्यकर्मीहरू काममा फर्किए

भेरी अस्पताल के आंदोलनरत चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी फिर से काम पर लौटे

नेपालगंज स्थित भेरी अस्पताल में चिकित्सक के प्रति दुर्व्यवहार करने वाले कुशल दर्लामी की गिरफ्तारी के बाद चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी काम पर लौट आए हैं। अस्पताल प्रशासन ने चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों के नियमित सेवाओं में लौटने का विज्ञप्ति जारी किया है। चिकित्सकों ने दोषी पर सख्त कार्रवाई, 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी, और सोशल मीडिया पर अपशब्द हटाने की मांग की है। 16 वैशाख, नेपालगंज।

चिकित्सकों के साथ दुर्व्यवहार कर जान से मारने की धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार कुशल दर्लामी के गिरफ्तारी के बाद नेपालगंज स्थित भेरी अस्पताल के आंदोलनरत चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी काम पर लौट आए हैं। अस्पताल प्रशासन ने विज्ञप्ति जारी करते हुए चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों के नियमित सेवाओं में लौटने की पुष्टि की है। हालांकि काम पर लौटने के बावजूद उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण मांगे आगे रखी हैं।

स्वास्थ्यकर्मी तथा स्वास्थ्य संस्थाओं की सुरक्षा से संबंधित कानून, 2066 (संशोधन 2079) के अनुसार दोषी पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, घटना में शामिल अन्य व्यक्तियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए, तथा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए अपशब्दयुक्त वीडियो हटाने चाहिए, ये उनकी मांगें हैं। इन मांगों के पूर्ण न होने पर चिकित्सक पुनः आंदोलन में उतरने की चेतावनी दे चुके हैं। इससे पूर्व मंगलवार से ओपीडी समेत अन्य सेवाएं ठप रहने के कारण पश्चिम नेपाल के प्रमुख अस्पताल भेरी अस्पताल में इलाज के लिए आए मरीजों को काफी समस्या का सामना करना पड़ा था।

जलवायु न्याय में सभी की पहुँच सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय संवाद का आह्वान

काठमाडौं में आयोजित राष्ट्रीय संवाद ने अपंगता वाले व्यक्तियों की समान भागीदारी सुनिश्चित करते हुए जलवायु न्याय में समावेशी दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया है। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से अधिक प्रभावित समुदायों को प्राथमिकता देते हुए जलवायु न्याय में अपंगता वाले व्यक्तियों की समान भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर का संवाद संपन्न हुआ है। सोमवार को काठमाडौं में आयोजित ‘‘अपंगता समावेशी जलवायु न्याय संबंधी राष्ट्रीय संवाद’’ ने जलवायु नीति से लेकर उसका क्रियान्वयन तक प्रत्येक स्तर पर समावेशी दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक बताया है।

स्विस डिसेबिलिटी एंड डेवलपमेंट कंसोर्टियम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सीबीएम ग्लोबल, फेयरमेड, एचआई और आईडीए शामिल थे। राष्ट्रीय अपांगता संघ-संस्थाओं के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में सरकारी निकाय, विकास साझेदार, नागरिक समाज, अपंगता अधिकार संबंधित समूह समेत लगभग १०० प्रतिभागी शामिल हुए। कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में स्विट्जरलैंड दूतावास काठमाडौं के चार्ज डी अफेयर्स, म्याथियास मेयर, ने बताया कि जलवायु परिवर्तन सभी पर समान प्रभाव नहीं डालता। उन्होंने विशेष रूप से बाढ़, पहाड़ टूटना, ताप लहर और सूखे जैसी आपदाओं के समय अपंगता वाले व्यक्तियों को अधिक जोखिम झेलना पड़ता है, परंतु नीति निर्माण में उनकी आवाज़ कम सुनाई जाती है, यह बात उन्होंने उजागर की।

कार्यक्रम में सीबीएम ग्लोबल के राष्ट्रीय निर्देशक ने २०२५ में किए गए फोटोवॉइस अध्ययन के महत्व पर प्रकाश डाला। यह अध्ययन अपंगता वाली महिलाओं द्वारा जलवायु चुनौतियों के साथ दैनिक जीवन में संघर्ष को यथार्थ रूप में प्रस्तुत करता है। तस्वीरों के माध्यम से उन्होंने समावेशी नीति, न्यायपूर्ण जलवायु वित्त और समुदाय तक प्रभावी कार्य पहुँचाने की मांग की है। काठमाडौं महानगरपालिकाका विपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख अनिरुद्ध नेपाल ने समावेशी कार्यान्वयन के लिए मजबूत नीति की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम की मुख्य आकर्षण फोटोवॉइस प्रदर्शनी रही। स्विस डिसेबिलिटी एंड डेवलपमेंट कंसोर्टियम, राष्ट्रीय अपंगता संस्थाओं और अपंगता वाले व्यक्तियों द्वारा नेतृत्व संचालित डाइवर्स पार्टनर्स कंसल्टेंसी के सहयोग से बनाई गई इस प्रदर्शनी में बाढ़, सूखा और पहाड़ टूटने जैसी आपदाओं ने अपंगता वाली महिलाओं के जीवन यापन, आवागमन, स्वास्थ्य और सम्मान पर पड़े प्रभाव को प्रस्तुत किया गया था। अध्ययन के नेतृत्वकर्ता सागर प्रसाईं ने बताया कि जलवायु संकट केवल पर्यावरणीय समस्या ही नहीं बल्कि सामाजिक बहिष्कार से भी गहराई से जुड़ा हुआ है।

युवा जलवायु कार्यकर्ता मुना शाक्य ने कहा कि अपंगता वाले लोग, विशेषकर युवा, केवल प्रभावित समुदाय नहीं बल्कि जलवायु अभियान के नेता भी हैं। उन्होंने निर्णय प्रक्रियाओं और नेतृत्व के लिए और अवसरों की आवश्यकता पर जोर दिया। संवाद में भाग लेने वालों ने कहा कि समुदाय स्तर पर जीवनयापन, संरक्षण, पहुंच योग्य राहत केंद्र, जलवायु वित्त तक पहुंच और स्थानीय स्तर से क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। तीन समूहगत चर्चा के माध्यम से जलवायु प्रभाव, वित्तीय पहुंच और नीतिगत कमियों पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम ने जलवायु न्याय के बहस को नीति स्तर से जोड़कर समुदाय के वास्तविक जीवन से जोडते हुए आगामी जलवायु कार्यों में ‘किसी को पीछे न छोड़ने’ की प्रतिबद्धता दोहराई है।

जलवायु न्याय में सभी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय संवाद का आह्वान

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा गरिएको।

  • काठमाडौं में आयोजित राष्ट्रीय संवाद ने विकलांग व्यक्तियों की समान भागीदारी सुनिश्चित करते हुए जलवायु न्याय में समावेशी दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया है।

काठमांडू। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से सबसे अधिक प्रभावित समुदायों को केंद्र में रखकर जलवायु न्याय में विकलांग व्यक्तियों की समान भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर संवाद सम्पन्न हुआ है।

सोमवार को काठमांडू में आयोजित ‘विकलांग समावेशी जलवायु न्याय संबंधी राष्ट्रीय संवाद’ ने जलवायु नीति से लेकर इसके कार्यान्वयन तक सभी स्तरों पर समावेशी दृष्टिकोण अपनाने का मजबूत संदेश दिया।

स्विस डिसैबिलिटी एंड डिवेलपमेंट कंसोर्टियम के आयोजन में सम्पन्न इस कार्यक्रम में CBM ग्लोबल, फेयरमेड, HI और IDA भी सहभागी थे। राष्ट्रीय विकलांगता संघ-संस्थाओं के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में सरकारी निकायों, विकास साझेदारों, नागरिक समाज, विकलांग अधिकार समूह सहित लगभग 100 लोगों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए स्विट्जरलैंड दूतावास काठमांडू के चार्ज डी अफेयर्स मैथियास मेयर ने कहा कि जलवायु परिवर्तन सभी को समान रूप से प्रभावित नहीं करता। उन्होंने कहा कि बाढ़, भूस्खलन, गर्मी की लहर और सूखे जैसी आपदाओं के दौरान विकलांग व्यक्तियों को अधिक जोखिम होता है, लेकिन नीति निर्माण में उनकी आवाज कम सुनी जाती है। उन्होंने समावेशी और अधिकार आधारित जलवायु कार्यों के लिए ऐसे संवादों की आवश्यकता बताई।

कार्यक्रम में CBM ग्लोबल के देसीय निदेशक ने 2025 में किए गए फोटोवॉयस अध्ययन के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अध्ययन में विकलांग महिलाएं जलवायु चुनौतियों के साथ अपने दैनिक जीवन में किस प्रकार संघर्ष कर रही हैं, इसका यथार्थ चित्रण किया गया है। तस्वीरों के माध्यम से उन्होंने समावेशी नीतियां, न्यायपूर्ण जलवायु वित्त और प्रभावकारी सामुदायिक कार्य की मांग की है।

काठमांडू महानगरपालिका के विपद प्रबंधन विभाग के प्रमुख अनिरुद्ध नेपाल ने समावेशी कार्यान्वयन के लिए मजबूत नीति की आवश्यकता बताई। उन्होंने समाज में व्याप्त भेदभाव खत्म कर सीधे समुदाय तक पहुँचने वाले कार्यक्रम चलाने पर जोर दिया।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण फोटोवॉयस प्रदर्शनी रही। स्विस डिसैबिलिटी एंड डिवेलपमेंट कंसोर्टियम, राष्ट्रीय विकलांगता संगठनों और विकलांग व्यक्तियों द्वारा संचालित डाइवर्स पार्टनर्स कंसल्टेंसी के सहयोग से तैयार इस प्रदर्शनी में बाढ़, सूखा और भूस्खलन के कारण विकलांग महिलाओं के जीवनयापन, आवागमन, स्वास्थ्य और सम्मान पर पड़े प्रभाव को दिखाया गया।

अध्ययन के नेतृत्वकर्ता सागर प्रसाई ने कहा कि जलवायु संकट केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं है, बल्कि यह पहले से मौजूद सामाजिक बहिष्कार से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि भेदभाव, आवाज़ न सुनना और सामाजिक बाधाओं ने विकलांगों के जीवन को पहले ही कठिन बना दिया था, जिसमें जलवायु परिवर्तन ने समस्याओं को और गहरा कर दिया है।

युवा जलवायु कार्यकर्ता मुना शाक्य ने कहा कि विकलांग व्यक्तियां, विशेषकर युवा, केवल प्रभावित समुदाय ही नहीं बल्कि जलवायु कार्यों के नेतृत्वकर्ता भी हैं। उन्होंने निर्णय प्रक्रिया में उनकी नेतृत्व क्षमता के लिए अधिक अवसरों की आवश्यकता पर जोर दिया।

संवाद में सहभागी समुदाय स्तर पर आजीविका, संरक्षण, सुलभ राहत केंद्र, जलवायु वित्त तक पहुंच और स्थानीय स्तर से कार्यान्वयन जैसे विषयों को प्राथमिकता देने पर सहमत हुए। तीन समूहगत चर्चाओं के माध्यम से जलवायु प्रभाव, वित्तीय पहुंच और नीतिगत कमियों पर विस्तृत चर्चा हुई।

कार्यक्रम ने जलवायु न्याय की बहस को नीति स्तर से जोड़ते हुए समुदाय के वास्तविक जीवन के साथ मिलाकर आगामी जलवायु कार्रवाई में ‘किसी को पीछे न छोड़ने’ की प्रतिबद्धता दोहराई है।