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लेखक: space4knews

राष्ट्रीय पुरुष क्रिकेट टीम व्यवस्थापक समेत ६ पदों के लिए आवेदन आमंत्रित

नेपाल क्रिकेट संघ ने राष्ट्रीय पुरुष क्रिकेट टीम के व्यवस्थापक समेत ६ विभिन्न पदों के लिए आवेदन खुलवाए हैं। आवेदन देने की अंतिम तिथि वैशाख २७ निर्धारित की गई है। व्यवस्थापक पद के लिए उम्मीदवार के पास आधुनिक क्रिकेट की संरचना और नियमों का गहन ज्ञान होना आवश्यक है और इस पद के लिए पहले किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई में शामिल नहीं होना चाहिए, जिसे क्यान ने स्पष्ट किया है।

शुक्रवार को क्यान ने इन ६ पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। खुले पदों में फ्रंट डेस्क ऑफिसर, इन्वेंट्री ऑफिसर, प्रोक्योरमेंट ऑफिसर, जूनियर ऑफिसर (फाइनेंस), महिला क्रिकेट विकास अधिकारी और राष्ट्रीय पुरुष क्रिकेट टीम व्यवस्थापक शामिल हैं। इच्छुक उम्मीदवार २५ वैशाख तक आवेदन कर सकते हैं।

राष्ट्रीय टीम व्यवस्थापक पद के लिए क्यान ने बताया है कि उम्मीदवार को आधुनिक क्रिकेट संरचना और परंपरागत अभ्यास का अच्छा अनुभव होना चाहिए। इसके साथ ही, उम्मीदवार चुनाव क्षेत्र में किसी सक्रिय कोचिंग पद पर नहीं होना चाहिए, पिछले पाँच वर्षों में किसी स्वार्थ विवाद या अनुशासनात्मक कार्रवाई में शामिल नहीं होना चाहिए। आवश्यकतानुसार देश के भीतर यात्रा करने की क्षमता भी अनिवार्य होगी। क्यान के अनुसार, प्रतिभा पहचान, प्रदर्शन विश्लेषण और चयन समिति में अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

अमृत झाको रिहाइबारे परराष्ट्र मन्त्रालयले फेरि भन्यो- प्रक्रियामै छ

अमृत झाको रिहाई प्रक्रिया जारी रहेको परराष्ट्र मन्त्रालयले जनाएको

११ वैशाख, काठमाडौं। स्ट्रेट अफ होर्मुजबाट इरानले पक्राउ गरेका नेपाली नागरिक अमृत झाको रिहाई प्रक्रिया अझै चलिरहेको छ भनी सरकारले जानकारी दिएको छ। परराष्ट्र मन्त्रालयले शुक्रबार आयोजित पत्रकार सम्मेलनमा प्रवक्ता लोकबहादुर पौडेल क्षेत्रीले झाको रिहाई प्रक्रिया निरन्तर जारी रहेको तथ्य सार्वजनिक गरेका छन्। यसअघि परराष्ट्रमन्त्री शिशिर खनालले झाको रिहाई भइसकेको सामाजिक संजालमा घोषणा गर्नुभएको थियो, तर उनको अहिले पनि इरानकै जेलमा रहेका तथ्य प्रकाशमा आएसँगै व्यापक आलोचना भईरहेको थियो।

‘द्वन्द्व सुरु हुनु अघि पक्राउ परेका र इरानको बन्दर अब्बासमा हिरासतमा रहेका नेपाली नागरिक अमृत झासँग सम्बन्धित पानीजहाज मुद्दामा त्यहाँको स्थानीय अदालतले एक तहको फैसला प्रस्तुत गरिसकेको छ। यसमा संलग्न ७ मध्ये ४ जनालाई पहिले नै रिहा गरिएको छ। बाँकी व्यक्तिहरूको रिहाई प्रक्रिया पनि अघि बढिरहेको छ,’ प्रवक्ता क्षेत्रीले बताए। उनले थपे, इरानको वर्तमान जटिल परिस्थिति र त्यहाँको न्यायिक प्रणालीका कारण केही कानुनी प्रक्रियाहरू बाँकी रहेकोले तिनीहरू पूरा हुनका लागि अझ केही दिन लाग्नेछ। झाको रिहाईका लागि सरकारले विभिन्न तहमा निरन्तर पहल गरेको कुरा पनि प्रष्ट पारे। रिहाईको सम्पूर्ण प्रक्रिया जारी भएकाले मन्त्री खनालले रिहाई भइसकेको भन्नु भएको विषयलाई मन्त्रालयले यसै आधारमा बचाउ गरेको छ।

सुकुमवासी बस्ती हटाने सरकार के फैसले से स्थानीय लोगों में फैली डर की लहर

सरकार ने काठमाडौं के थापाथली स्थित सुकुमवासी बस्ती हटाने के लिए अल्टीमेटम दिए जाने के बाद स्थानीय लोग अपने सामान को हटाने लगे हैं। उन्होंने बस्ती हटाने के फैसले के बारे में स्पष्ट जानकारी न मिलने पर चिंता व्यक्त की है। प्रधानमंत्री शाह ने सुकुमवासी और अतिक्रमणकारियों को अलग करने तथा वास्तविक सुकुमवासियों को जमीन वितरण करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है। ११ वैशाख, काठमाडौं।

कुछ लोग सामान पोको में पैक कर रहे हैं। कुछ बोलेरो में सामान लोड कर रहे हैं। कुछ अपनी ताकत से सामान लेकर जा रहे हैं। शुक्रवार सुबह थापाथली में स्थित सुकुमवासी बस्ती में पहुंचने पर स्थानीय लोग असमंजस और भयभीत नजर आए। सरकार द्वारा बस्ती से सामान निकालने के निर्देश जारी किए जाने के बाद वे शांति से नहीं थे। गुरुवार शाम को ही सुरक्षा बलों ने बस्ती छोड़ने के लिए माइकिंग की थी। पिछले रात पुलिस दल ने बस्ती पर छापा मारा था, जबकि अगले दिन शुक्रवार शाम ७ बजे तक सामान हटाने का आदेश दिया गया था।

सामान हटाने का प्रयास कर रहे लोगों का मन अन्य लोगों से बात करने का नहीं था। बल्कि अपनी संपत्ति को किसी भी तरह से बचाना उनके लिए बड़ा मुद्दा था। ‘कल ये सभी संपत्तियां भी नष्ट कर दी जाएंगी। पहले महानगर पुलिस आने पर नेपाल पुलिस रोकती थी, अब तो वही लोग आते हैं,’ सामान हटा रही गीता लामा ने चिंता जताई, ‘अब किसी की कोई सूनवाई नहीं होती यहाँ। हमारा भाग्य ही ऐसा है।’ इस तरह सुकुमवासी लोग आक्रोशित थे क्योंकि उन्होंने स्पष्ट सूचना नहीं पाई थी। सरकार का अचानक बस्ती हटाने की प्रक्रिया तेज करने का निर्णय उनके मन में कई तरह के सवाल खड़े कर रहा था।

सुकुमवासी बस्ती में इस तरह के नारे लग रहे थे। प्रदर्शन के दौरान सरकार में जाने से पहले रास्वपा अध्यक्ष रवि लामिछाने के दिए गए बयान याद आ गए, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर बस्ती में डोजर चलाया गया तो वे सीना ठोंकने जाएंगे। साथ ही लामिछाने को बस्ती में आने और छाती ठोंकने के लिए आमंत्रित भी किया गया था। बस्ती के गेट पर नारेबाजी चल रही थी और आने वालों की भीड़ बढ़ रही थी। स्थानीय लोगों का कहना था, ‘अब अलग-अलग स्वार्थ समूह आएंगे। ये लोग राजनीति करते हैं, लेकिन नुकसान हमें ही होता है।’

इस प्रकार सुकुमवासियों के असमंजस में रहने के बीच शुक्रवार दोपहर पुलिस की गतिविधि ने उनकी चिंता और बढ़ा दी। पुलिस ने थापाथली की सुकुमवासी बस्ती के नजदीक सड़क किनारे सीसीटीवी कैमरा लगाने का कार्य शुरू किया, जिससे स्थानीय लोगों में और शक उत्पन्न हो गया। प्रधानमंत्री शाह ने कहा है, ‘हम सरकार में हैं और अतिक्रमणकारियों और सुकुमवासियों को अलग करने का काम करेंगे। पूरे देश के वास्तविक सुकुमवासियों के लिए प्रक्रिया पूरी करके जल्द से जल्द जमीन वितरण किया जाएगा।’

आफ्नै भराएको बन्दुकको छर्रा लागेर वडासदस्यको मृत्यु

११ वैशाख, बैतडी। बैतडीमा भरुवा बन्दुक पड्किँदा छर्रा लागेर घाइते भएका सुर्नया गाउँपालिका–२ का ४५ वर्षीय वडासदस्य दानबहादुर ऐरीको निधन भएको छ। आफैले भरेको बन्दुकको छर्रा घाँटीमा लागेर बुधबार साँझ घाइते भएका ऐरीलाई जिल्ला अस्पताल बैतडीमा सामान्य उपचारपछि धनगढी रिफर गरिएको थियो। धनगढीस्थित माया मेट्रो अस्पतालमा उपचारपछि घर फर्काउने क्रममा शुक्रबार दिउँसो करिब ३ बजे बाटोमै उनको निधन भएको जिल्ला प्रहरी कार्यालय बैतडीका प्रवक्ता इन्स्पेक्टर बलदेव बडूले जानकारी दिएका छन्। मृतक ऐरीको शव पोस्टमार्टमका लागि जिल्ला अस्पताल बैतडीमा राखिएको प्रहरीले जनाएको छ।

वैज्ञानिकों ने ‘सुपरएजर्स’ का रहस्य खोजा

नर्थवेस्टर्न विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने यह पुष्टि की है कि ८० वर्ष से अधिक उम्र के सुपरएजर्स नामक समूह के लोग ५० से ६० वर्ष के युवाओं जितना ही तेज दिमाग रखते हैं। सुपरएजर्स के मस्तिष्क की कॉर्टेक्स परत युवाओं जैसी मोटी और कुछ मामलों में पूर्व सिन्गुलेट कॉर्टेक्स तो युवाओं से भी घनी पाई गई है। इनके मस्तिष्क में अल्जाइमर रोग उत्पन्न करने वाले प्रोटीन या तो नहीं पाए गए या पाए जाने के बावजूद इसने स्मृति को प्रभावित नहीं किया है, एवं इनके सामाजिक जीवन भी सक्रिय हैं। ११ वैशाख, Kathmandu। वृद्धावस्था में स्मरण शक्ति कमजोर होना सामान्य माना जाता है, लेकिन वैज्ञानिकों ने ८० वर्ष की उम्र पार करने वाले ऐसे व्यक्तियों का एक विशेष समूह खोजा है जिनका दिमाग ५० से ६० वर्ष के युवा जैसा तीव्र है। नर्थवेस्टर्न विश्वविद्यालय के शोधकर्ता पिछले २५ वर्षों से ऐसे व्यक्तियों को ‘सुपरएजर्स’ के नाम से अध्ययन कर रहे हैं। हाल ही में प्रकाशित ‘अल्जाइमर्स एंड डिमेंशिया’ जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ये व्यक्ति उम्र से होने वाली मानसिक गिरावट के पारंपरिक दृष्टिकोण को चुनौती देते हैं। स्मृति परीक्षण में जहाँ शब्द याद रखने की चुनौती होती है, इसमें ये लोग अपनी आयु से ३० वर्ष छोटे व्यक्तियों के समान प्रदर्शन करते हैं।

मस्तिष्क की अनोखी जैविक संरचना वैज्ञानिकों के लिए सबसे आकर्षक पहलू है। सामान्यतः वृद्धावस्था के साथ मस्तिष्क की बाहरी परत यानी ‘कोर्टेक्स’ पतली होती जाती है, लेकिन इन व्यक्तियों के मस्तिष्क में यह परत युवा लोगों की तरह मोटी और शक्तिशाली नजर आती है। और भी चौंकाने वाली बात यह है कि निर्णय और भावनाओं से संबंधित ‘एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स’ क्षेत्र कुछ मामलों में युवाओं से भी अधिक घना पाया गया है। इसके अलावा, इनके मस्तिष्क में सामाजिक व्यवहार और स्मृति सक्रियता से जुड़े न्यूरॉन्स (वोनों इकोनोमो और एंटोरहाइनल न्यूरॉन्स) की संख्या स्वस्थ स्थिति में अधिक पाई गई है।

अध्ययन के दौरान ७७ सुपरएजर्स के मृत्युपरांत मस्तिष्क दान करके किए गए विश्लेषण ने दो महत्वपूर्ण तथ्य उजागर किए हैं। पहला, ‘प्रतिरोध’ नामक प्रक्रिया जहाँ इन सुपरएजर्स के मस्तिष्क में अल्जाइमर्स रोग उत्पन्न करने वाले हानिकारक प्रोटीन प्लाक्स और टैंगल्स पूरी तरह अनुपस्थित पाए गए हैं। दूसरा, ‘लचीलापन’ नामक प्रक्रिया जिसमें कुछ में हानिकारक प्रोटीन पाए गए, लेकिन इससे स्मृति प्रभावित नहीं हुई। इसका मतलब है कि सुपरएजर्स का मस्तिष्क इन रोगों को सहन करने या उनका मुकाबला करने की विशेष क्षमता विकसित कर चुका है।

जैविक संरचना के अलावा सुपरएजर्स की जीवनशैली भी गौरतलब है। वे सामाजिक, मिलनसार और बाहरी लोगों के साथ घुलने-मिलने में रुचि रखते हैं। व्यायाम और खान-पान के विविधता के बावजूद, मजबूत सामाजिक संबंध और सक्रिय भागीदारी ने उनके मस्तिष्क को स्वस्थ बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। डॉ. सान्ड्रा वेनट्रब के अनुसार, ये खोजें डिमेंशिया और अल्जाइमर्स जैसे रोगों को रोकने या उनकी प्रगति को धीमा करने के लिए नए उपचार और रणनीतियों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

धमाधम बस्ती खाली गराउँदैछन् सुकुमवासी (तस्वीरहरू)

काठमाडौं उपत्यका के अत्यधिक आबादी वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विस्थापन शुरू (तस्वीरें)

समाचार सारांश

एआई द्वारा तैयार, संपादकीय समीक्षा सहित।

  • सरकार ने कल सुबह से काठमाडौँ उपत्यका के प्रमुख अधिक आबादी वाले क्षेत्रों को खाली करने की तैयारी शुरू कर दी है।
  • सुरक्षा एजेंसियां प्रधानमंत्री बालेन शाह के निर्देशानुसार खाली करने के कार्य में लगी हैं।
  • प्रधानमंत्री शाह ने मौजूदा सरकार द्वारा अधिक आबादी वाले क्षेत्रों की समस्या का समाधान करने एवं वास्तविक आवासहीनों को उचित पुनर्वास प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

२४ अप्रैल, काठमाडौँ – सरकार काठमाडौँ उपत्यका के प्रमुख अधिक आबादी वाले इलाकों को कल (शनिवार) सुबह से खाली करने की तैयारी में जुटी है।

प्रधानमंत्री बालेन शाह के निर्देशानुसार सुरक्षा संस्थान खाली कराने में तेजी ला रहे हैं।

स्थानीय निवासियों को आज शाम ७ बजे तक अपने घर खाली करने की सूचना दी गई थी, जिसके मद्देनजर कई लोग शुक्रवार सुबह से अपना सामान स्थानांतरित करने लगे हैं।

शुक्रवार शाम थपाथली क्षेत्र में स्थानीय लोग सक्रिय रूप से अपने सामान और घरों को स्थानांतरित करते हुए देखे गए।

इस बीच प्रधानमंत्री शाह ने कहा कि वर्तमान सरकार अधिक आबादी वाले इलाकों की समस्या को हल करने और वास्तविक आवासहीनों को पुनर्वास के लिए आवश्यक सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

तस्वीरें:

 

चीनी स्टार्टअप डिपसिक ने नया एआई मॉडल ‘भी ४’ किया सार्वजनिक

चीनी स्टार्टअप डिपसिक ने अपना नया मॉडल ‘डिपसिक-भी ४’ जारी किया है, जिसमें कम लागत में उच्च क्षमता वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शामिल है। डिपसिक-भी ४ में 10 लाख शब्दों तक की अल्ट्रा-लॉन्ग कॉन्टेक्स्ट क्षमता है और यह दो संस्करणों ‘भी ४-प्रो’ और ‘भी ४-फ्लैश’ में उपलब्ध है।

कम लागत में उच्च क्षमताओं वाली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विकसित कर दुनिया को चौंकाने वाला चीनी स्टार्टअप ‘डिपसिक’ ने शुक्रवार को अपना नया मॉडल ‘डिपसिक-भी ४’ लॉन्च किया। 2025 की शुरुआत में अमेरिकी कंपनियों के एकाधिकार को चुनौती देने में सफल इस कंपनी ने नए संस्करण में उत्पादन लागत और कंप्यूटिंग खर्च को तुलनात्मक रूप से कम करने का दावा किया है।

यह नया मॉडल ‘भी ४-प्रो’ और ‘भी ४-फ्लैश’ के दो संस्करणों में उपलब्ध कराया गया है। कंपनी के अनुसार ‘डिपसिक-भी ४’ में 10 लाख शब्दों तक की ‘अल्ट्रा-लॉन्ग कॉन्टेक्स्ट’ क्षमता है, जो इसे एक साथ कई जानकारियों को समेटकर जटिल कार्यों को पूरा करने में सक्षम बनाती है। भी ४-प्रो संस्करण में 1.6 ट्रिलियन पैरामीटर हैं और कम लागत व तेज़ी से काम करने वाले भी ४-फ्लैश में 284 बिलियन पैरामीटर मौजूद हैं।

‘वर्ल्ड नॉलेज बेंचमार्क्स’ में इस मॉडल ने गूगल के ‘जेमिनी-प्रो-३.१’ के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा करते हुए अन्य ओपन-सोर्स मॉडल्स को पीछे छोड़ने का दावा किया है। तकनीकी विश्लेषकों ने इसे उद्योग के लिए एक “मॉडल” के रूप में देखा है। इसके चलते महंगे अनुसंधान प्रयोगशालाओं तक सीमित रहे एआई संसाधन व्यावसायिक एवं आम जनता की पहुँच में लाने की उम्मीद है।

डिपसिक ने अपने मॉडल को ‘ओपन सोर्स’ बनाए रखा है, जिसके कारण चीन के नगरपालिकाएं, स्वास्थ्य संस्थान और वित्तीय क्षेत्र में इसका उपयोग तीव्र गति से बढ़ रहा है। हालांकि, डिपसिक की सफलता के साथ सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े सवाल भी उठ रहे हैं। व्हाइट हाउस ने चीनी कंपनियों पर अमेरिकी एआई तकनीक की ‘चोरी’ करने का बड़ा अभियान चलाने का आरोप लगाया है। ट्रम्प प्रशासन के विज्ञान व प्रौद्योगिकी सलाहकार माइकल क्राट्सियोस का दावा है कि चीनी संस्थाएं अमेरिकी एआई मॉडल से ‘डिस्टिलेशन’ तकनीक के माध्यम से डेटा इकट्ठा कर रही हैं। वहीं, डिपसिक के चैटबॉट ने तियानमेन स्क्वायर जैसे संवेदनशील राजनीतिक विषयों पर जवाब देने से इंकार किया है, जिससे सेंसरशिप की आलोचनाएं भी सामने आई हैं। अगले महीने बीजिंग में होने वाली डोनाल्ड ट्रम्प और शी जिनपिंग की शिखर बैठक से पहले एआई प्रतिस्पर्धा ने दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ा दिया है।

खेलकूद मंत्रालय कुमार बेनका भाई सिद्धि व्यञ्जनकार द्वारा संचालित

मंत्री सस्मित पोखरेल ने प्रधानमंत्री के मुख्य सलाहकार कुमार बेनका के भाई सिद्धि व्यञ्जनकार को खेलकूद मंत्रालय का प्रमुख सलाहकार नियुक्त किया है। वही सलाहकार खेलकूद से संबंधित कार्य मंत्री के समकक्ष ही संभाल रहे हैं।

समाचार सारांश

स्रोत की समीक्षा की गई।

  • सिद्धि व्यञ्जनकार सहित की टीम ने खेलकूद मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय खेलकूद परिषद (राखेप) में ‘राष्ट्रीय टीम तैयारी’ का निरीक्षण किया।
  • राखेप ने बजट की कमी के कारण रुके हुए एशियाई खेल तैयारी प्रशिक्षण को पुनः शुरू करने का निर्देश दिया।
  • खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल ने खेलकूद में कम समय बिताने का उल्लेख किया और सचिवालय के सलाहकार सिद्धि के मंत्रालय के काम आगे बढ़ाने की बात कही।

११ वैशाख, काठमाडौं। सिद्धि व्यञ्जनकार सहित की टीम गत सोमवार राष्ट्रीय खेलकूद परिषद (राखेप) के ‘‘राष्ट्रीय टीम तैयारी’’ कार्यक्रम के निरीक्षण के लिए पहुंची थी। शिक्षा, विज्ञान, युवा तथा खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल के अनुपस्थित रहने पर टीम खेलकूद मंत्रालय का प्रतिनिधित्व करते हुए इस निरीक्षण में शामिल हुई।

आगामी असोज ३ से जापान में आयोजित हो रहे २०वें एशियाई खेलों की तैयारी के लिए राखेप ने २०८० माघ १५ से शुरू किया गया मिशन–२०२६ कार्यक्रम बजट की कमी के कारण माघ के अंत से रोक दिया है।

निरीक्षण टीम ने रुके हुए काम को लेकर अनजानगी जताई तो राखेप सदस्य सचिव रामचरित्र मेहताल से इस विषय में सवाल किया और तुरंत प्रशिक्षण पुनः शुरू करने का निर्देश दिया। टीम में सिद्धि व्यञ्जनकार और राजु सिंह भी शामिल थे।

मंत्री के सचिवालय ने बताया कि मंत्री पोखरेल ने सिद्धि व्यञ्जनकार को प्रमुख सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है। सिद्धि प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के प्रमुख राजनीतिक सलाहकार कुमार बेनका के भाई हैं। इसी तरह निशम महर्जन मुख्य निजी सहायक और राजु सिंह युवा विकास, अनुगमन एवं मूल्यांकन सलाहकार के रूप में नियुक्त हैं।

खेलकूद मंत्रालय में गुरुवार दोपहर पहुंचे तो मंत्री का कार्यालय खाली था, जबकि प्रमुख सलाहकार सिद्धि और टीम सचिवालय के कार्यालय में नजर आए।

खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल होने के बावजूद निरीक्षण से लेकर दिशा-निर्देश तक के कार्यों का नेतृत्व सिद्धि व्यञ्जनकार कर रहे हैं। बजट आवंटन से लेकर खिलाड़ियों की विदाई तक के कार्यों में सिद्धि मंत्रालय का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके अनुसार मंत्रालय के भीतर ‘सस्मित ने मुझे शिक्षा देखो कहा है, खेलकूद कार्य मुझे देखना है’।

खेलकूद में आने वाली समस्याओं की जानकारी प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह कुमार बेनका को देते हैं और कुमार अपने भाई सिद्धि को निर्देश देते हैं। इस प्रकार सिद्धि जिम्मेदारी लेकर खेलकूद मंत्रालय के काम आगे बढ़ा रहे हैं।

कर्मचारियों को निर्देश देना और खेलकूद में आई समस्याओं का पूरा लेखा-जोखा सिद्धि ही कर रहे हैं। सलाहकार की भूमिका सलाह देने तक सीमित नहीं है, इस पर सिद्धि ने कहा, ‘‘अब खेलकूद की स्थिति जो है, उसी के बारे में संवाद करते रहेंगे।’’

सिद्धि ने कहा कि उन्हें आवश्यकता पड़ने पर ही मंत्रालय जाना पड़ता है और फिलहाल मंत्रालय का कामकाज कैसा चल रहा है, इस पर वे कोई साफ प्रतिक्रिया नहीं दे रहे। वहीं राजु सिंह ने कहा, ‘‘हम ही खेलकूद में काम कर रहे हैं। मंत्री को हमने काम में शामिल नहीं किया है। मुख्य बात बजट है, उसके अलावा कुछ भी नहीं। मिशन हम ही चला रहे हैं।’’

राजु सिंह ने बताया कि टीम सुबह ७ बजे से रात ११-१२ बजे तक मंत्रालय में काम कर रही है।

आमतौर पर मंत्री सलाहकारों को सलाह देने के उद्देश्य से नियुक्त करते हैं, लेकिन खेलकूद क्षेत्र में सिद्धि व्यञ्जनकार मंत्री समकक्ष काम कर रहे हैं, ऐसा खेलकूदकर्मी कहते हैं।

राखेप सदस्य सचिव रामचरित्र मेहताले सिद्धि के निर्देश स्वीकार किए हैं और मंत्रालय के काम में सहयोग के उद्देश्यों से कार्य आगे बढ़ रहा है।

खेलकूद में मंत्री का न्यूनतम ध्यान

लगभग एक महीने नियुक्ति मिलने के बाद खेलकूद मंत्री सस्मित पोखरेल धनगढी के फाप्ला क्रिकेट मैदान में जाकर केवल बैटिंग ही कर पाए हैं। राष्ट्रीय खेलकूद परिषद के निरीक्षण में भी उन्होंने अधिक समय शिक्षा संबंधित विषयों पर दिया।

उनकी एक महीने की उपलब्धि में राखेप निरीक्षण, एशियन बीच गेम्स में कबड्डी और कुश्ती टीम को विदाई देना आदि शामिल हैं, इसके अलावा फाप्ला मैदान में प्रर्दशन सीमित है।

शिक्षा मंत्रालय के नजदीक होने के कारण वह अधिकतर समय खेलकूद से अधिक शिक्षा मंत्रालय में व्यस्त दिखते हैं। उनके सोशल मीडिया पोस्ट भी इसे प्रमाणित करते हैं।

एसईई परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को शुभकामना देने और परीक्षा समाप्ति के बाद बधाई देने के अलावा मंत्री पोखरेल कराटे वन प्रीमियर लीग २०२६ में रजत पदक जीतने वाली एरिका गुरुङ को सम्मानित करने की तैयारी कर रहे हैं।

खेलकूद मंत्रालय में सरकार का समय कम होने के कारण एक कर्मचारी ने कहा, ‘‘नियमित गतिविधि ही हो रही है, कोई विशेष बात नहीं है। जब वे काठमांडू में रहते हैं तब मंत्रालय में केवल १-२ घंटे आते हैं।’’

अधिकांश लोगों का मानना है कि मंत्री शिक्षा मंत्रालय पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और खेलकूद को नजरअंदाज कर रहे हैं। राखेप के एक बोर्ड सदस्य ने कहा, ‘‘वर्तमान खेलकूद मंत्री ने खेलकूद के लिए पाँच मिनट भी समर्पित नहीं किया है।’’

पुटिन ने आर्मेनियाई नरसंहार को 20वीं सदी की सबसे भयानक त्रासदी बताया

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आर्मेनियाई नरसंहार को 20वीं सदी की सबसे भयानक त्रासदी बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है। पुतिन ने कहा कि जातीय और धार्मिक घृणा, राष्ट्रवाद और जेनोफोबिया ने तत्कालीन सभ्य दुनिया को स्तब्ध कर दिया था। वर्ष 1915 से 1923 तक ऑटोमन साम्राज्य द्वारा 10 लाख से 15 लाख आर्मेनियाई लोगों की सुनियोजित सामूहिक हत्या की गई थी। 11 वैशाख, काठमाण्डू।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आर्मेनियाई नरसंहार के 111वें स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में एक विशेष संदेश के माध्यम से इस घटना को 20वीं सदी की सबसे भयावह त्रासदी के रूप में वर्णित किया है। शुक्रवार को जारी संदेश में पुतिन ने नरसंहार के हजारों पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हुए निर्दोष लोगों की सामूहिक ह्त्या और देश निकाला की कड़ी निंदा की है।

अपने संदेश में पुतिन ने जातीय और धार्मिक घृणा, राष्ट्रवाद एवं जेनोफोबिया से उत्पन्न खतरनाक परिणामों ने तत्कालीन पूरी सभ्य दुनिया को चकित कर दिया था, उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि सन 1915 में रूस, ब्रिटेन और फ्रांस ने संयुक्त रूप से इसे मानवता के खिलाफ अपराध के रूप में निंदा की थी और रूस का रुख हमेशा सजीव एवं स्पष्ट रहा है।

आर्मेनियाई नरसंहार प्रथम विश्व युद्ध के दौरान (1915 से 1923) ऑटोमन साम्राज्य (आज के तुर्की) द्वारा अपने अधीनस्थ अल्पसंख्यक आर्मेनियाई नागरिकों पर की गई सुनियोजित और व्यवस्थित सामूहिक हत्या तथा जातीय सफाई थी। इस दुखद घटना में अनुमानित 10 लाख से 15 लाख आर्मेनियाई लोगों की हत्या कर दी गई।

चौँरीगोठ से निकली अल्ट्रा धाविका आङ फुर्बा

आमतौर पर ‘अर्ली ट्वेन्टिज’ यानि बीस की उम्र के आसपास अल्ट्रा खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं। लेकिन आङ फुर्बा ने तो दो दशक की उम्र पूरी होने को आई है और वह अल्ट्रा दौड़ में चमकदार सितारे के रूप में उभरी हैं। २० वर्षीय शेर्पा धाविका आङ फुर्बा ने मञ्जुश्री ट्रेल रेस १०० मील महिलाओं की श्रेणी में ३३ घंटे १३ मिनट ०६ सेकेंड में जीत हासिल की। उन्होंने अल्ट्रा ट्रेल में पिछले चार वर्षों में नेपाल और विदेशों के विभिन्न रेसों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। आङ फुर्बा ने स्वयं अपने सारे खर्च वहन किए हैं क्योंकि उन्हें स्पॉन्सरशिप नहीं मिली है और अंतरराष्ट्रीय रेसों में भाग लेने में सहयोग की आवश्यकता जताई है।

११ वैशाख, काठमांडू। २० वर्षीया आङ फुर्बा शेर्पा ने हाल ही में संपन्न हुए नेपाल के प्रसिद्ध मञ्जुश्री ट्रेल रेस (एमटीआर) में १०० मील अर्थात लगभग १६० किलोमीटर की दूरी की दौड़ जीती। उन्होंने निर्धारित दूरी ३३ घंटे १३ मिनट ०६ सेकेंड में पूरी कर पहला स्थान प्राप्त किया। उन्होंने विदेशी खिलाड़ी व पूर्व विजेता अनिता राई को पीछे छोड़ा। नीदरलैंड्स की अन्ने माई बान ३३ घंटे ५१ मिनट ४१ सेकेंड के साथ दूसरे और नेपाल की ही अनिता राई तीसरे स्थान पर रहीं। अनिता ने इस दूरी को पूरा करने में ३८ घंटे १८ मिनट २३ सेकेंड का समय लिया।

सोलुखुम्बु की सोलु दूधकुण्ड नगरपालिका–२ के फेराकी निवासी आङ फुर्बा ने इससे पहले भी अल्ट्रा ट्रेल में कई उपलब्धियां हासिल की थीं, लेकिन वे ज्यादा चर्चित नहीं थीं। काठमांडू उपत्यका में होने वाली मञ्जुश्री दौड़ जीतने के बाद उनकी पहचान और लोकप्रियता में वृद्धि हुई है। उन्होंने १८ वर्ष की आयु में पहली बार मञ्जुश्री ट्रेल में भाग लिया था। इस रेस में तीसरी बार भाग लेकर वह चैंपियन बनीं। इससे पहले दो बार भाग लेने पर वे तीसरे स्थान पर रहीं। पिछले वर्ष रेस पूरी नहीं कर पाईं थीं।

आङ फुर्बा ने वर्ष २०२२ में एवरेस्ट ट्रेल रेस से शुरुआत की थी। शुरुआत में उन्हें अल्ट्रा ट्रेल के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। लेकिन उनके बड़े भाई निमा टेन्डी शेर्पा ने रेस की जानकारी दी, जिससे उनकी रुचि बढ़ी। उन्होंने कहा, “दाइन ने इंटरनेट पर देख-देख कर इस रेस के बारे में मुझे बताया। उसके बाद मुझे भी इसे ट्राई करने का मन हुआ।” उन्होंने चार वर्षों में सोलुखुम्बु से काठमांडू, मनास्लु से जुम्ला तक विभिन्न रेसों में भाग लिया है।

आङ फुर्बा ने कहा, “मेरा लक्ष्य विदेश जाकर अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लेना है।” उन्होंने स्पॉन्सरशिप की कमी के कारण अंतरराष्ट्रीय रेसों में भाग लेने में कठिनाइयों का जिक्र किया। “अगर स्पॉन्सर नहीं मिलेगा तो हमारे लिए बहुत मुश्किल हो जाएगा। अच्छी स्पॉन्सरशिप मिले तो अंतरराष्ट्रीय दौड़ों में भाग लेना आसान हो जाएगा,” उन्होंने कहा।

राप्रपा नेता विक्रम पाण्डे पक्राउ – Online Khabar

राप्रपा के नेता विक्रम पाण्डे गिरफ्तार

राप्रपा के नेता एवं पूर्व मंत्री विक्रम पाण्डे को ई–बिडिंग वेबसाइट हैक करने के आरोप में नेपाल पुलिस के केन्द्रीय अनुसन्धान ब्यूरो ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया है। पाण्डे राप्रपा के वरिष्ठ नेता और उपाध्यक्ष हैं तथा ०७९ के चुनाव में चितवन क्षेत्र संख्या ३ से प्रतिनिधि सभा सदस्य चुने गए थे।

उनके खिलाफ ०७५ साल में सिक्टा सिंचाई आयोजन में गुणवत्ताहीन काम को लेकर अख्तियार द्वारा मामला दायर किया गया था, जिसके बाद वे ४ करोड़ की जमानत देकर रिहा हुए थे। पुलिस ने बताया कि पाण्डे को अपने पक्ष में ठेका दिलाने के प्रयास में ई–बिडिंग वेबसाइट हैक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

नेपाल महिला एकता समाज का आग्रह: बिना विकल्प सुकुमवासी को हटाने न दें

नेपाल महिला एकता समाज ने बिना विकल्प के भूमिहीन सुकुमवासी को हटाने से रोकने का आग्रह किया है। ११ वैशाख, काठमाडौं। समाज ने एक वक्तव्य जारी करते हुए प्रधानमंत्री द्वारा सुकुमवासी बस्ती खाली करने के निर्देश पर अपनी चिंता जताई है। इस बस्ती में रहने वाली महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और विकलांग व्यक्तियों के साथ किए गए इस कठोर निर्णय पर समाज ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की है।

समाज के अनुसार, राज्य द्वारा बिना विकल्प प्रदान किए जबरन उठीबास करने से संविधान द्वारा सुनिश्चित नागरिकों के जीवन यापन के अधिकार का गंभीर उल्लंघन होगा। समाज ने बिना विकल्प के दमन कर जबरन उठीबास करने की कार्रवाई तुरंत रोकने का आग्रह किया है। वक्तव्य में कहा गया है, ‘इस निर्णय को तत्काल संशोधित कर सम्मान के साथ भूमि और आवास में रहने के अधिकार का सम्मान करने के लिए संबंधित सभी का ध्यानाकर्षण कराते हैं।’

अगर यह निर्णय नहीं सुधारा गया तो इस मुद्दे पर मानवाधिकारकर्मी, नागरिक समाज और संबंधित सभी मिलकर आवाज उठाएंगे तथा सड़क पर भी उतरने की चेतावनी दी गई है।

उच्छृङ्खल और अराजक गतिविधि करने वालों के खिलाफ नेपाली सेना की कड़ी चेतावनी

नेपाली सेना ने अपने संगठन और नेतृत्व के खिलाफ लगाए गए विभिन्न आरोपों पर गम्भीर ध्यानाकर्षण होने की जानकारी दी है। सेना ने कुछ समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर प्रसारित नकली सूचनाओं और अभिव्यक्तियों से सावधान रहने का आग्रह किया है। ऐसी सूचनाएं और अभिव्यक्तियां आम जनता में भ्रम फैलाने वाली हैं, इसलिए इन्हें प्रचलित कानून के दायरे में रहकर ही समझने की स्मरण दिलाई गई है। ११ वैशाख, काठमांडू।

नेपाली सेना ने संगठन और नेतृत्व के विरुद्ध की जा रही अभिव्यक्तियों पर गम्भीर धयानाकर्षण व्यक्त किया है। शुक्रवार को जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि कुछ मीडिया और सोशल नेटवर्क में नेपाली सेना तथा इसके नेतृत्व के बारे में प्रसारित नकली सूचनाओं और अभिव्यक्तियों से सेना गंभीरता से चिंतित है। सेना ने बताया कि इस तरह की सामग्री आम नागरिकों में भ्रम पैदा कर रही है, इसलिए इस तरह की गतिविधि न करने की चेतावनी दी गई है।

‘नेपाली सेना और सम्बंधित निकाय लगातार ऐसी उच्छृङ्खल और अराजक गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। जो भी इन गतिविधियों में लिप्त होंगे, उन्हें प्रचलित कानून के तहत आना होगा,’ सेना ने जारी चेतावनी में कहा है। सेना ने आधारहीन और द्वेषपूर्ण समाचार तथा टिप्पणियों पर भरोसा न करने का भी आग्रह किया है। सेना का प्रेस नोट इस प्रकार है।

दक्षिण अफ्रीका में १३ करोड़ २० लाख वर्ष पुराने डायनासोर के पदचिह्न मिले

दक्षिण अफ्रीका के दक्षिणी तटीय क्षेत्र में १३ करोड़ २० लाख वर्ष पहले के डायनासोर के पदचिह्न पाए गए हैं। नेल्सन मंडेला विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने वेस्टर्न केप में दो दर्जन से अधिक पदचिह्नों की खोज की है। शोध से पता चला है कि ये पदचिह्न थेरोपोड्स, ऑर्निथोपोड्स और सॉरोपोड्स प्रजाति के डायनासोरों द्वारा छोड़े गए थे।

नाइस्ना के पास एक छोटे चट्टानी इलाके में मिले ये पदचिह्न दक्षिण अफ्रीका में अब तक पाए गए सबसे पुराने डायनासोर अवशेष हैं। इससे पहले वैज्ञानिक यह मानते थे कि १८ करोड़ २० लाख वर्ष पहले हुए विशाल ज्वालामुखीय विस्फोट और उससे निकले लावे ने इस क्षेत्र के सारे डायनासोर के निशान नष्ट कर दिए थे। किंतु नई खोज ने यह पुष्टि की है कि इस प्राकृतिक आपदा के बाद भी यहां डायनासोर जीवित थे और लंबे समय तक इस क्षेत्र में विचरण करते रहे।

शोधकर्ताओं ने वेस्टर्न केप के समुद्री तट पर लगभग ४० मीटर लंबा और ५ मीटर चौड़ा एक छोटा चट्टानी हिस्सा खोजकर वहां दो दर्जन से ज्यादा पदचिह्न पाए हैं। यह क्षेत्र ज्वार-भाटा के दौरान समुद्र के अंदर डूब जाता है। इतनी छोटी जगह में इतने पदचिह्न मिले होने से उस समय यहां डायनासोरों की प्रचुर संख्या का संकेत मिलता है। वैज्ञानिकों ने वेस्टर्न केप और ईस्टर्न केप के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी कई अवशेष मिलने की संभावना जताई है।

जापान का वीजा न मिलने के कारण सुनमाया वर्ल्ड ट्रेल मेजर्स की प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकेंगी

विश्व प्रसिद्ध नेपाली ट्रेल धावक सुनमाया बुढा जापान का वीजा न मिलने के कारण वर्ल्ड ट्रेल मेजर्स २०२६ के अंतर्गत माउंट फुजी १०० में भाग लेने से वंचित रह गई हैं। हांगकांग स्थित एशिया पैसिफिक एडवेंचर एथलेटिक एजेंट ने जानकारी दी है कि जापान दूतावास ने उनका वीजा अस्वीकृत कर दिया है। पिछले वर्ष वर्ल्ड ट्रेल मेजर्स विजेता सुनमाया मध्य पूर्व में अस्थिरता के कारण फ्लाइट टिकट न मिलने के कारण स्पेन में आयोजित पहली प्रतियोगिता भी नहीं भाग ले पाई थीं।

११ वैशाख, काठमाण्डू। सुनमाया की रेस प्रबंधन करने वाली हांगकांग स्थित एशिया पैसिफिक एडवेंचर एथलेटिक एजेंट (एपीए एथलेट) ने शुक्रवार को फेसबुक पर एक पोस्ट के माध्यम से बताया कि जापान का वीजा न मिलने के कारण सुनमाया वर्ल्ड ट्रेल मेजर्स प्रतियोगिता से वंचित हो रही हैं। एपीए एथलेट ने कहा कि सुनमाया विश्व स्तर की एक उत्कृष्ट खिलाड़ी होने के बावजूद नेपाल स्थित जापानी दूतावास द्वारा वीजा न दिए जाने पर वे दुःख प्रकट करते हैं।

एपीए एथलेट ने कहा, ‘सुनमाया इस सप्ताहांत माउंट फुजी १०० मील दौड़ में भाग लेना चाहती थीं, लेकिन आयोजकों द्वारा भेजा गया निमंत्रण पत्र और सभी आवश्यक कागजात होने के बावजूद भी जापान दूतावास ने उनका वीजा अस्वीकार कर दिया। वह अपने खेल क्षेत्र में विश्व के शीर्ष व्यावसायिक खिलाड़ियों में से एक हैं।’

एपीए ने आगे कहा, ‘यह वास्तव में दुखद घटना है। दूतावास ने किसी अतिरिक्त दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत करने का मौका नहीं दिया, और वहाँ ६ महीने तक फिर से आवेदन करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। यह एक बहुते निराशाजनक अनुभव रहा।’ पिछले वर्ष वर्ल्ड ट्रेल मेजर्स की विजेता सुनमाया मध्य पूर्व में हुए प्रभावों के कारण फ्लाइट टिकट न मिलने के वजह से इस वर्ष वर्ल्ड ट्रेल सीरीज के अंतर्गत स्पेन में हुए पहले इवेंट से भी वंचित रहीं। वर्ल्ड ट्रेल मेजर्स (डब्ल्यूटीएम) २०२५ की चैंपियन सुनमाया नई सिजन के लिए काफी उत्साहित थीं, लेकिन विभिन्न कारणों से लगातार प्रतियोगिताओं में भाग न ले पाने के कारण न केवल सुनमाया स्वयं, बल्कि नेपाल तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अल्ट्रा ट्रेल समुदाय भी काफी दुखी है।