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लेखक: space4knews

फीफा विश्व कप 2026 में टूटने वाले पांच रिकॉर्ड

तीन देशों के संयुक्त आयोजन में होने वाले 2026 के फीफा विश्व कप में पहली बार 48 टीमें भाग लेंगी और 104 मैच खेले जाएंगे। अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो मैदान पर उतरेंगे और विश्व कप में अपनी छठी बार भाग लेने का रिकॉर्ड बनाएंगे। जर्मनी के मिरोसलाव क्लोज का सर्वाधिक 16 गोल और 17 मैच जीतने का रिकॉर्ड आगामी विश्व कप में मेसी द्वारा तोड़ा जा सकता है। 19 जून, काठमांडू।

फीफा विश्व कप 2026 शुरू होने से पहले ही कुछ रिकॉर्ड स्थापित हो चुके हैं। विश्व फुटबॉल का यह सबसे बड़ा महाकुंभ विश्व का सबसे बड़ा टूर्नामेंट बनने जा रहा है। यह पहली बार है कि तीन देशों ने मिलकर आयोजन किया है और कुल 48 देशों की भागीदारी होगी, जिसमें 104 मैच खेले जाएंगे। इस संस्करण में अब तक के सबसे अधिक मैच होंगे। विश्व कप शुरू होते ही कुछ नए रिकॉर्ड भी बनेंगे।

उदाहरण के लिए, मेक्सिको का एज्टेका स्टेडियम विश्व कप तीन बार आयोजित करने वाला पहला स्टेडियम बनेगा। साथ ही, मेक्सिको तीन बार विश्व कप आयोजित करने वाला पहला देश भी होगा। इसके अलावा, विश्व कप के दौरान विभिन्न प्रकार के रिकॉर्ड बन सकते हैं। इनमें से कुछ रिकॉर्ड इस विश्व कप में टूटने की संभावनाएं अधिक हैं। फीफा विश्व कप 2026 में टूटने वाले इन पांच रिकॉर्ड्स पर नीचे चर्चा की गई है।

  1. सर्वाधिक गोल: इस विश्व कप में टीमों और मैचों की संख्या बढ़ने से गोल करने का रिकॉर्ड कायम होने की संभावना है। पहले कतर विश्व कप में 64 मैचों में 172 गोल हुए थे, लेकिन इस बार 104 मैच होने के कारण गोल की संख्या बढ़ सकती है। कतर विश्व कप में प्रति मैच औसत गोल 2.69 था। अब 40 मैच अधिक होने से गोल संख्या 200 से भी अधिक हो सकती है।
  2. अधिक बार विश्व कप खेलने का रिकॉर्ड: फीफा विश्व कप के 96 वर्षों के इतिहास में कई खिलाड़ियों ने विश्व कप खेला है। लगातार विश्व कप खेलना भी एक महान रिकॉर्ड है। अब तक पुरुष विश्व कप में पांच खिलाड़ियों ने पांच-वार खेलने का रिकॉर्ड बनाया है: मेक्सिको के एंटोनियो कार्बाजल और राफेल मार्क्वेज, जर्मनी के लोथार मॅथ्यूस, अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो। मेसी और रोनाल्डो 2026 में अपनी छठी बार भाग लेकर नया रिकॉर्ड बनाएंगे। 2022 में मेसी ने विश्व कप जीता था, जबकि रोनाल्डो के लिए यह अंतिम मौका होगा। इन खिलाड़ियों ने मैचों में गोल और असिस्ट कर इतिहास लिखा है और छठे विश्व कप में खेलने वाले पहले खिलाड़ी बनेंगे।
  3. सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड: विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने का रिकॉर्ड जर्मनी के मिरोसलाव क्लोज के नाम है, जिन्होंने 16 गोल किए थे। इस रिकॉर्ड को अर्जेंटीना के मेसी और फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे चुनौती दे रहे हैं। मेसी ने 13 गोल किए हैं और 2026 में चार और गोल कर रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। एम्बाप्पे ने दो विश्व कप में 12 गोल किए हैं। उन्होंने 2018 में 4 और 2022 में 8 गोल करते हुए गोल्डन बूट जीता था और फाइनल में अर्जेंटीना के खिलाफ हैट्रिक की थी।
  4. अधिकतम मैच जीतने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड: जर्मनी के मिरोसलाव क्लोज ने अब तक विश्व कप में 17 मैच जीतकर सर्वाधिक जीतने वाला खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड बनाया है। मेसी 16 मैच जीत चुके हैं और 2026 में एक मैच जीतने से क्लोज के बराबर पहुंच जाएंगे। दो मैच जीतने पर मेसी सर्वाधिक जीतने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे। मेसी पहले से सर्वाधिक मैच खेलने के रिकॉर्ड के भी धारक हैं और इस विश्व कप में और अधिक गोल तथा जीत हासिल कर सफल इतिहास रच सकते हैं।
  5. प्रशिक्षक के रूप में अधिकतम जीत का रिकॉर्ड: विश्व कप में सर्वाधिक मैच जीतने वाले प्रशिक्षक पश्चिम जर्मनी के हेलमट स्कोन्स हैं, जिन्होंने 16 मैच जीते हैं। फ्रांस के डिडिएर डे चैंप्स इस रिकॉर्ड को तोड़ने की संभावना रखते हैं। उन्होंने 2018 में फ्रांस को विश्व कप जिताया है और अब तक प्रशिक्षक के रूप में 14 मैच जीते हैं। यदि फ्रांस 2026 में दो मैच जीते तो डे चैंप्स हेलमट के साथ संयुक्त सबसे अधिक जीतने वाले प्रशिक्षक बनेंगे, और तीन मैच जीतने पर विश्व कप इतिहास के सर्वाधिक जीतने वाले प्रशिक्षक बन जाएंगे।

सर्वोच्च अदालत ने मेयर को गायों की निर्मम पिटाई न करने का निर्देश दिया

१९ जेठ, काठमाडौं। सर्वोच्च अदालत के फैसला कार्यान्वयन निर्देशनालय ने बुटवल उपमहानगरपालिका को सड़क पर मौजूद गाय-गोरुओं को गैरकानूनी और निर्ममतापूर्ण तरीके से पिटने से रोकने का निर्देश दिया है। निर्देशनालय ने २०८३ असार १८ गते उपमहानगरपालिका को पत्र भेजकर यह निर्देश दिया। पत्र में नगर प्रमुख के निर्देशन में नगर कर्मचारी और नगर पुलिस द्वारा सड़क पर गाय-गोरुओं की पिटाई किए जाने को सर्वोच्च अदालत के २०७६ वैशाख ८ गते के परमादेश के विपरीत बताया गया है। स्नेहा केयर की अध्यक्ष स्नेहा श्रेष्ठ ने कुछ दिन पूर्व बुटवल में हुई इस घटना की शिकायत करते हुए निर्देशनालय को निवेदन किया था। निवेदन में नगर प्रमुख की सक्रिय भूमिका में जानबूझकर गाय-गोरुओं पर पिटाई किए जाने का आरोप लगाया गया था।

सर्वोच्च अदालत ने २०७६ वैशाख ८ गते दिये गए अपने परमादेश में गाय को राष्ट्रीय पशु के रूप में संरक्षण देने, बेवारिस गाय-गोरुओं के उचित प्रबंधन की व्यवस्था करने तथा पिटाई या हत्या जैसे कार्यों में संलिप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान किया है। अदालत के फैसले में उल्लेख है कि गाय-गोरुओं की हत्या, अकाल मृत्यु या संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने वालों की नियत, लापरवाही या उपेक्षा के कारण होने वाले क्षति पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। कार्यान्वयन के लिए निर्देशनालय ने बुटवल उपमहानगरपालिका को ऐसी गतिविधियों को तत्काल बंद करने और अदालत के आदेश का पूर्ण पालन करने का निर्देश दिया है। पत्र की प्रति नगर पुलिस को भी भेजी गई है। नेपाल के संविधान ने गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा प्रदान किया है। सर्वोच्च अदालत ने स्थानीय प्रशासन को पशु प्रबंधन, संरक्षण केंद्र स्थापना, पशु बीमा और वैज्ञानिक चरागाह प्रबंधन के उपाय अपनाने का भी निर्देश दिया था।

नारायणी नदी में तैरने के दौरान एक बच्चा डूबकर लापता

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा पश्चात तैयार।

  • नवलपरासी के गैँडाकोट स्थित नारायणी नदी में १९ जेठ को तैरते समय एक बच्चा लापता हुआ, जबकि एक अन्य को बचा लिया गया।
  • नदी के किनारे मिले कपड़ों के आधार पर बच्चे चितवन के नारायणघाट स्थित बालकुमारी कन्या माध्यमिक विद्यालय के छात्र हो सकते हैं।
  • इलाका पुलिस कार्यालय गैँडाकोट के प्रमुख लक्ष्मण गिरी के अनुसार लापता बच्चे की तलाश जारी है।

१९ जेठ, नवलपुर (नवलपरासी)। नवलपरासी (बर्दघाट–सुस्तापूर्व) के गैँडाकोट–२ में स्थित नारायणी नदी में तैरते समय एक बच्चा डूबकर लापता हो गया।

इलाका पुलिस कार्यालय गैँडाकोट के प्रमुख पुलिस निरीक्षक लक्ष्मण गिरी ने बताया कि आज नदी में तैरने के दौरान एक बच्चा लापता हो गया है।

‘नारायणी नदी में दो बच्चे तैरने गए थे, जिनमें से एक लापता हुआ जबकि दूसरे बच्चे को बचाकर अस्पताल ले जाया गया,’ उन्होंने कहा, ‘लापता बच्चे की खोज जारी है।’

पुलिस ने यह भी बताया कि लापता और बचाए गए दोनों बच्चों की पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है।

नदी में तैरने से पहले किनारे रखे गए कपड़ों के आधार पर पुलिस का अनुमान है कि ये बच्चे चितवन के नारायणघाट में बालकुमारी कन्या माध्यमिक विद्यालय के छात्र हो सकते हैं।

लामिन यमाल को नहीं मिली 10 नंबर जर्सी, पहनेंगे 19 नंबर जर्सी

फीफा विश्व कप 2026 के लिए स्पेन टीम के जर्सी नंबरों का घोषणा कर दी गई है। युवा स्टार लामिन यमाल को 10 नंबर जर्सी नहीं मिली है, वे 19 नंबर जर्सी पहनेंगे। बार्सिलोना से इस सीजन से 10 नंबर जर्सी पहनने वाले यमाल राष्ट्रीय स्पेन टीम में अपनी परिचित 19 नंबर जर्सी ही पहनेंगे। दो साल पहले उन्होंने स्पेन को यूरोपियन चैंपियन बनाने में भी 19 नंबर की जर्सी में योगदान दिया था।

स्पेन की प्रतिष्ठित 10 नंबर जर्सी को डानी ओल्मो पहनेंगे। टीम घोषित होने के बाद ओल्मो ने सोशल मीडिया के जरिए इस बारे में संकेत भी दिया था। वहीं, गावी को 9 नंबर जर्सी दी गई है। करीब एक साल बाद राष्ट्रीय टीम में लौटे गावी को उनकी पुरानी जर्सी संख्या फिर से मिली है।

स्पेन समूह ‘एच’ में है और 15 जून को केप वर्डे के खिलाफ अपना विश्व कप सफर शुरू करेगा। इसके बाद वह सऊदी अरब और उरुग्वे के खिलाफ मुकाबला करेगा। 2010 में पहली बार विश्व कप टाइटल जीतने वाली स्पेन की नजर दूसरी बार विश्व कप जीतने पर है।

सभामुख से सांसदों ने संसद संचालन को लेकर प्रश्नोत्तर किया

प्रधानमंत्री द्वारा नेपाल-भारत सीमा विवाद पर व्यक्त की गई अभिव्यक्ति के विरोध स्वरूप विपक्षी दल के सांसदों ने प्रतिनिधि सभा की बैठक में वेल घेराव कर नारेबाजी की। विपक्षी अवरोध के बीच सभामुख अर्याल ने राष्ट्रपति कार्यालय से प्राप्त विधेयक प्रमाणीकरण संबंधित पत्र पढ़कर सदन को जानकारी दी। विपक्षी नारेबाजी के कारण बैठक के बाकी कार्यसूची को आगे नहीं बढ़ाया गया और प्रतिनिधि सभा की अगली बैठक आगामी २५ जेठ को तीसरे बार स्थगित कर दी गई है। १९ जेठ, काठमांडू। विपक्षी दल के सांसदों ने जबरदस्ती संसद् चलाए जाने की बात कहते हुए सभामुख से प्रश्नोत्तर किया। विपक्षी वेल घेराव और नारेबाजी के कारण कुछ समय तक बैठक प्रभावित रही। मंगलवार को सभामुख के साथ विपक्षी सांसदों का सवाल-जवाब हुआ। दोपहर एक बजे बुलायी गई बैठक दो बजकर दो मिनट पहले शुरू की गई थी। कानूनी रूप से निर्धारित समय से दो घंटे देरी होने पर बैठक स्वतः स्थगित हो जाती है, इसलिए दो मिनट पहले घंटी बजाकर बैठक शुरू की गई थी। सभामुख ने “प्रतिनिधि सभा बैठक की कार्यवाही प्रारंभ होती है” कहते ही विपक्षी सांसद उठ खड़े हुए। सभामुख अर्याल ने याद दिलाया कि विपक्षी सांसद पिछले दो-तीन दिन से उठे हुए हैं और बजट पर चर्चा के कार्यसूची को आगे बढ़ाने में सहयोग करने का अनुरोध किया। पर विपक्षी दल ने इसे अस्वीकार कर दिया। सभामुख ने बताया कि कल भी यह विषय रखा गया था और आज अनौपचारिक चर्चा में है, अतः इसे कार्यसूची में शामिल करने का आग्रह किया। आकस्मिक समय में अपनी बातें रखने का अवसर देने का प्रयास किया, लेकिन विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री की सीमा विवाद संबंधी अभिव्यक्ति संसद में स्पष्ट की जानी चाहिए कहा। विपक्षी सांसदों के उठते ही सभामुख ने कांग्रेस प्रमुख सचेतक बसना थापा को बोलने का समय दिया, लेकिन कांग्रेस ने शुरुआत में अभिषेक प्रताप साह को बोलाने का प्रस्ताव रखा। साह ने प्रधानमंत्री बालेन द्वारा नेपाल द्वारा भी भारत की जमीन मिचे जाने के बयान को तथ्यहीन बताते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है और सरकार को जवाब देना चाहिए। साह ने कहा, ‘प्रधानमंत्री को या तो यह अभिव्यक्ति वापस लेनी चाहिए या माफी मांगनी चाहिए, नहीं तो संसद का संचालन संभव नहीं होगा।’ पिछले रविवार को हुई प्रतिनिधि सभा की बैठक में प्रधानमंत्री बालेन ने नेपाल–भारत सीमा विवाद को कूटनीतिक वार्ता से सुलझाने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा था, ‘शायद आप समझें, मुझे प्रधानमंत्री बनने के बाद पता चला कि केवल भारत ही नहीं, नेपाल ने भी कई स्थानों पर भारत की जमीन मिचाई है।’ इस अभिव्यक्ति के प्रति विपक्षी दल लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विरोध के बावजूद प्रतिनिधि सभा की बैठक संचालन जारी है। विपक्षी विरोध के बावजूद प्रतिनिधि सभा ने नियमावली और निर्वाचन संबंधित विधेयकों को पारित कर दिया है। विपक्षी का विरोध जारी रहने के बावजूद सभा संचालन जारी है, जिसके कारण विपक्षी सांसदों ने सभामुख से भी प्रश्न किया। सभामुख और सांसदों के बीच उसी समय प्रश्नोत्तर हुआ। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख सचेतक युवराज दुलाल ने बताया कि विपक्षी का दृष्टिकोण सदन को सहज रूप से चलाने का है। सांसद दुलाल ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि सदन को सहजता से संचालन करके बजट पर चर्चा कर इसे पारित करें। कानून निर्माण की जिम्मेदारी नेपाली जनता ने दी है, इसलिए सदन बिना विघ्न के चलना चाहिए, हम विघ्न डालने के पक्ष में नहीं हैं।’ दुलाल ने सभामुख को विपक्ष द्वारा उठाए गए सीमा विवाद और प्रधानमंत्री के बयान के प्रश्न भी दिए। उन्होंने कहा, ‘साउन १ से लागू होने वाले नए आर्थिक वर्ष के बजट से भी अधिक संवेदनशील विषय देश की सीमा है। इसे लेकर उच्चस्तरीय राजनीतिक चर्चा और सभामुख की पहल तुरंत आवश्यक है।’ सभामुख ने जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए गए विषय से ज्यादा बजट गम्भीर विषय है ऐसा मैं नहीं कह रहा हूं। ‘मैंने यह नहीं कहा कि यह मामला गम्भीर नहीं है। लेकिन हम कार्यसूची में जिन विषयों को शामिल किया गया है, उन्हें आगे बढ़ाने का प्रयास करें। आपके द्वारा उठाए गए विषय पर सरकार ध्यान दे रही है और संवाद जारी है।’ सभामुख ने स्पष्ट किया। राप्रपा की प्रमुख सचेतक खुश्बू ओली ने भी सभामुख से आग्रह किया कि वे दबाव बनाने वाले तरीके से सदन संचालित करने से बचें। ओली ने कहा, ‘मैं आपसे निवेदन करती हूं कि आज फिर दबाव डालने की बजाय सभी दलों के शीर्ष नेताओं और सांसदों को बुलाकर चर्चा करें। हमें इस विषय को राष्ट्र की गरिमा से जोड़कर देखना होगा।’ सभामुख अर्याल ने जवाब देते हुए कहा कि हमारी ओर से संवाद जारी है, इसलिए आप आश्वस्त रहें। उन्होंने कहा, ‘सम्मानित सदस्यों द्वारा उठाए गए विषयों पर मेरा ध्यान गया है। सरकार ने भी इसे गंभीरता से लिया है। सरकार इसका समाधान पेश करेगी और मैं विपक्षी दल के नेताओं के साथ नियमित संवाद करता रहता हूं।’ हालांकि संसद संचालन संबंधी प्रश्नोत्तर के बावजूद सहमति नहीं बनी। सभामुख ने आकस्मिक वक्तृत्व के लिए मुख्य विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस के नेता भीष्मराज आङदाम्बे लाई भी समय दिया। विपक्षी के विरोध के बीच सभामुख ने राष्ट्रपति से प्राप्त प्रमाणीकरण वाले विधेयक संबंधी पत्र पढ़कर सुनाया। प्रतिनिधि सभा निर्वाचन अधिनियम संशोधन विधेयक और मतदाता नामावली अधिनियम संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति द्वारा प्रमाणित किया गया है। इसके पश्चात विपक्षी सांसदों के वेल घेराव के कारण सभामुख ने राष्ट्रपति कार्यालय का पत्र पढ़कर सदन को जानकारी दी। तत्पश्चात बैठक का बाकी कार्यसूची आगे नहीं बढ़ा और अगली बैठक २५ जेठ के लिए स्थगित कर दी गई।

शिक्षक महासंघ की मांगें और शिकायतें

फाइल तस्वीर


समाचार सारांश

संपादकीय रूप से समीक्षा किया गया।

  • शिक्षक महासंघ ने प्रारंभिक बालशिक्षा के शिक्षकों और विद्यालय कर्मचारियों की पारिश्रमिक समस्याओं को सरकार द्वारा बजट में नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है।
  • कुल बजट का 20 प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र में निवेश करने की मांग के विपरीत, सरकार ने केवल 10.27 प्रतिशत बजट का आवंटन किया है, महासंघ ने यह जानकारी दी।
  • महासंघ ने 2082 वैशाख 17 को सरकार के साथ हुए 9 बिंदुओं के समझौते को तत्काल लागू करने और विद्यालय शिक्षा अधिनियम जारी करने की मांग की है।

19 वैशाख, काठमांडू। शिक्षक महासंघ ने बताया है कि सरकार ने प्रारंभिक बालशिक्षा के शिक्षकों एवं विद्यालय कर्मचारियों की परेशानियों का समाधान नहीं किया है।

महासंघ ने अपनी विज्ञप्ति में कहा है, ‘बजट ने लंबे समय से न्यूनतम वेतन पर काम कर रहे प्रारंभिक बालशिक्षा के शिक्षकों और विद्यालय कर्मचारियों की समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया है, साथ ही विद्यालयों में कार्यरत शिक्षण अनुदान प्राप्त शिक्षकों के लिए महंगाई भत्ता भी सुनिश्चित नहीं किया गया है।’

महासंघ ने प्रारंभिक बालशिक्षा के शिक्षकों और विद्यालय कर्मचारियों के पद और स्तर निर्धारित कर वेतन-वृद्धि और अन्य सेवा सुविधाएँ प्रदान करने तथा सभी शिक्षण अनुदान प्राप्त शिक्षकों को महंगाई भत्ता देने की मांग की है।

बजट में शिक्षक और पेशेवर वर्ग की पारिश्रमिक वृद्धि सकारात्मक है, लेकिन शिक्षा क्षेत्र में उचित निवेश नहीं हुआ है, महासंघ ने कहा।

‘कुल बजट का 20 प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र में निवेश करने की लगातार मांग के बावजूद इस वर्ष केवल 10.27 प्रतिशत बजट आवंटित होना यह दर्शाता है कि शिक्षा क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता में नहीं है,’ विज्ञप्ति में कहा गया है।

50 यूनिट से अधिक विद्युत खपत पर 5 प्रतिशत वैट लगाने के प्रावधान से लगातार आर्थिक तंगी झेल रहे सामुदायिक विद्यालयों और नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, महासंघ ने चिंता जताई है।

2082 वैशाख 17 को सरकार के साथ हुए 9 बिंदुओं के समझौते को तुरंत लागू कर विद्यालय शिक्षा अधिनियम जारी करने की महासंघ ने फिर से मांग की है।

प्रतिनिधि सभा नियमावली 2083: संसद में क्यों उठा विवाद और तनाव?

प्रतिनिधि सभा में प्रस्तावित नियमावली का विरोध करते हुए विपक्षी दल के सांसद

तस्वीर स्रोत, Nepal Photo Library

तस्वीर का कैप्शन, नियमावली पारित करते समय प्रतिनिधि सभा में तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई थी

विपक्षी सांसदों ने कड़ी असंतोष जताई, बावजूद इसके रविवार रात प्रतिनिधि सभा ने नई नियमावली पारित कर दी। पारित करते समय संसद के कार्यस्थल पर नाटकीय दृश्यों का सामना करना पड़ा।

विपक्षी दलों का रोष अभी शांत नहीं हुआ है। उनसे बातचीत में दो मुख्य मदों पर सबसे अधिक असहमति देखने को मिली।

उनका मानना है कि नई नियमावली के धारा 140(11) और धारा 259 विवाद के प्रमुख कारण हैं।

विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए धाराएँ क्या हैं?

धारा 140(11) संविधान संशोधन विधेयक की कार्यप्रणाली से संबंध रखती है, जबकि धारा 259 नियमावली को सांसदों के विशेषाधिकार से जोड़ती है।

विपक्षी दल दावा करते हैं कि सत्तारूढ़ दल ने बहुमत के बल पर संविधान का उल्लंघन करते हुए नियमावली को आगे बढ़ाया है, वहीं राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के सांसद इस आरोप को अस्वीकार करते हुए तर्क देते हैं कि संविधान का उल्लंघन नहीं हुआ है।

संसदीय नियमावली २०८३ ने संसद में क्यों उत्पन्न किया विवाद और टकराव?

प्रतिनिधि सभा में प्रस्तावित नियमावली के खिलाफ प्रदर्शन करते विपक्षी सांसद

फोटो स्रोत, नेपाल फोटो लाइब्रेरी

क्याप्शन, प्रतिनिधि सभा में नियमावली पारित करने पर तनाव बढ़ा

विपक्षी सांसदों के तीव्र विरोध के बावजूद, प्रतिनिधि सभाने रविवार रात देर से नई नियमावली पारित कर दी। संसद कक्ष में नाटकीय दृश्य देखने को मिले।

विपक्षी दलों में क्रोध अभी भी शांत नहीं हुआ है। सांसदों के बातचीत से विवाद के दो मुख्य बिंदु सामने आए हैं।

विपक्ष ने नई नियमावली के धारा १४० (११) और २५९ को विवाद के केंद्र में बताया है।

विपक्ष द्वारा उठाए गए मुख्य प्रावधान क्या हैं?

धारा १४० (११) संविधान संशोधन विधेयक से जुड़े प्रक्रिया का वर्णन करता है जबकि धारा २५९ नियमावली में संसदीय विशेषाधिकार संबंधी है।

विपक्षी दलों का कहना है कि बहुमत का लाभ उठाते हुए सरकार ने नियमावली को संविधान उल्लंघन करते हुए लागू किया है। वहीं राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) के सांसद इसे संविधान उल्लंघन से इनकार करते हैं।

मेलबर्न स्टार्स और मेलबर्न रेनेगेड्स एकीकृत होकर नई फ्रेंचाइजी बनाने की तैयारी में

ऑस्ट्रेलियाई बिग बैश लीग क्रिकेट में मेलबर्न स्टार्स और मेलबर्न रेनेगेड्स एक ही नई फ्रेंचाइजी में विलय होने की तैयारी चल रही है। नई एकीकृत फ्रेंचाइजी मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर नए उपनाम और नेवी ब्लू रंग की किट के साथ प्रतिस्पर्धा करेगी। क्रिकेट विक्टोरिया ने अपनी दूसरी लाइसेंस पूरी तरह से बेचने की प्रतिबद्धता जताई है, जिसके बाद यह विलय औपचारिक होगा। 19 जेठ, काठमांडू।

ऑस्ट्रेलियाई बिग बैश लीग (बीबीएल) क्रिकेट में एक महत्वपूर्ण बदलाव आने वाला है, जिसमें मेलबर्न स्टार्स और मेलबर्न रेनेगेड्स का मर्ज होकर एक नई फ्रेंचाइजी बनने की तैयारी है। ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार एवं सेवन स्पोर्ट्स के विशेषज्ञ टॉम मॉरिस ने सामाजिक माध्यम एक्स पर जानकारी दी है कि दोनों क्लबों के स्टाफ को पहले ही इस फैसले से अवगत करा दिया गया है। उनके अनुसार अब मेलबर्न के ये दो टीमें एकीकृत होकर नई विक्टोरियन फ्रेंचाइजी के रूप में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर प्रतिस्पर्धा करेंगी।

नई फ्रेंचाइजी का नाम ‘मेलबर्न’ रखा जाएगा, हालांकि इसका नया उपनाम सार्वजनिक नहीं किया गया है। संभावना है कि टीम नेवी ब्लू रंग की किट पहनने का योजना बना रही है। क्रिकेट विक्टोरिया ने अपनी दूसरी बीबीएल लाइसेंस पूरी तरह से बेचने की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे यह विलय औपचारिक रूप में मान्यता पाएगा। इस निर्णय को बीबीएल इतिहास के सबसे बड़े संरचनात्मक बदलावों में से एक माना जा रहा है।

बुटवल के सुनचांदी की दुकान में चोरी की घटना

समाचार सारांश

  • बुटवल के अमरपथ स्थित तिनाउ सुनचांदी की दुकान से रविवार रात लगभग 80 तोला सونے के आभूषण चोरी हो गए।
  • दुकान का CCTV कैमरा खराब था और संचालक पोखरा गए हुए थे, इसलिए चोरी संदिग्ध लग रही है, पुलिस ने बताया।
  • चोर ने 50 अलग-अलग चाबियों का उपयोग कर दुकान की लॉकर खोलकर सोना चोरी किया है, प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई है।

19 जेठ, बुटवल। बुटवल के प्रमुख व्यापारिक केंद्र अमरपथ स्थित तिनाउ सुनचांदी की दुकान में चोरी हुई है।

दुकान से लगभग 80 तोला के बराबर सونے के गहने और सोना चोरी होने की जानकारी दुकान संचालक दीपक सेन्चुरी ने इलाका पुलिस कार्यालय बुटवल को दी है।

80 तोला सोने की वर्तमान बाजार मूल्य लगभग डेढ़ से ढाई करोड़ रुपये के करीब है।

रात्रि के समय दुकान के चैनल गेट की ताला तोड़कर चोर अंदर दाखिल हुआ। 50 अलग-अलग चाबियों का इस्तेमाल कर लॉकर खोलकर सोने के आभूषण चोरी किए गए हैं, पुलिस ने बताया। डीएसपी निशांत श्रीवास्तव ने प्रारंभिक जांच का विवरण दिया है।

दुकान संचालक दीपक सेन्चुरी के पोखरा जाने के दौरान CCTV कैमरा खराब था और चोरी हुई, इसलिए पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है, डीएसपी श्रीवास्तव ने कहा।

चोरी रविवार रात हुई थी, लेकिन दीपक सेन्चुरी सोमवार शाम को बुटवल लौटकर पुलिस को घटना की सूचना दी।

बुटवल 4, अमरपथ में लगभग 40 वर्षों से चल रही तिनाउ सुनचांदी की यह दुकान इलाका पुलिस कार्यालय बुटवल और अमरपथ पुलिस बिट से नजदीक स्थित है।

दुकान में एक रिश्तेदार और एक कर्मचारी के साथ दो लोगों का स्टाफ था।

प्रारंभिक जांच में पता चला कि CCTV कैमरा खराब होने के समय चोरी की घटना हुई और जिसने कैमरा खराब होने की जानकारी दी, उसकी भी इस मामले में सतर्कता जारी है।

पुलिस विभिन्न पहलुओं से जांच कर जल्द से जल्द चोरों को पकड़ने के प्रयास में है, डीएसपी श्रीवास्तव ने बताया।

प्रमुख व्यापारिक क्षेत्र में चोरी होने के कारण सुनचांदी व्यवसायी चिंतित हैं, सुनचांदी व्यवसायी संघ बुटवल के अध्यक्ष गकुल विश्वकर्मा ने कहा।

उन्होंने कहा, “पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वे जल्द से जल्द घटना में संलिप्तों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई करें।”

कांग्रेस ने अनुशासन समिति की बैठक की तिथि निर्धारित की

नेपाली कांग्रेस की केन्द्रीय अनुशासन समिति ने आगामी जेठ २१ गते, यानी गुरुवार के लिए बैठक बुलाई है। पार्टी के केन्द्रीय कार्यालय सानेपा में दोपहर १ बजे यह बैठक होने वाली है, इसकी जानकारी अनुशासन समिति के सचिव दिनेश थापामगर ने दी है।

दिनेश थापामगर ने बैठक की तिथि और स्थान की पुष्टि की है। इस बैठक में पार्टी के आंतरिक मामलों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

स्वीडेन में वुल्फरिन संरक्षण कार्यक्रम आर्थिक संकट और स्थानीय अविश्वास के कारण संकट में

स्वीडेन में पहले उदाहरणीय माना जाने वाला ‘वल्भरिन’ संरक्षण कार्यक्रम आर्थिक अभाव और स्थानीय समुदाय के अविश्वास के कारण गंभीर संकट में है। सरकार द्वारा २००२ से प्रदान की जा रही प्रोत्साहन राशि में वृद्धि न करने के कारण उत्तरी स्वीडेन में वल्भरिन की संख्या एक तिहाई से भी कम रह गई है। जलवायु परिवर्तन से हिमस्थान में बदलाव और खनन गतिविधियों के कारण वन्यजीव के संरक्षण में कठिनाई आ रही है तथा इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ी है, यह शोध से पता चला है। १९ जेठ, काठमांडू।

स्वीडेन में कुछ समय पहले तक विश्व के लिए मिसाल बनी ‘वल्भरिन’ संरक्षण योजना अब संकट में है। यॉर्क विश्वविद्यालय और स्वीडिश एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अनुसार, बजट वृद्धि न होने और स्थानीय अविश्वास बढ़ने के कारण यह सफल कार्यक्रम असफलता के कगार पर पहुंच गया है। संरक्षण में प्रारंभिक सफलता पर्याप्त नहीं है, दीर्घकालीन सरकारी प्रतिबद्धता अत्यावश्यक है, ऐसा अध्ययन में बताया गया है।

सन् १९९६ में स्वीडेन सरकार ने वन्यजीव और मानव के मध्य संघर्ष कम करने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन योजना शुरू की थी। इसके अंतर्गत रैथाने ‘सामी’ रेंडियर चरवाहों के निवास क्षेत्र में दुर्लभ वल्भरिन संरक्षण के लिए सरकार उन समुदायों को सीधे आर्थिक सहायता देती रही है। वन्यजीव की उपस्थिति स्थानीय आय से जुड़ी होने के कारण पहले वर्षों में वल्भरिन की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई थी, लेकिन पिछले ३० वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि सफलता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण सिद्ध हुआ है।

पिछले दशक की शुरुआत में स्वीडेन के उत्तरी क्षेत्र में दो तिहाई वल्भरिन पाए जाते थे, जबकि अब उनकी संख्या एक तिहाई से भी कम रह गई है। इसका मुख्य कारण पिछले दो दशकों से दिए जा रहे अनुदान में वृद्धि न होना है। सन् २००२ से प्रति वल्भरिन प्रजनन के लिए दो लाख स्वीडिश क्रोना राशि दी जा रही है, लेकिन अब तक इसे बढ़ाया नहीं गया है। महंगाई के कारण इस राशि का वास्तविक मूल्य आधे से भी कम हो गया है। सामी संसद ने इस राशि कम से कम चार लाख ८० हजार क्रोना किये जाने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने सन् २०२४ में मात्र सामान्य वृद्धि प्रस्तावित की।

आर्थिक समस्याओं के साथ ही जलवायु परिवर्तन भी वल्भरिन की गिनती में बड़ी बाधा बन गया है। आर्कटिक क्षेत्र में हिम की हालत में बदलाव ने वन्यजीवों के पदचिह्न चिन्हित करना मुश्किल कर दिया है, जिससे आधिकारिक गणना और वास्तविक संख्या में भारी अंतर देखा गया है। खनन एवं जंगल की कटाई से प्रभावित स्थानीय समुदायों पर संरक्षण के अतिरिक्त आर्थिक दबाव के कारण उनमें प्रणाली के प्रति नाराजगी बढ़ी है, ऐसा शोध में उल्लेख है। स्थानीय समुदायों की आवश्यकताओं को समय पर पूरा न किया गया तो वर्षों की मेहनत से किया गया संरक्षण प्रयास व्यर्थ हो सकता है, वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है।

एसियन गेम्स के लिए नेपाली पुरुष क्रिकेट टीम का चयन

समाचार सार

समीक्षा करके तैयार किया गया।

  • जापान में आयोजित होने वाले एसियाई खेलों के लिए नेपाली पुरुष क्रिकेट टीम का चयन किया गया है।
  • एसियाई खेलों के चयन के दौरान, मलेशिया ने चीन को हराने के बाद समूह ‘ए’ से नेपाल और मलेशिया प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए हैं।
  • नेपाली महिला क्रिकेट टीम चीन से हारने के कारण एसियाई खेलों के लिए चयनित नहीं हो सकी।

19 जेठ, काठमांडू। जापान में आयोजित होने वाले एसियाई खेलों के लिए नेपाली पुरुष क्रिकेट टीम का चयन हो गया है।

एसियाई खेलों के चयन तहत मंगलवार को समूह ‘ए’ के मैच में मलेशिया ने चीन को हराने के बाद मलेशिया के साथ ही नेपाल का चयन भी हुआ है।

चयन प्रतियोगिता में 7 टीमें हिस्सा ले रही थीं, जिन्हें दो समूहों में बांटा गया था। हर समूह से शीर्ष 2 टीमें सेमीफाइनल में प्रवेश करती हैं और सेमीफाइनल में पहुंचने वाली चार टीमें एसियाई खेलों के लिए स्थान सुनिश्चित करती हैं।

नेपाल के समूह में केवल मलेशिया और चीन की टीमें थीं। कतार ने नाम वापस लेने के कारण, नेपाल और मलेशिया ने एक-एक मैच जीतकर शीर्ष 2 टीमों के तौर पर चयन पक्का किया।

नेपाल ने रविवार को हुए मैच में चीन को हराया था। अब गुरुवार को नेपाल और मलेशिया के बीच समूह विजेता बनने के लिए मुकाबला होगा।

नेपाली महिला क्रिकेट टीम को चीन से हार का सामना करना पड़ा, जिसके चलते वह एसियाई खेलों के लिए चयनित नहीं हो सकी।

हर्क साम्पाङले खोजे संसद्‌मा प्रधानमन्त्री बालेनको हाजिरी

हर्क साम्पाङ ने संसद में प्रधानमंत्री बालेन शाह की हाजिरी की मांग की

श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष हर्क साम्पाङ ने प्रतिनिधिसभा नियमावली के अनुसार प्रधानमंत्री बालेन शाह ने संसद में हाजिरी दी है या नहीं, इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने संसद की बैठक में हाजिर न होने पर प्रधानमंत्री के सांसद पद और प्रधानमंत्री पद स्वतः समाप्त होने का दावा भी किया है। साम्पाङ ने नेपाल द्वारा भारत की जमीन अतिक्रमित किए जाने के मामले में स्पष्टता की मांग करते हुए कहा कि यदि गलती हुई है तो प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए।

१९ जेठ, काठमांडू। श्रम संस्कृति पार्टी के अध्यक्ष हर्क साम्पाङ ने संसद में प्रधानमंत्री बालेन शाह की हाजिरी का सवाल उठाया है। प्रतिनिधिसभा नियमावली के नियम ४ के अनुसार, सभा की बैठक में आसन ग्रहण करने से पहले प्रत्येक सदस्य को बैठक कक्ष के बाहर उपकक्ष में रखी गई हाजिरी पुस्तिका या इलेक्ट्रॉनिक उपस्थिति उपकरण में अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होती है। सचिवालय सदस्य की उपस्थिति की जानकारी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सार्वजनिक कर सकता है।

नियमावली के इसी नियम के आधार पर साम्पाङ ने प्रधानमंत्री बालेन शाह की हाजिरी मांगी। उन्होंने पूछा, ‘प्रधानमंत्री जी यहां आने पर हाजिर हुए हैं या नहीं?’ साम्पाङ ने कहा, ‘यदि उन्होंने हाजिरी नहीं दी तो उन्हें प्रतिनिधिसभा का सदस्य मानना ही नहीं चाहिए।’ सदस्य न होने पर उनका तर्क है कि प्रधानमंत्री पद भी स्वतः रद्द हो जाएगा। साथ ही, प्रधानमंत्री को यह बताना चाहिए कि नेपाल ने भारत की जमीन कहां-कहां छीनी है और अगर गलती हुई है तो माफी मांगनी चाहिए।

गर्मी में सातु खाना क्यों उपयुक्त माना जाता है?

गेड़ागुड़ी को भूनकर पीसकर तैयार किया जाने वाला सातु नेपाली समुदाय में पारंपरिक, सुपाच्य और ऊर्जादायक आहार है। सातु नेपाल में अत्यंत लोकप्रिय पारंपरिक भोजन के रूप में माना जाता है। इसके साथ जुड़े कई कथाएं और किस्से हमारे समाज में प्रचलित हैं जो इसे पूर्वी सभ्यता के प्राचीन खाद्य पदार्थ के रूप में दर्शाते हैं। मकई, जौ, गेहूं, भटमास, चना जैसे गेड़ागुड़ी को भूनकर पीसकर सातु बनाया जाता है। स्वादानुसार अन्य गेड़ागुड़ी भी मिलाई जा सकती हैं और चीनी या गूड़ जैसी मिठास भी डाली जाती है। तैयार सातु को दूध, दही या मोही के साथ सेवन करने पर स्वाद और भी बढ़ जाता है। नेपाल में अक्षय तृतीया के दिन सातु और सर्वत बांटने की परंपरा है। विशेष रूप से गर्मी के मौसम में सातु के सेवन को सराहा जाता है। यह आसानी से पचने वाला, ठंडक देने वाला और ऊर्जा देने वाला आहार होता है।

गर्मी के दौरान शरीर को ठंडा रखने, निर्जलीकरण से बचाने और आवश्यक पोषण प्रदान करने के लिए सातु एक उत्कृष्ट विकल्प माना जाता है। पुराने ज़माने में लोग लंबी यात्राओं में सातु साथ लेकर चलते थे क्योंकि इसका वहन आसान था और यह लंबे समय तक खराब नहीं होता था, जिससे भूख और भोजन की कमी के बावजूद शरीर को आवश्यक ऊर्जा मिलती थी। आजकल भी संतुलित आहार के लिए सुबह सातु का सेवन जैसे चना और जौ की सातु करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। सातु में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्व अत्यंत समृद्ध हैं। 100 ग्राम सातु में औसतन 20-26 ग्राम प्रोटीन, 60-65 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 9-18 ग्राम फाइबर, 5-7 ग्राम फैट और 380-413 किलो कैलोरी ऊर्जा होती है। इसमें कैल्शियम (150-380 मिग्रा), मैग्नीशियम (180-270 मिग्रा), आयरन (8-9 मिग्रा) और पोटैशियम (825-900 मिग्रा) जैसे खनिज पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं।

सातु प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत है जो मांसपेशियों के निर्माण और शरीर की मरम्मत में सहायता करता है। उच्च फाइबर पाचन प्रक्रिया को सुधारता है और लंबे समय तक पेट भरा रहने का अनुभव कराता है। इसकी कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (30-35) रक्त शर्करा नियंत्रण में मदद करती है, जो गर्मी में मधुमेह रोगियों के लिए लाभकारी है। आयुर्वेद के अनुसार सातु ठंडक प्रदान करने वाला खाद्य पदार्थ है। गर्मी में शरीर का तापमान बढ़ने से पित्त दोष उत्पन्न होता है। सातु पित्त दोष को कम करने में सहायक होता है। पानी में मिलाकर सेवन करने से शरीर का आंतरिक तापमान कम होता है और गर्मी से होने वाली जलन, थकान तथा सिरदर्द जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।