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लेखक: space4knews

ईरानी सभापति का विवादित दावा: अमेरिका ईरान पर जमीनी हमले की गुप्त योजना बना रहा है

ईरान के सभापति मोहम्मद बागेर कालिबाफ ने अमेरिका पर ईरान पर जमीनी हमला करने की गुप्त योजना बनाने का आरोप लगाया है। अमेरिकी समाचार पत्र ‘वाशिंगटन पोस्ट’ ने पेंटागन द्वारा ईरान में संभावित ‘ग्राउंड ऑफेंसिव’ का खाका तैयार किए जाने की पुष्टि की है। एशिया से हजारों अमेरिकी सैनिकों को मध्य पूर्व में तैनात किए जाने से युद्ध की संभावना बढ़ गई है और राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा अंतिम स्वीकृति देने या न देने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

कालिबाफ ने रविवार को एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान पर जमीनी हमले की गुप्त योजना बना रहा है। सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ के माध्यम से जारी बयान में कालिबाफ ने आरोप लगाया कि अमेरिका बाहर से वार्ता और कूटनीति की बातें कर रहा है, लेकिन अंदरूनी तौर पर सैन्य हमले की तैयारी कर रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘हमारे सैनिक अमेरिकी सेना को आग में झोंकने और उनके क्षेत्रीय सहयोगियों को सदाबहार सबक सिखाने का इंतजार कर रहे हैं।’

कालिबाफ ने कहा कि देश वर्तमान में “महासंकट की घड़ी” से गुजर रहा है और ईरानी जनता से एकजुट होने का आह्वान भी किया। इसी बीच, अमेरिकी पत्रिका ‘वाशिंगटन पोस्ट’ ने यह भी पुष्टि की कि पेंटागन कुछ हफ्तों से ईरान में संभावित ‘ग्राउंड ऑफेंसिव’ की योजना बना रहा है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पुराने वादे के कारण कि वे अमेरिकी सैनिकों को विदेशी युद्ध में नहीं भेजेंगे, इस योजना को अंतिम मंजूरी मिलने में अनिश्चितता है।

विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शुक्रवार को कहा था कि अमेरिका हवाई हमलों के माध्यम से अपने लक्ष्यों को पूरा कर सकता है और ‘बूट ऑन द ग्राउंड’ की जरूरत नहीं है। लेकिन, हाल के हफ्तों में एशिया से हजारों अमेरिकी मैरीन और 82वीं एयरबोर्न डिविजन के पैराट्रूपर्स को मध्य पूर्व में तैनात किए जाने से युद्ध का खतरा और बढ़ गया है। सामरिक विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका ईरान के 90 प्रतिशत तेल निर्यात का मुख्य केंद्र ‘खर्ग द्वीप’ को निशाना बना सकता है, जिस द्वीप पर कब्जा जमा लेना राष्ट्रपति ट्रम्प 1988 से चाहते आए हैं।

म्याद थपपछि लेखकलाई २ नम्बर गणमै राखिने, ओली अस्पतालमै

म्याद थप केपछि रमेश लेखकलाई नेपाल प्रहरीको २ नम्बर गणमा राख्ने, ओली अस्पतालमा उपचाररत

पूर्वप्रधानमन्त्री तथा नेकपा एमालेका अध्यक्ष केपी शर्मा ओली स्वास्थ्य अवस्थामा समस्या भएका कारण त्रिवि शिक्षण अस्पतालमा राखिएका छन्। पूर्वन्यायाधीश गौरीबहादुर कार्की नेतृत्वको आयोगले ओली र रमेश लेखकलाई ज्यानसम्बन्धी आरोपमा दोषी ठहर गर्दै अनुसन्धानका लागि सिफारिस गरेको थियो। सरकारले मन्त्रिपरिषद्ले उक्त सिफारिस लागू गर्ने निर्णय गरिसकेको छ। १५ चैत, काठमाडौं।

जिल्ला अदालत काठमाडौंले पाँच दिनको हिरासत म्याद थप गरेपछि पूर्वगृहमन्त्री रमेश लेखकलाई नेपाल प्रहरीको महाराजगञ्जस्थित २ नम्बर गणमै राख्ने निर्णय भएको छ। शनिवार पक्राउ परेका लेखकलाई अहिलेसम्म २ नम्बर गणमै राखेर बयान लिइरहेको जानकारी दिइएको छ। जिल्ला प्रहरी परिसर काठमाडौंका एसएसपी रमेश थापाले भने, ‘उहाँ (रमेश लेखक)लाई २ नम्बर गणमै राखेर अनुसन्धानको काम गरिरहेका छौं। म्याद थप भए पनि उहाँलाई त्यही गणमै राखिएको छ।’

सामान्यतया आवश्यक अनुसन्धान अवस्थामा अनुसन्धान हुनुपर्ने प्रहरी कार्यालयको हिरासतमै राखिन्छ। हिरासत नहुँदा मात्र अन्य कार्यालयमा राखिन्छ। तर, उच्च प्रोफाइल व्यक्तित्व र पूर्वगृहमन्त्री समेत रहेका लेखकलाई सुरक्षा कारणले २ नम्बर गणमै राखिएको हो। परिसर काठमाडौंको भद्रकालीमा भएकाले त्यहाँ भिड बढ्ने सम्भावना र प्रहरी अन्य नियमित कार्यहरूमा व्यस्त हुने भएकाले सुरक्षा बेहोर्न लेखकलाई २ नम्बर गणमै राखिएको एसएसपी थापाले बताए।

त्यसैगरी, पाँच दिनको हिरासत म्याद थप भएका पूर्वप्रधानमन्त्री तथा नेकपा एमालेका अध्यक्ष केपी शर्मा ओली त्रिवि शिक्षण अस्पतालमै राखिने छन्। उनको स्वास्थ्यमा सुधारका लागि अस्पतालमै उपचार जारी छ। काठमाडौं जिल्ला अदालतले आइतबार दिएको म्याद सम्बन्धी आदेशमा उपचारको व्यवस्था मिलाउन भनेकोले उनी अस्पतालमै छन्, एसएसपी थापाले बताए। गत साउन २३ र २४ गतेको जेनेरिक आन्दोलनको समयमा उनीहरू प्रधानमन्त्री र गृहमन्त्रीका रूपमा कार्यरत थिए। उक्त घटनाको छानबिनका लागि गठित पूर्वन्यायाधीश कार्की नेतृत्वको आयोगले ओली र लेखक दुवैलाई दोषी देखाउँदै ज्यानसम्बन्धी कसुरमा अनुसन्धान गर्न सिफारिस गरेको थियो। मन्त्रिपरिषद्ले शुक्रबार उक्त आयोगको प्रतिवेदन कार्यान्वयन गर्ने निर्णय गरेको थियो। त्यसपछि शनिबार बिहान ओली र लेखकलाई पक्राउ गरिएको थियो।

सैनिक वार कॉलेज में उच्च कमान प्रशिक्षण शुरू

१५ चैत, काठमाडौं। नेपाली सैनिक वार कॉलेज, नगरकोट में उच्च कमान तथा प्रबंधन प्रशिक्षण शुरू किया गया है। नेपाली सेना के बलअधिकारी रथी प्रदीप जंग केसी ने रविवार को इस प्रशिक्षण का उद्घाटन किया। यह प्रशिक्षण सी. सं. १४ बैच के अंतर्गत है। नेपाली सेना के रथी एवं अधिकारियों की उपस्थिति में यह प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य व्यावसायिक क्षमता, ज्ञान और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना है। इसमें ३५ महासैनिक दर्जे के अधिकारियों ने भाग लिया है, जो नेपाल में संचालित होने वाले सबसे उच्च स्तरीय प्रशिक्षणों में से एक है। २०७१ साल से नेपाली सैनिक वार कॉलेज में यह प्रशिक्षण लगातार आयोजित हो रहा है। अब तक ३७५ अधिकारी इस प्रशिक्षण से गुजर चुके हैं।

इजरायल के सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले करने वाले हूथी विद्रोही कौन हैं?

समाचार सारांश

संपादकीय समीक्षा पर आधारित।

  • यमन के हूथी विद्रोहियों ने 28 मार्च को इजरायल के संवेदनशील सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमला किया।
  • हुथी समूह ने इजरायली सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया और इस अभियान को फिलिस्तीन व ईरान के खिलाफ जारी रखने का ऐलान किया है।
  • इस हमले ने लाल सागर के व्यापार मार्ग में अनिश्चितता बढ़ा दी है और वैश्विक ऊर्जा संकट व आर्थिक मंदी का खतरा पैदा किया है।

यमन के उत्तरी पहाड़ी क्षेत्र से उभरे हुथी विद्रोहियों ने शनिवार को इजरायल के “संवेदनशील सैन्य ठिकानों” पर मिसाइल दागी। यह हमला ईरान के खिलाफ अमेरिका व इजरायल द्वारा शुरू किए गए एक महीने के युद्ध में हुथी समूह का औपचारिक और आक्रामक प्रवेश माना जा रहा है।

हुथी सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने अल-मसिरा टेलीविजन पर इजरायली सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा, “हमने इजरायली सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया है और यह अभियान फिलिस्तीन और ईरान के खिलाफ के आक्रमण जारी रहने तक चलेगा।”

इजरायल ने अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने का दावा किया है, लेकिन इस घटना ने लाल सागर के व्यापारिक मार्ग में पुनः अस्थिरता और तनाव बढ़ा दिया है।

हुथी विद्रोहियों का उद्भव

हुथी समूह को आधिकारिक रूप से ‘अंसार अल्लाह’ (ईश्वर के समर्थक) कहा जाता है। यह यमन के उत्तरी सादा प्रांत से निकला एक सशस्त्र धार्मिक और राजनीतिक समूह है। हुथी समूह की उत्पत्ति समझने के लिए यूमन के हजारों साल पुराने धार्मिक इतिहास को समझना आवश्यक है। ये ज्यादातर ज़ैदी शिया मुस्लिम समुदाय से जुड़े हैं, जो शिया इस्लाम की एक शाखा है जो कुछ प्रथाओं में सुन्नियों के करीब होती है।

ईरान के लिए हुथी समूह सौदी अरब को दबाव में रखने और लाल सागर में इजरायल तथा पश्चिमी शक्तियों के समुद्री मार्ग को चुनौती देने वाला प्रमुख हथियार हैं। हिज़्बुल्लाह और हमास की तरह, हूथी भी ईरान के ‘प्रतिरोध अक्ष’ के मुख्य स्तंभ हैं।

सन् 897 से 1962 तक, लगभग एक हजार वर्षों तक यमन के उत्तरी पहाड़ी इलाके में ज़ैदी इमाम शासन करते रहे। पैगंबर मुहम्मद की वंशावली (अह्ल अल-बायत) से आने वाले इन नेताओं के लिए अन्याय के खिलाफ विद्रोह करना धार्मिक कर्तव्य माना जाता था। इसी ‘खुरुज’ (विद्रोह) की अवधारणा ने वर्तमान हुथी आंदोलन की वैचारिक नींव रखी।

1962 का सैन्य ‘विद्रोह’ और इमामत का अंत

यमन के आधुनिक इतिहास में 1962 महत्वपूर्ण वर्ष था। उस वर्ष हुए सैन्य विद्रोह ने हजार वर्षों पुराने ज़ैदी इमामत का अंत कर दिया और ‘यमन अरब गणराज्य’ (उत्तर यमन) की स्थापना हुई।

इस विद्रोह ने ज़ैदी समुदाय को राजनीतिक रूप से कमज़ोर कर दिया। मिस्र के गमाल अब्देल नासिर ने गणतंत्रवादियों का समर्थन किया जबकि सऊदी अरब ने इमामत के समर्थकों का पल्ला पकड़ा। इससे यमन एक लंबे गृहयुद्ध में फंस गया, जिसका प्रभाव आज के हूथी विद्रोहियों में भी देखा जाता है। वे स्वयं को वह खोई हुई राजनीतिक और धार्मिक सत्ता वापस लाने वाले योद्धा मानते हैं।

यमन के आंतरिक संघर्ष में धार्मिक रंग इसलिए भी गहरा हो गया जब पड़ोसी सऊदी अरब ने यमन के उत्तरी क्षेत्र में ‘वाहाबी’ और ‘सलाफी’ (कट्टर सुन्नी) विचारधारा फैलाना शुरू की।

1980 के दशक में सऊदी अरब ने सादा प्रांत (हूथी क्षेत्र) में मदरसों पर भारी निवेश किया। ज़ैदी विद्वानों ने इसे अपनी पहचान पर खतरा माना। इसके बाद हुसैन बद्र अल-दीन अल-हूथी ने धार्मिक शिक्षा और युवाओं को संगठित करना शुरू किया। यह केवल धार्मिक विवाद नहीं बल्कि यमन की मौलिक पहचान एवं विदेशी हस्तक्षेप के बीच संघर्ष था।

1990 के दशक में यमन के एकीकरण के बाद, सऊदी अरब के ‘वाहाबी’ प्रभाव में वृद्धि और अमेरिकी समर्थित यमनी सरकार के विरुद्ध यह आंदोलन शुरू हुआ। संस्थापक हुसैन बद्र अल-दीन अल-हूथी ने 1992 में ‘विश्वास रखने वाले युवा’ नामक कार्यक्रम शुरू किया ताकि ज़ैदी पहचान को बचाया जा सके।

2003 के इराक युद्ध के बाद हुसैन ने अमेरिका और इजरायल विरोधी नारा को अपना मुख्य मंत्र बनाया। जब सरकार ने उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की, तो 2004 में सादा पहाड़ से उनका पहला सशस्त्र विद्रोह शुरू हुआ। उसी वर्ष 10 सितंबर को हुसैन की मृत्यु हो गई। उनके निधन के बाद आंदोलन कमजोर होने की बजाय और मजबूत हुआ। नेतृत्व उनके भाई अब्दुल मलिक अल-हूथी ने संभाला और विभिन्न ज़ैदी कमांडरों को एक सैन्य कमान में लाया।

विद्रोह से सत्ता तक का सफर और गृहयुद्ध की आग

2011 की ‘अरब स्प्रिंग’ क्रांति ने यमन के 33 सालों के सालेह शासन को हिला दिया। हूथी समूह ने साना में हुए प्रदर्शनों में मुख्य भूमिका निभाई।

सालेह के सत्ता छोड़ने के बाद उपराष्ट्रपति अब्द-रब्बु मंसूर हादी ने सरकार संभाली। लेकिन उनकी सरकार कमजोर और भ्रष्ट साबित हुई। हूथी समूह ने जनता की असंतुष्टि का लाभ उठाते हुए 2014 में साना में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू किए। 21 सितंबर 2014 को हुथी लड़ाकुओं ने राजधानी साना पर कब्ज़ा कर लिया और हादी सरकार को पलायन करने को मजबूर कर दिया। इससे यमन का इतिहास चिरपरिचित तरीके से बदल गया और भीषण गृहयुद्ध शुरू हुआ। 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व में दस देशों के सैन्य गठबंधन ने हुथी समूह को रोकने के लिए ‘ऑपरेशन डिसाइसिव स्टॉर्म’ शुरू किया।

अब्दुल मलिक अल-हूथी ने लाल सागर में जहाजों को पूरी तरह नष्ट करने की चेतावनी दी है यदि ‘रेड लाइन’ पार की गई। इससे वैश्विक ऊर्जा संकट और आर्थिक मंदी का खतरा बढ़ा है।

सऊदी अरब का उद्देश्य हादी सरकार की पुनर्स्थापना करना और ईरान समर्थित हुथी समूह को सीमाओं से बाहर निकालना था। लेकिन यह युद्ध सऊदी के लिए आसान नहीं रहा। हुथी समूह ने धमाके वाले युद्धकेला से सऊदी की आधुनिक सैन्य तकनीक को चुनौती दी। वहीं, ईरान ने उन्हें अत्याधुनिक ड्रोन और मिसाइल तकनीक उपलब्ध कराई। परिणामस्वरूप, हुथी समूह ने सऊदी और संयुक्त अरब अमीरात के तेल प्रसंस्करण केंद्रों और हवाई अड्डों पर हमले की क्षमता विकसित की।

यह युद्ध अंततः ईरान और सऊदी अरब के बीच एक ‘प्रॉक्सी’ युद्ध बन गया। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, यह दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक है, जिसमें अब तक लगभग 4 लाख लोगों की जान गई है और 40 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं।

ईरान के साथ संबंध और ‘प्रतिरोध अक्ष’

हुथी समूह ईरान के क्षेत्रीय रणनीतिक सहयोगी के रूप में बेहद प्रभावशाली हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) उन्हें अत्याधुनिक ड्रोन, बैलिस्टिक मिसाइल और सैन्य प्रशिक्षण प्रदान करता है।

हुथी समूह ने ईरानी तकनीक की मदद से “पैलेस्टीन-2” जैसे शक्तिशाली मिसाइल विकसित किए हैं, जो 2,150 किलोमीटर से अधिक की दूरी तक मार कर सकते हैं।

ईरान के लिए, ये हुथी समूह सौदी अरब को दबाव में रखने और लाल सागर में इजरायल तथा पश्चिमी शक्तियों के समुद्री मार्ग को चुनौती देने का मुख्य हथियार बन गए हैं। हिज़्बुल्लाह और हमास की तरह, हुथी भी ईरान के ‘प्रतिरोध अक्ष’ के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

लाल सागर पर हमले: विश्व व्यापार के प्रमुख मार्ग पर प्रहार

2022 तक यह द्वंद्व अपेक्षाकृत स्थिर था। सऊदी अरब और हुथी समूह के बीच लंबे समय से युद्धविराम के लिए गोपनीय और खुले वार्ताएं चल रही थीं। लेकिन 7 अक्टूबर 2023 के बाद, हुथी समूह ने फिलिस्तीन का समर्थन करते हुए लाल सागर में जहाजों पर लगातार हमले शुरू किए। उन्होंने लाल सागर और ‘बाब अल-मंदेब’ स्ट्रेट में इजरायल और पश्चिमी जहाजों को निशाना बनाकर लगातार हमले किए, जिनका प्रभाव विश्वव्यापी था।

यह मार्ग विश्व व्यापार का लगभग 15% हिस्सा संभालता है। यहां असुरक्षा बढ़ने के कारण जहाज अफ्रीका के ‘केप ऑफ गुड हूप’ से होकर जाना मजबूर हुए, जिससे परिवहन समय 9 दिनों तक बढ़ गया और लागत 2 से 3 गुना हो गई।

ईंधन और वस्तुओं की परिवहन लागत बढ़ने के कारण नेपाल जैसे विकासशील देशों में वस्तु कीमतों में भारी वृद्धि हुई, जिससे वैश्विक मुद्रास्फीति में इजाफा हुआ।

2026 का ईरान-इजरायल युद्ध और हुथी समूह का ‘तीसरा मोर्चा’

फरवरी और मार्च 2026 में, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के परमाणु स्थलों पर हमले किए, तब हुथी समूह ने औपचारिक रूप से युद्ध में प्रवेश किया। 28 मार्च को इजरायली सैन्य लक्ष्यों पर मिसाइल प्रहार इसी का नवीनतम संकेत है।

अब्दुल मलिक अल-हूथी ने कहा है कि यदि लाल सागर में ‘रेड लाइन’ की उल्लंघन हुई तो वे वहां जहाजों को पूरी तरह नष्ट कर देंगे। इससे वैश्विक ऊर्जा संकट और आर्थिक मंदी का खतरा फिर से बढ़ गया है। क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और लाल सागर दोनों महत्वपूर्ण समुद्री चोकप्वाइंट हैं, इनके प्रभावित होने से विश्व की तेल आपूर्ति ठप होने की संभावना है।

नीता ढुंगानाले निर्देशन गर्ने ‘पार्वती’ जनैपूर्णिमामा आउने

नीता ढुंगानाको निर्देशनमा फिल्म ‘पार्वती’ जनैपूर्णिमामा प्रदर्शन गरिने

फिल्म ‘पार्वती’ले छायांकन सुरु हुनुअघि नै १२ भदौदेखि प्रदर्शनको मिति घोषणा गरेको छ। निर्देशक नीता ढुंगानाले वितरकसँगको सल्लाह अनुसार यो मिति तय भएको जानकारी दिइन्। फिल्ममा नीता ढुंगाना, दीपाश्री निरौला, अशोक दर्जी लगायत कलाकारको अभिनय रहनेछ र छायांकन २४ चैतदेखि सुरु गरिनेछ।

काठमाडौं। नीता ढुंगाना फिल्म्सको व्यानरमा निर्माण हुँदै गरेको फिल्म ‘पार्वती’ले छायांकन सुरु हुनुअघि नै प्रदर्शन मितिको घोषणा गरेको छ। स्रोतका अनुसार, यो फिल्म जनैपूर्णिमा र रक्षाबन्धनको अवसरमा १२ भदौदेखि प्रदर्शनमा आउने छ। छायांकन २४ चैतदेखि सुरु गरिने जानकारी पनि उपलब्ध भएको छ। निर्देशक नीता ढुंगानाले वितरकसँगको परामर्शमा प्रदर्शन मिति तय गरिएको जानकारी दिइन्।

फिल्ममा मुख्य भूमिकामा स्वयं नीता ढुंगाना हुनेछिन्। उनीसँगै दीपाश्री निरौला, अशोक दर्जी, सिरु बिष्ट, राधिका कँडेल, राज पंगेनी, राजेन्द्र नेपाली र आशा पौडेलले पनि अभिनय गर्दैछन्। पटकथा शिवम अधिकारीले तयार पारेका छन्। छायांकन सुदीप बराल गर्नेछन् भने फिल्ममा ‘कार्टुन्ज क्रू’का नृत्यकलाकारहरू पनि सहभागी छन्। सरोज अधिकारी पहिलो पटक क्रिएटिभ निर्देशकको रूपमा फिल्मको यात्रा सुरु गर्दैछन्।

‘आयोग की रिपोर्ट पर ही भरोसा करके गिरफ्तारी नहीं हो सकती’ – संविधान विशेषज्ञ नीलाम्बर आचार्य

पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को ‘जेन-जी’ आन्दोलन से संबंधित आरोपों में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। संविधान विशेषज्ञ नीलाम्बर आचार्य ने आयोग की रिपोर्ट को पक्षपाती और एकतरफा बताते हुए कहा है कि इसे आधार बनाकर गिरफ्तारी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने भदौ २४ की घटनाओं की भी निष्पक्ष जांच कराए जाने और केवल कानून के अनुसार ही कार्रवाई करने पर ज़ोर दिया।

केपी शर्मा ओली और रमेश लेखक की गिरफ्तारी के बाद इस प्रक्रिया की न्यायसंगतता और प्रतिशोधात्मकता पर विवाद छिड़ा हुआ है। गौरीबहादुर कार्की आयोग की रिपोर्ट पर आरोप है कि इसमें भदौ २३ और २४ की घटनाओं को अलग-अलग कर पूर्वाग्रहपूर्ण प्रस्तुत किया गया है। आचार्य ने कहा, “आयोग की रिपोर्ट पर ही पकड़ बनाकर गिरफ्तारी नहीं हो सकती। सरकार को अपने जांच संस्थानों के माध्यम से जाँच करनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, वह अत्यंत दुखद है। लेकिन क्या भदौ २४ की घटना में जान गंवाने वाले परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा?” आचार्य ने भदौ २४ की घटनाओं में भी निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “घर जलाना, लोगों की हत्या करना, पुलिस की वर्दी छीनना जैसे मामलों में उचित कार्रवाई होनी चाहिए।”

आचार्य ने आयोग की रिपोर्ट को प्रमाण मानकर अदालत में मामला चलाने से मना किया। उन्होंने कहा, “यह रिपोर्ट पूर्वाग्रहपूर्ण, एकतरफा और तिरछी है।” उन्होंने निष्पक्ष आयोग गठन, निष्पक्ष जांच और दोष साबित होने पर ही कार्रवाई होने पर ज़ोर दिया।

रवि लामिछाने के मामले में संशोधन विरोधी बहस सुप्रीम कोर्ट में संपन्न

राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने के मामले में संशोधन से जुड़ा प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में बहस पूरी हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश विनोद शर्मा और अब्दुल अजीज मुसलमान की संयुक्त पीठ में यह बहस हुई। पूर्व महान्यायुक्त सविता भण्डारी ने लामिछाने के खिलाफ मामले संशोधित करने के लिए जिला सरकारी अभियोजन कार्यालय को निर्देश दिया था। १५ चैत्र, काठमांडू।

आज बहस की शुरुआत लामिछाने के पक्ष से पूर्व महान्यायुक्त और वरिष्ठ अधिवक्ता रमणकुमार श्रेष्ठ ने की। उनके बहस के बाद याचिकाकर्ता पक्ष की जवाबी बहस पेश की गई। ‘‘बहस समाप्त हो गई है, न्यायाधीश निर्णय के लिए विचार कर रहे हैं,’’ सुप्रीम कोर्ट के प्रवक्ता अर्जुनप्रसाद कोइराला ने जानकारी दी।

पूर्व महान्यायुक्त सविता भण्डारी बराल ने लामिछाने के खिलाफ काठमांडू, कास्की, पर्सा और रूपन्देही जिला अदालतों में दर्ज संगठित अपराध और संपत्ति शुद्धिकरण से जुड़े मामलों को संशोधित करने के लिए जिला सरकारी अभियोजन कार्यालय को निर्देश दिया था। भण्डारी के इस निर्णय के खिलाफ वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश त्रिपाठी, कानून के छात्र आयुष बडाल और सिन्धुली के युवराज पौडेल ‘सफल’ ने रिट दायर की थी। गत पौष ३० को भण्डारी ने केवल सहकारी ठगी के मामले में ही लामिछाने पर मुकदमा चलाने के लिए सम्बद्ध जिला सरकारी अभियोजन कार्यालय को पत्र द्वारा निर्देशित किया था।

बेटिङ एप र वेबसाइटको बन्द गर्ने प्रक्रिया सुरु – Online Khabar

सट्टेबाजी एप र वेबसाइटहरू बन्द गर्ने प्रक्रिया शुरु

समाचार अनुसार सञ्चार तथा सूचना प्रविधि मन्त्रालयले अनलाइन सट्टेबाजी एपहरू २४ घण्टाभित्र बन्द गर्न नेपाल दूरसञ्चार प्राधिकरणलाई पत्राचार गरेको छ। मन्त्रिपरिषद्को चैत १३ गतेको बैठकले अवैध अनलाइन बेटिङ बन्द गर्ने निर्णय गरेको थियो। सञ्चार मन्त्री डा विक्रम तिमिल्सिनाले डिजिटल शासन र डेटा सञ्चालनमा केन्द्रित भएर सेवा चुस्त र प्रभावकारी बनाउन निर्देशन दिनुभएको छ।

१५ चैत, काठमाडौं। सञ्चार तथा सूचना प्रविधि मन्त्रालयले अनलाइन सट्टेबाजी एप (बेटिङ एप) २४ घण्टाभित्र बन्द गर्न नियामक निकाय नेपाल दूरसञ्चार प्राधिकरणलाई पत्राचार गरेको छ। सञ्चार मन्त्री डा विक्रम तिमिल्सिनाको अध्यक्षतामा आइतबार मन्त्रालयका सचिवसहित महाशाखा प्रमुखहरुसँगको बैठकमा मन्त्री तिमिल्सिनाले बेटिङ एप र सम्बन्धित वेबसाइटहरू बन्द गर्न तुरुन्त निर्देशन दिएसँगै प्राधिकरणले बन्द गर्ने प्रक्रिया सुरु गरेको हो।

सञ्चार मन्त्रीको निर्देशनपछि मन्त्रालयले बेटिङ बन्द गर्न दूरसञ्चार प्राधिकरणलाई पत्राचार गरेको हो। बेटिङ बन्दका लागि अपरेटर्सलाई निर्देशन दिई बन्द प्रक्रिया थालिएको प्राधिकरणका सहायक प्रवक्ताले जानकारी दिएका छन्। मन्त्रिपरिषद्को यही चैत १३ गतेको बैठकले अवैध रूपमा सञ्चालित अनलाइन बेटिङ बन्द गर्ने निर्णय गरेको थियो।

त्यसपछि सञ्चार मन्त्री डा तिमिल्सिनाले मन्त्रालय र सम्बन्धित निकायहरूलाई समन्वय गरी तत्परता देखाउँदै तुरुन्त कारबाही प्रक्रिया अघि बढाउनुभएको छ। मन्त्रिपरिषद्को स्वीकृत १०० बुँदे शासकीय सुधार कार्यसूचीअनुसार सरकारले देशभित्र सञ्चालित सबै सट्टेबाजी एप तथा वेबसाइटलाई २४ घण्टाभित्र पूर्ण रूपमा बन्द गर्ने निर्णय गरेको छ। अवैध आर्थिक कारोबार र पुँजी पलायन रोक्न सरकारले यो निर्णय गरेको बताइएको छ।

आज से शुरू हुआ टीकापुर साहित्य महोत्सव का तीसरा संस्करण


१३ चैत्र, काठमांडू। ‘टीकापुर साहित्य महोत्सव २०८२’ का तीसरा संस्करण आज से शुरू हो रहा है। टीकापुर साहित्य समाज और सुदूरपश्चिम प्रज्ञाप्रतिष्ठान के संयुक्त आयोजन में सांस्कृतिक नगरी टीकापुर में यह महोत्सव आयोजित किया गया है।

चैत १५ तक चलने वाला यह तीन दिवसीय महोत्सव भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति तथा स्थानीय जीवन के विभिन्न पहलुओं को एक मंच पर प्रस्तुत करते हुए राष्ट्रीय स्तर का साहित्यिक और सांस्कृतिक उत्सव बनने की अपेक्षा रखता है, जैसा कि आयोजकों ने बताया है।

इस तीसरे संस्करण को ‘थारू साहित्य और सांस्कृतिक उत्सव’ के रूप में केंद्रित किया गया है। इसका उद्देश्य नेपाल के थारू समुदाय की समृद्ध मौलिकता, परंपरा, लोकजीवन, भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति और जीवनशैली को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करना है।

हम इस प्रयास के माध्यम से सुदूरपश्चिम प्रदेश की साहित्यिक और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत तथा स्थायी बनाकर, बहुभाषीय और बहुसांस्कृतिक सह-अस्तित्व का राष्ट्रीय संदेश देने में विश्वास रखते हैं।

महोत्वस के दौरान विभिन्न विषयों पर कुल २७ सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में भाषा, साहित्य, कला, संगीत, स्थानीय जीवन, इतिहास, पहचान, राजनीति, समाज और समसामयिक विषयों पर गहन चर्चा, विमर्श और संवाद होगा।

देश के प्रतिष्ठित भाषाविद, साहित्यकार, कलाकार, चिंतक, पत्रकार, शोधकर्ता और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी महोत्सव को समृद्ध और गरिमामय बनाएगी, यह जानकारी संस्थापक संयोजक महेशविक्रम शाह ने दी।

तीसरे संस्करण की पहली कड़ी में कर्णाली नदी में जलविहार और थारू सांस्कृतिक नृत्य का प्रदर्शन होगा। दूसरी कड़ी में सड़क नाटक प्रस्तुति, लेखन कार्यशाला और प्रदेश स्तरीय कविता महोत्सव शामिल हैं।

तीसरी कड़ी में नाट्य प्रदर्शन, थारू समुदाय की लोकसंस्कृति का प्रदर्शन, बौद्धिक संवाद, कविता श्रवण, ग़ज़ल श्रवण, संगीत कार्यक्रम तथा सुदूरपश्चिम के देउड़ा गायन और खेलकूद गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।

पत्नी के पैर बांधकर काटने वाले विश्वनाथ सहनी गिरफ्तार

पर्सा जिला पुलिस कार्यालय ने अमानवीय तरीके से अपनी पत्नी का पैर काटकर फरार हुए विश्वनाथ सहनी को गिरफ्तार किया है। सहनी ने गत चैत्र १ गते अपनी पत्नी हरिकलादेवी के हाथ-पैर बांधकर उनके बाएं पैर की एड़ी से ऊपर के हिस्से को धारदार हथियार से काटा था। घायल महिला का बारास्थित एलएस न्यूरो अस्पताल में प्रारंभिक उपचार किया गया था।

जिला पुलिस कार्यालय के प्रवक्ता हरिबहादुर बस्नेत ने बताया कि पत्नी का पैर काटकर फरार हुए विश्वनाथ सहनी को शनिवार को गिरफ्तार किया गया है। गत चैत्र १ गते पर्सागढ़ी नगरपालिका-३ बिरुवा टोला के ३० वर्षीय सहनी ने अपनी पत्नी हरिकलादेवी के हाथ-पैर बांधकर धारदार हथियार का इस्तेमाल करते हुए बाएं पैर की एड़ी से ऊपर के हिस्से को काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। घायल महिला को बारास्थित एलएस न्यूरो अस्पताल में प्राथमिक उपचार प्रदान किया गया था।

मुम्बई इन्डियन्सले कीर्तिमानी ३००औं टी-२० खेल खेल्दै

मुंबई इंडियंस ने खेला कीर्तिमानी 300वां टी-20 मैच

समाचार सारांश

संपादकीय रूप से समीक्षा किया गया।

  • मुंबई इंडियंस आईपीएल में 300वां टी-20 मैच रविवार को वानखेड़े स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ खेलेगा।
  • मुंबई इंडियंस आईपीएल की शुरुआत से लगातार हिस्सा लेने वाली पांच बार की चैंपियन टीम है।
  • हार्दिक पांड्या की कप्तानी में मुंबई टीम में रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ी हैं।

15 चैत्र, काठमांडू। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की टीम मुंबई इंडियंस आज अपनी कीर्तिमानी 300वीं टी-20 मैच खेलने जा रही है।

मुंबई अपनी 300वीं टी-20 मैच के रूप में रविवार शाम वानखेड़े स्टेडियम पर कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकाबला करेगी। इसके साथ ही मुंबई पहली फ्रेंचाइज़ी टीम बनेगी जिसने 300 मैच खेले हैं।

साल 2008 में आईपीएल की शुरुआत के बाद से मुंबई इंडियंस लगातार हिस्सा लेने वाली टीम रही है। मुंबई इंडियंस ने अब तक 5 बार आईपीएल का खिताब जीता है।

मुंबई ने 2013, 2015, 2017, 2019 और 2020 में आईपीएल का खिताब जीता था। इसके बाद से टीम खिताब जीतने में सफल नहीं हो पाई है।

हार्दिक पांड्या की कप्तानी में खेल रही मुंबई टीम में भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।

फ्रेंचाइज़ी के अलावा पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और समरसेट काउंटी क्रिकेट क्लब ने भी 300 से अधिक टी-20 मैच खेल चुके हैं।

आईपीएल की एक और टीम रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर भी 300 मैच के करीब है।

ओली और लेखक की रिहाई की मांग करते हुए एमाले स्याङ्जाले प्रधानमंत्री को विरोध पत्र सौंपा

नेकपा एमाले स्याङ्जाले पूर्वप्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्वगृह मंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को विरोध पत्र सौंपा है। एमाले स्याङ्जाले ओली और लेखक की गिरफ्तारी को असंवैधानिक और राजनीतिक पूर्वाग्रह से प्रेरित बताते हुए आपत्ति व्यक्त की है। पार्टी ने आंदोलन से उत्पन्न सभी परिस्थितियों की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन पर डाली है। १५ चैत, स्याङ्जा।

नेकपा एमाले स्याङ्जाले पूर्वप्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध जताते हुए प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को विरोध पत्र सौंपा है। एमाले जिला समिति स्याङ्जाले पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली समेत पूर्वगृह मंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी पर आपत्ति जताई और विरोध पत्र सौंपा। यह पत्र प्रमुख जिल्ला अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद् कार्यालय, सिंहदरबार भेजा गया है।

एमाले स्याङ्जाले हाल ही गठित सरकार द्वारा गौरी बहादुर कार्की आयोग की रिपोर्ट लागू करने के नाम पर ओली और लेखक को गिरफ्तार किए जाने की घटना को असंवैधानिक और राजनीतिक पूर्वाग्रह से प्रेरित करार देते हुए आपत्ति जताई है। पार्टी ने इस कदम को अलोकतान्त्रिक, प्रतिशोधात्मक और गैरकानूनी बताया है। पार्टी जिला अध्यक्ष सूर्यप्रसाद गैरे के हस्ताक्षरित इस पत्र में आंदोलन से उत्पन्न सभी परिस्थितियों की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन के ऊपर रखी गई है।

गृहमंत्री सुधन गुरुङ ने राष्ट्रीय विपद् जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण का निरीक्षण किया

गृहमंत्री सुधन गुरुङ ने १५ चैत्र को राष्ट्रीय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन प्राधिकरण का निरीक्षण किया है। गुरुङ ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण के दिन ही पुलिस कार्यालय और गृह मंत्रालय से संबंधित विभिन्न निकायों के साथ समन्वय के लिए यह निरीक्षण किया।

१५ चैत्र, काठमाडौं। गृहमंत्री सुधन गुरुङ निरीक्षण के लिए राष्ट्रीय विपद् जोखिम न्यूनीकरण तथा व्यवस्थापन प्राधिकरण पहुंचे हैं। शुक्रवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ लेने के बाद गुरुङ वर्तमान में पुलिस कार्यालय और गृह मंत्रालय से जुड़े विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से निरीक्षण के लिए आए हैं।

इजरायल के तटीय क्षेत्र में 2600 वर्ष पुराने जहाज के अवशेष मिले

भूमध्यसागरीय सागर में, इजरायल के डोर लगून में पुरातत्वविदों ने 2600 वर्ष पुराने प्राचीन जहाज के अवशेष खोजे हैं। हाइफा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अनुसार, उस जहाज में ‘ब्लूम्स’ नामक अप्रक्रियागत नौ लौह टुकड़े पाए गए हैं, जो समुद्र के जरिए ले जाए जाने वाले दुनिया के सबसे पुराने कच्चे लोहे का कार्गो हैं।

इस खोज ने प्राचीन काल में लौह उत्पादन और व्यापार कैसे होते थे, इसके नए तथ्य उजागर किए हैं। मिले हुए लौह के टुकड़ों को भट्टी से निकालने के बाद कोई अन्य क्रिया या ढालने का कार्य किए बिना सीधे परिवहन किया गया प्रतीत होता है। वैज्ञानिकों ने इन लौह के टुकड़ों से जुड़े कोयले के अंशों का रेडियोकार्बन डेटिंग तकनीक से परीक्षण कर यह पुष्टि की है कि ये अवशेष 2600 वर्ष पुराने हैं।

“हेरिटेज साइंस” जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन ने यह सिद्ध किया है कि प्राचीन भूमध्यसागरीय क्षेत्र में लौह उत्पादन और उसे औजारों में बदलने के स्थल अलग-अलग होते थे।

प्रचण्ड बने नेकपा संसदीय दलको नेता – Online Khabar

प्रचण्ड को नेकपा संसदीय दल के नेता के रूप में चयन

फाइल तस्वीर समाचार सारांश नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) के अध्यक्ष पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचण्ड’ को संसदीय दल का नेता चुना गया है। संसदीय दल की बैठक में प्रचण्ड को नेता के रूप में चयनित किया गया, इसकी जानकारी नेकपा के सांसद रमेश मल्ल ने दी। नेकपा ने 21 फागुन को संपन्न प्रतिनिधि सभा सदस्य चुनाव में प्रत्यक्ष तौर पर 8 और समानुपातिक तौर पर 9 सीटें जीती थीं। 15 चैत, काठमांडू। Nepali Communist Party (नेकपा) के अध्यक्ष पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचण्ड’ को संसदीय दल का नेता चुना गया है। नेकपा के सांसद रमेश मल्ल के अनुसार, रविवार को हुई संसदीय दल की बैठक में प्रचण्ड को संसदीय दल का नेता चुना गया। 21 फागुन को संपन्न प्रतिनिधि सभा सदस्य चुनाव में नेकपा ने प्रत्यक्ष निर्वाचन में 8 सीटें और समानुपातिक निर्वाचन में 9 सीटें जीती थीं।